
Haryana Education: हरियाणा में नीव पोर्टल से शिक्षा संस्थानों में नीति अनुपालन और गुणवत्ता में सुधार होगा
रिपोर्ट: कोमल रमोला
पंचकूला। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की सफलता इसके समयबद्ध क्रियान्वयन पर निर्भर करती है। इसी दृष्टि से विकसित किया गया नीव पोर्टल एक इंटेलिजेंट, डेटा-ड्रिवन डिसीजन सपोर्ट सिस्टम है, जो नीति निर्माण और संस्थागत क्रियान्वयन के बीच की दूरी कम करता है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि नीव पोर्टल का उद्देश्य नीति के प्रत्येक प्रावधान का वास्तविक, निष्पक्ष और सतत मूल्यांकन करना है। यह रियल-टाइम डेटा, प्रदर्शन संकेतक और भविष्यसूचक विश्लेषण के माध्यम से शिक्षा संस्थानों की लगातार निगरानी करता है। इस पोर्टल से पता चलेगा कि कौन-सी संस्थाएं नीति के अनुरूप हैं और कहां सुधार की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले चरण में नीव पोर्टल विश्वविद्यालयों में लागू किया जा रहा है, इसके बाद महाविद्यालयों और स्कूलों तक विस्तार होगा। इससे शिक्षण संस्थानों में गुणवत्ता, एकरूपता और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रति तत्परता सुनिश्चित होगी।
उन्होंने यह भी बताया कि सरकार का लक्ष्य 2047 तक एक ऐसा शिक्षा तंत्र विकसित करना है जो वैश्विक मानकों पर खरा उतरे। नीव पोर्टल के माध्यम से सभी शैक्षणिक संस्थानों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 अनुपालन की डिजिटल ट्रैकिंग संभव होगी। इससे संस्थागत गुणवत्ता, रियल-टाइम मॉनिटरिंग और साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण सुनिश्चित होगा।
एमओयू के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘ज्ञान सेतु’ पहल के तहत हरियाणा के लगभग 28 प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों और स्वर्ण जयंती हरियाणा इंस्टीट्यूट फॉर फिस्कल मैनेजमेंट के बीच समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान हुआ। इसका उद्देश्य अकादमिक ज्ञान को प्रशासनिक और सामाजिक चुनौतियों से जोड़ना है ताकि शोध समाज और शासन के समाधान में योगदान दे सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नीव पोर्टल और ज्ञान सेतु पहलें मिलकर हरियाणा की शिक्षा को समावेशी, वैश्विक मानकों के अनुरूप और भविष्य के लिए तैयार करेंगी। इनसे नीति निर्माण सशक्त होगा और युवा छात्रों को वास्तविक प्रशासनिक अनुभव भी प्राप्त होगा।
इस अवसर पर मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विनित गर्ग, मुख्यमंत्री के ओएसडी और हरियाणा वित्तीय प्रबंधन संस्थान के महानिदेशक डॉ. राज नेहरू और मीडिया सचिव प्रवीण आत्रेय उपस्थित रहे।
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