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Dr M Srinivas advice: डॉक्टर की सलाह के बिना एंटीबायोटिक दवा लेना खतरनाक: एम्स निदेशक श्रीनिवास

Dr M Srinivas advice: डॉक्टर की सलाह के बिना एंटीबायोटिक दवा लेना खतरनाक: एम्स निदेशक श्रीनिवास

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 129वें एपिसोड में एंटी माइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR) पर चिंता जताए जाने के बाद एम्स दिल्ली ने आम जनता के लिए चेतावनी और परामर्श जारी किया है। एम्स निदेशक डॉ. एम. श्रीनिवास ने स्पष्ट किया कि एंटीबायोटिक दवाओं का सेवन केवल डॉक्टर की सलाह और मार्गदर्शन के तहत ही किया जाना चाहिए।

डॉ. श्रीनिवास ने बताया कि अधिकांश सामान्य संक्रमण जैसे बुखार, सर्दी और खांसी वायरल होते हैं, जिनमें एंटीबायोटिक दवाएं असर नहीं करती। एंटीबायोटिक दवाओं का उपयोग केवल सेकेंडरी बैक्टीरियल संक्रमण में ही प्रभावी होता है। उन्होंने समझाया कि वायरस और बैक्टीरिया अलग-अलग होते हैं, इसलिए वायरल बीमारियों में एंटीवायरल दवाएं ही उपयोग की जाती हैं, न कि एंटीबायोटिक।

एम्स निदेशक ने चेतावनी दी कि अगर लोग हर बुखार, सर्दी या खांसी में खुद से एंटीबायोटिक लेना जारी रखेंगे, तो भविष्य में गंभीर संक्रमण का इलाज मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने जनता से अपील की कि दवा की पूरी खुराक लें, अधूरा इलाज न छोड़ें और डॉक्टर की सलाह के बिना एंटीबायोटिक का सेवन बिल्कुल न करें।

आईसीएमआर की रिपोर्ट के अनुसार, बिना जरूरत और डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक दवा लेने से एंटी माइक्रोबियल रेजिस्टेंस तेजी से बढ़ रहा है। इसका परिणाम यह होगा कि भविष्य में वही दवाएं असर करना बंद कर सकती हैं, जो आज जीवनरक्षक साबित हो रही हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने भी ‘मन की बात’ में इस खतरे को वैश्विक स्वास्थ्य के लिए गंभीर बताया। विशेषज्ञों का मानना है कि जागरूकता और जिम्मेदार दवा सेवन ही इस गंभीर खतरे से बचने का सबसे प्रभावी उपाय है।

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संवाददाता

Tirthankar Sarkar

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