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उत्तर प्रदेश : निजी अस्पताल पर इलाज में लापरवाही का आरोप, किशोर की मौत के मामले में कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज

Ghaziabad News : टीलामोड़ थाना क्षेत्र में एक निजी अस्पताल पर इलाज में गंभीर लापरवाही और पैसों के लालच में गलत उपचार का आरोप लगाते हुए परिजनों ने केस दर्ज कराया है। पीड़ित परिवार का कहना है कि समय रहते उनके बेटे को रेफर नहीं किया गया, जिससे उसकी हालत बिगड़ती चली गई और अंततः उसकी मौत हो गई। पुलिस ने यह कार्रवाई कोर्ट के आदेश पर की है और मामले की जांच शुरू कर दी है।

फेस टू कावेरी सिटी सिखरानी लोनी निवासी नगीना ठाकुर ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि 23 नवंबर 2023 को उनके बेटे राहुल ठाकुर को हल्का बुखार आया था। वह उसे दवाई दिलाने के लिए भोपुरा डिफेंस कॉलोनी स्थित हेल्थ सेंटर हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। आरोप है कि वहां मौजूद डॉक्टर ने मामूली बुखार के बावजूद उनके बेटे को जबरन अस्पताल में भर्ती कर लिया। पीड़ित का कहना है कि उन्होंने केवल दवा देने की बात कही थी, लेकिन डॉक्टर ने धमकाते हुए कहा कि डॉक्टर वह है और 50 हजार रुपये जमा करने की तैयारी करो। मजबूरी में परिजनों ने रकम जमा कर दी।

आरोप है कि अस्पताल में राहुल को बिना जरूरत उल्टी-सीधी दवाइयां दी गईं और ड्रिप लगाई गई, जिससे उसकी तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई। परिजनों का कहना है कि 26 सितंबर को उन्होंने डॉक्टर से बेटे को किसी बड़े अस्पताल में रेफर करने की मांग की, लेकिन डॉक्टर ने यह कहकर टाल दिया कि सब नॉर्मल हो जाएगा। कुछ ही घंटों बाद राहुल की हालत बेहद गंभीर हो गई। इसके बाद परिजन अपने स्तर से उसे जैन न्यूरो हॉस्पिटल दिल्ली ले गए, जहां भी उसकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ।

पीड़ित परिवार का कहना है कि 28 सितंबर को वे राहुल को एम्स दिल्ली लेकर गए, लेकिन वहां भर्ती नहीं किया गया। इसके बाद मजबूरी में उसे सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसी रात करीब 10:30 बजे राहुल की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि उनके बेटे की मौत बीमारी से नहीं, बल्कि हेल्थ सेंटर हॉस्पिटल में किए गए गलत इलाज और लापरवाही के कारण हुई है। उनका कहना है कि यह इलाज में लापरवाही नहीं बल्कि हत्या के समान है। राहुल परिवार का इकलौता बेटा था, जिसकी मौत से पूरा परिवार सदमे में है।

नगीना ठाकुर का आरोप है कि घटना के बाद उन्होंने थाने के कई चक्कर लगाए, लेकिन आरोपी डॉक्टर प्रभावशाली होने के कारण उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। आखिरकार उन्हें कोर्ट की शरण लेनी पड़ी। कोर्ट के आदेश के बाद पांच जनवरी की रात पुलिस ने केस दर्ज किया।

इस मामले में एसीपी शालीमार अतुल कुमार सिंह ने बताया कि कोर्ट के निर्देश पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। तथ्यों और बयानों के आधार पर मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने पर आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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संवाददाता

SHAHRUKH KHAN

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