Himachal Happiest State: मुख्यमंत्री ने छात्र संसद में नामी संस्थानों के छात्रों से किया संवाद

Himachal Happiest State: मुख्यमंत्री ने छात्र संसद में नामी संस्थानों के छात्रों से किया संवाद

मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज प्रदेश सचिवालय में छात्र संसद कार्यक्रम के तहत शिमला आए छात्रों से संवाद किया। इस कार्यक्रम में देश के प्रतिष्ठित आईआईटी, आईआईएम, राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय सहित अन्य नामी शैक्षणिक संस्थानों के छात्र शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने छात्रों से संवाद के दौरान हिमाचल प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक मूल्यों और लोकतांत्रिक परंपराओं की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने प्रदेश के विकासात्मक मानकों की चर्चा करते हुए कहा कि संतुलित विकास, सामाजिक सौहार्द और जीवन गुणवत्ता के आधार पर हिमाचल प्रदेश देश का ‘हैप्पीएस्ट स्टेट’ है। छात्रों द्वारा पूछे गए सवालों के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी व्यक्ति की सफलता के लिए समर्पण, नैतिकता, पारदर्शिता और मजबूत नेतृत्व गुणों का होना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में लोकतंत्र प्राचीन काल से ही विद्यमान रहा है और यहां की लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं तथा मानवीय सरोकारों की पहचान देश और विदेश दोनों स्तरों पर अलग और विशिष्ट है।

मुख्यमंत्री ने सुशासन की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि गुड गवर्नमेंट के लिए गुड गवर्नेंस अत्यंत आवश्यक है और इसी सोच के तहत प्रदेश सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों में प्रशासनिक बदलाव और सुधार लागू किए हैं। उन्होंने बताया कि सरकार हरित हिमाचल के ध्येय के साथ नवोन्मेषी पहलों पर कार्य कर रही है और वर्ष 2027 तक प्रदेश को आत्मनिर्भर तथा वर्ष 2032 तक देश का सबसे समृद्ध राज्य बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मुख्यमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण को प्रदेश सरकार की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि पेट्रोल और डीजल आधारित वाहनों को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक वाहनों में परिवर्तित किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि नागरिकों की सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार विशेष ध्यान दे रही है और मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना, मुख्यमंत्री सुख शिक्षा योजना, राजीव गांधी राजकीय आदर्श डे-बोर्डिंग स्कूल, डॉ. वाई.एस. परमार विद्यार्थी ऋण योजना जैसी कई योजनाएं लागू की गई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी दस वर्षों में प्रदेश के शिक्षा क्षेत्र में अभूतपूर्व परिवर्तन देखने को मिलेगा और भविष्य की जरूरतों तथा वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप छात्रों को गुणात्मक शिक्षा देने के लिए अभिनव प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि राज्य में वीआईपी कल्चर समाप्त करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं और प्रशासनिक स्तर पर युक्तिकरण की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नैसर्गिक सौंदर्य और अलौकिक प्राकृतिक सुंदरता के कारण हिमाचल प्रदेश की अलग पहचान है और यहां की बेटियां शिक्षा, खेल, प्रशासन सहित हर क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं। कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने मुख्यमंत्री से विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक और प्रशासनिक विषयों पर सवाल पूछे, जिनका उन्होंने सहज और विस्तार से उत्तर दिया। छात्र संसद कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखते हुए संसद, विधानसभा और प्रशासन के कार्यों का प्रत्यक्ष अनुभव प्रदान करना है ताकि वे भविष्य में देश के जिम्मेदार नागरिक और नेतृत्वकर्ता बन सकें। इस अवसर पर विधायक सुरेश कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार मीडिया नरेश चौहान, प्रधान सलाहकार नवीनीकरण डिजिटल प्रौद्योगिकी एवं गवर्नेंस गोकुल बुटेल, छात्र संसद के अध्यक्ष आदित्य बेगड़ा, पदाधिकारी शशांक शेखर पांडेय, मानस तिवारी सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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