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Noida Authority: नोएडा प्राधिकरण में लोकपाल की नियुक्ति समेत नागरिक मुद्दों पर NCF की प्रेस कॉन्फ्रेंस

Noida Authority: नोएडा प्राधिकरण में लोकपाल की नियुक्ति समेत नागरिक मुद्दों पर NCF की प्रेस कॉन्फ्रेंस

रिपोर्ट: अजीत कुमार

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नोएडा। नोएडा सिटीजन फोरम (NCF) के चेयरमैन डॉ. योगेन्द्र नारायण (पूर्व IAS, पूर्व रक्षा सचिव, पूर्व महासचिव राज्यसभा और पूर्व मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश) ने ‘नोएडा मीडिया क्लब’ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्राधिकरण के नागरिक-संबंधी कई गंभीर मुद्दों पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया। इस अवसर पर NCF के संरक्षक, अध्यक्ष, कार्यकारी अध्यक्ष, सचिव और अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

NCF ने कहा कि नौएडा में लंबे समय से नागरिकों के मुद्दों का समाधान नहीं हो पा रहा है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रमुख मांगों और चिंताओं में शामिल हैं:

1. डंपिंग साइट्स पर बार-बार आग: गैर-निर्धारित/आबादी क्षेत्रों में कचरे की आग से पर्यावरण और स्वास्थ्य पर गंभीर असर। NCF ने ठोस कार्य योजना की मांग की।

2. लोकपाल की नियुक्ति: प्राधिकरण में व्याप्त भ्रष्टाचार रोकने के लिए स्वतंत्र लोकपाल की नियुक्ति की मांग। 15 अप्रैल 2025 को CEO को पत्र दिया गया। सुप्रीम कोर्ट ने अगस्त 2025 में भ्रष्टाचार और बिल्डर-अधिकारी गठजोड़ पर सख्त टिप्पणी की और नई SIT तथा नागरिक सलाहकार बोर्ड बनाने के आदेश दिए, लेकिन कार्यवाही नहीं हुई।

3. अवैध निर्माण पर रोक: सलारपुर, सेक्टर 81, महागुन मेज़ारिया सेक्टर 78, महर्षि आश्रम इलाके और हिंडन नदी बाढ़ क्षेत्र में अनधिकृत निर्माण पर तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता।

4. रजिस्ट्री संकट और अन-रजिस्टर्ड फ्लैट बिक्री: हज़ारों घर-खरीददार पूरी रकम चुकाने के बावजूद रजिस्ट्री से वंचित हैं। बिल्डरों द्वारा ₹15–30 लाख तक मनमाना चार्ज और अवैध ट्रांसफर पर रोक लगाई जाए। सभी खरीदारों को कानूनी स्वामित्व की गारंटी दी जाए।

5. हाई-राइज इमारतों में फायर सेफ्टी की कमी: पर्याप्त अग्निशमन संसाधन, उपकरण और जनशक्ति का अभाव। NCF ने तत्काल निवेश और उपकरण अपग्रेड की मांग की।

6. नागरिक चार्टर का पालन: सेवाओं की समय-सीमा और अधिकारियों की जवाबदेही तय करने हेतु अद्यतन Citizen Charter लागू किया जाए।

7. शिकायत निवारण प्रणाली: IGRS जैसी तकनीकी पोर्टल शुरू की जाए, मॉनिटरिंग, ट्रैकिंग और फॉलो-अप प्रणाली मजबूत की जाए।

8. धारा 10 के लंबित प्रकरण: सरल, पारदर्शी और समयबद्ध निपटान की आवश्यकता।

9. भिक्षावृत्ति पर नियंत्रण: प्रमुख चौराहों पर भिक्षावृत्ति रोकने, पुनर्वास और सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रम लागू किए जाएं।

10. ई-रिक्शा प्रबंधन: रजिस्ट्रेशन, ड्राइवर लाइसेंस और पार्किंग जोन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

11. सफाई व्यवस्था: सेक्टरों और गांवों में कचरा संग्रहण, सड़क सफाई और नालियों के रख-रखाव में सुधार।

12. विद्युत व्यवस्था: केबल भूमिगत करना, कटौती कम करना और पेड़ों की छंटाई की नियमित निगरानी।

13. जल प्रबंधन: वर्षा जल संचयन, भू-जल पुनर्भरण, पाइपलाइन लीकेज नियंत्रण और पुनर्चक्रित जल का उपयोग।

14. सीवर व्यवस्था: जाम, टूट-फूट और ओवरफ्लो को समयबद्ध मरम्मत और वैज्ञानिक सफाई प्रणाली से नियंत्रित किया जाए।

15. बोर्ड बैठकों में जनभागीदारी: नागरिक प्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों को शामिल कर नीतिगत निर्णय पारदर्शी बनाए जाएं।

NCF ने कहा कि फोरम का उद्देश्य नागरिक हितों की रक्षा करते हुए शहर के विकास में रचनात्मक भागीदारी को बढ़ावा देना है। यह प्रशासन के साथ संवाद स्थापित कर स्वच्छ, सुरक्षित और पर्यावरण-संतुलित नोएडा के निर्माण के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगा।

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