उत्तर प्रदेश : संघ प्रमुख को खून से लिखा पत्र, हिंदू राष्ट्र की मांग को लेकर ब्रज के संतों ने भरी हुंकार

Mathura News : मथुरा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत के वृंदावन प्रवास के दौरान ‘हिंदू राष्ट्र’ की गूंज और तेज हो गई है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह मामले के मुख्य पक्षकार दिनेश फलाहारी ने अपने रक्त से पत्र लिखकर संघ प्रमुख से भारत को आधिकारिक रूप से हिंदू राष्ट्र घोषित कराने की मांग की है। इस मांग को ब्रजभूमि के कई दिग्गज संतों और महामंडलेश्वरों का पुरजोर समर्थन प्राप्त हुआ है।

दिनेश फलाहारी महाराज ने अपने पत्र में देश की बदलती जनसांख्यिकी पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने पत्र के माध्यम से संघ प्रमुख को अवगत कराया कि 125 करोड़ हिंदुओं की भावनाएं भारत को हिंदू राष्ट्र के रूप में देखना चाहती हैं। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि “जिस प्रकार कई देशों में मुस्लिम आबादी बढ़ने के साथ अस्थिरता, हिंसा और लोकतंत्र का दमन बढ़ा है, वैसी ही स्थिति भारत में भी उत्पन्न हो सकती है। यदि वर्तमान परिस्थितियों में जनसंख्या पर नियंत्रण नहीं पाया गया और भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित नहीं किया गया, तो आगामी 20 वर्षों में देश का प्रधानमंत्री मुस्लिम हो सकता है।”

फलाहारी महाराज ने तर्क दिया कि भारत के हिंदू राष्ट्र बनने से ही कई ज्वलंत समस्याओं का समाधान संभव है। उन्होंने पत्र में उल्लेख किया कि हिंदू राष्ट्र की स्थापना के साथ ही जनसंख्या नियंत्रण कानून को कड़ाई से लागू किया जा सकेगा, गौ-हत्या पर पूर्णतः प्रतिबंध लगेगा और मठ-मंदिरों का संरक्षण सुनिश्चित होगा ¹।

इस मांग का समर्थन ब्रज के प्रतिष्ठित संतों ने किया है, जिनमें महामंडलेश्वर रामदास जी महाराज, कुंज बिहारी पीठाधीश्वर इन्दुलेखा, मधुसूदन दास महाराज, अतुल कृष्ण दास और अनमोल दास जी महाराज शामिल हैं। संतों का मानना है कि सनातन धर्म की रक्षा के लिए अब संवैधानिक रूप से हिंदू राष्ट्र की घोषणा आवश्यक हो गई है।

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