Noida pharma investment: नोएडा में फार्मा सेक्टर को बड़ी सौगात, मेडिकल डिवाइस पार्क में 587 करोड़ का निवेश, 2900 लोगों को मिलेगा रोजगार

Noida pharma investment: नोएडा में फार्मा सेक्टर को बड़ी सौगात, मेडिकल डिवाइस पार्क में 587 करोड़ का निवेश, 2900 लोगों को मिलेगा रोजगार
नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में औद्योगिक विकास को एक नई रफ्तार मिलने जा रही है। यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (YEIDA) के मेडिकल डिवाइस पार्क प्रोजेक्ट को बड़ी कामयाबी मिली है। सेक्टर-28 स्थित मेडिकल डिवाइस पार्क में शुक्रा फार्मास्युटिकल्स को 10 एकड़ भूमि आवंटित करने के लिए प्राधिकरण ने लेटर ऑफ इंटेंट जारी कर दिया है। इस परियोजना के तहत कंपनी करीब 587 करोड़ रुपये का निवेश करेगी, जिससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 2900 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है।
YEIDA के अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना से 900 से अधिक प्रत्यक्ष और करीब 2000 अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे। खास बात यह है कि कंपनी स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता देगी और उनके कौशल विकास पर विशेष जोर दिया जाएगा। इससे क्षेत्र के युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण के साथ बेहतर रोजगार के अवसर मिलेंगे। साथ ही, इस निवेश से मेडिकल डिवाइस के आयात पर निर्भरता कम होगी और देश में ही किफायती, उन्नत और विश्वस्तरीय उपकरणों का निर्माण संभव हो सकेगा।
लेटर ऑफ इंटेंट सौंपे जाने के अवसर पर YEIDA के सीईओ राकेश कुमार सिंह, एसीईओ शैलेन्द्र भाटिया समेत प्राधिकरण के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। वहीं, शुक्रा फार्मास्युटिकल्स की ओर से ग्रुप सीईओ और ग्लोबल हेड डॉ. मीनाक्षी लाते, सीओओ गौरव शोकीन, वाइस प्रेसिडेंट अनिल कुमार वर्मा और बिजनेस यूनिट हेड कामिनी भारती ने इस परियोजना को लेकर अपनी प्रतिबद्धता जताई।
इस प्रोजेक्ट का सबसे महत्वपूर्ण पहलू कैंसर के अत्याधुनिक इलाज से जुड़ा है। अधिकारियों के मुताबिक, शुक्रा फार्मास्युटिकल्स यहां एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी स्थापित करेगी, जहां हाई-एंड और जीवनरक्षक मेडिकल टेक्नोलॉजी से जुड़े उपकरण बनाए जाएंगे। इस यूनिट में बोरॉन न्यूट्रॉन कैप्चर थेरेपी (BNCT) से संबंधित उपकरणों का उत्पादन किया जाएगा, जिसे जटिल कैंसर मामलों के इलाज के लिए दुनिया की सबसे आधुनिक और प्रभावी तकनीकों में गिना जाता है।
इसके अलावा इस इकाई में रेडियोलॉजी और इमेजिंग से जुड़े अत्याधुनिक उपकरणों का निर्माण भी होगा। इनमें सीटी स्कैनर, एमआरआई सिस्टम, पीईटी स्कैनर, एक्स-रे मशीन और अल्ट्रासाउंड उपकरण शामिल हैं। साथ ही एनेस्थीसिया सिस्टम, आईसीयू और ऑपरेशन थिएटर में इस्तेमाल होने वाले रेस्पिरेटरी केयर सॉल्यूशंस भी यहीं तैयार किए जाएंगे।
कार्डियक केयर के क्षेत्र में भी यह परियोजना अहम भूमिका निभाएगी। यहां हार्ट वाल्व, स्टेंट और लेफ्ट वेंट्रिकुलर असिस्ट डिवाइस (LVAD) जैसे अत्याधुनिक कार्डियक इम्प्लांट बनाए जाएंगे। इसके साथ ही वेंटिलेटर और ऑक्सीजन कंसंट्रेटर का उत्पादन कर देश की रेस्पिरेटरी केयर क्षमता को और मजबूत किया जाएगा।
मेडिकल रोबोटिक्स और डायग्नोस्टिक तकनीक के क्षेत्र में भी यह यूनिट नई दिशा देगी। सॉफ्ट टिश्यू सर्जरी, ऑर्थोपेडिक, डेंटल और न्यूरो-स्पाइन सर्जरी के लिए रोबोटिक सिस्टम विकसित किए जाएंगे। इसके अलावा इन-विट्रो डायग्नोस्टिक डिवाइस, प्वाइंट ऑफ केयर टेस्टिंग सिस्टम और एडवांस एनालाइजर भी इसी परिसर में बनाए जाएंगे।
कुल मिलाकर, YEIDA के मेडिकल डिवाइस पार्क में होने वाला यह निवेश न सिर्फ नोएडा और आसपास के क्षेत्रों के लिए रोजगार और औद्योगिक विकास का बड़ा अवसर लेकर आएगा, बल्कि भारत को मेडिकल टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
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