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Himachal Full Statehood Day 2026: प्रागपुर से मुख्यमंत्री सुक्खू का बड़ा विजन, पेंशन बकाया भुगतान और विकास घोषणाओं की बरसात

Himachal Full Statehood Day 2026: प्रागपुर से मुख्यमंत्री सुक्खू का बड़ा विजन, पेंशन बकाया भुगतान और विकास घोषणाओं की बरसात

शिमला/प्रागपुर, 25 जनवरी 2026। हिमाचल प्रदेश के 56वें पूर्ण राज्यत्व दिवस के अवसर पर कांगड़ा जिले के प्रागपुर में आयोजित ऐतिहासिक समारोह में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने राष्ट्रीय ध्वज फहराकर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। यह पहला अवसर था जब पूर्ण राज्यत्व दिवस समारोह प्रागपुर में आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री ने परेड टुकड़ियों की सलामी ली, जिसका नेतृत्व आईपीएस अधिकारी तरुणा ने किया। परेड में आईआरबीएन, पुलिस, होमगार्ड, एसडीआरएफ, एनसीसी, स्काउट्स एंड गाइड्स सहित कई टुकड़ियों ने भाग लेकर अनुशासन और एकता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में हिमाचल को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री डॉ. यशवंत सिंह परमार के योगदान को याद किया। उन्होंने किसानों और बागवानों के अधिकारों की रक्षा के लिए राज्य में कृषि और बागवानी आयोग गठित करने की घोषणा की और बताया कि इसके लिए आगामी विधानसभा बजट सत्र में विधेयक लाया जाएगा। इसके साथ ही जसवां विधानसभा क्षेत्र के प्रागपुर में एसडीएम कार्यालय और नल्सूहा में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने की भी घोषणा की गई।

वित्तीय चुनौतियों पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व सरकार 10,000 करोड़ रुपये से अधिक की देनदारियां छोड़ गई थी, जिसे वर्तमान सरकार ने घटाकर 8,555 करोड़ रुपये कर दिया है। कठिन हालात के बावजूद सरकार ने जनवरी माह में 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के पेंशनभोगियों तथा पारिवारिक पेंशनधारकों के लंबित बकायों के पूर्ण भुगतान की घोषणा की, जिस पर 90 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके अलावा 2016 से 2021 के बीच सेवानिवृत्त चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को ग्रेच्युटी का 50 प्रतिशत और लीव एनकैशमेंट का 70 प्रतिशत बकाया जनवरी में देने का ऐलान किया गया, जिस पर 96 करोड़ रुपये व्यय होंगे।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ‘समृद्ध हिमाचल विजन’ नामक दस्तावेज तैयार कर रही है, जो अब अंतिम चरण में है। यह दस्तावेज पर्यावरण संरक्षण, आपदा प्रतिरोधक क्षमता और समावेशी विकास को ध्यान में रखते हुए विशेषज्ञों और जनता से संवाद के बाद तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह विजन प्रदेश के लिए संतुलित विकास का साझा रोडमैप बनेगा।

केंद्र और राज्य के वित्तीय संबंधों पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि पूर्व भाजपा सरकार को केंद्रीय हस्तांतरण के रूप में कहीं अधिक सहायता मिली, जबकि मौजूदा सरकार को अपेक्षाकृत कम संसाधन प्राप्त हुए हैं। इसके बावजूद राज्य सरकार ने अपने राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि की है और गैर-जरूरी खर्चों में कटौती कर वित्तीय स्थिति मजबूत की है। उन्होंने कहा कि सरकार संसाधनों की लूट नहीं होने देगी और राज्य के हितों की रक्षा के लिए कानूनी लड़ाइयां मजबूती से लड़ रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश उत्तर भारत के लिए स्वच्छ वायु, जल और ऊर्जा का आधार है और राज्य अपने प्राकृतिक संसाधनों से समझौता नहीं करेगा। उन्होंने महिलाओं को 1,500 रुपये मासिक सहायता, बीपीएल मानदंडों में ढील, कच्चे घरों में रहने वाले परिवारों को पक्के मकान, आपदा प्रभावितों के लिए बढ़ा हुआ मुआवजा और मनरेगा मजदूरी बढ़ाने जैसे फैसलों का उल्लेख किया।

स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में सुधारों पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि 3,000 करोड़ रुपये की लागत से पुरानी चिकित्सा मशीनरी बदली जा रही है और राज्य में पहली बार रोबोटिक सर्जरी शुरू की गई है। शिक्षा के क्षेत्र में सुधारों का नतीजा यह है कि हिमाचल प्रदेश गुणवत्ता शिक्षा में देश में पांचवें स्थान पर पहुंच गया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने युवाओं को नशे से दूर रखने के उद्देश्य से बनाई गई वेब सीरीज ‘द व्हाइट ट्रुथ’ भी रिलीज की।

समारोह के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने माहौल को उत्सवमय बनाया और परेड में शामिल टुकड़ियों व कलाकारों को सम्मानित किया गया। बड़ी संख्या में मंत्री, विधायक, वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य नागरिक इस कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

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