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Noida Cyber Crime: बहुराष्ट्रीय कंपनियों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाले कॉल सेंटर का पर्दाफाश, सरगना गिरफ्तार

Noida Cyber Crime: बहुराष्ट्रीय कंपनियों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाले कॉल सेंटर का पर्दाफाश, सरगना गिरफ्तार

नोएडा। साइबर क्राइम और फेज-1 थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए मंगलवार को सेक्टर-2 में एक कॉल सेंटर पर छापेमारी कर उन ठगों के नेटवर्क का भंडाफोड़ किया, जो बहुराष्ट्रीय कंपनियों में लाखों रुपये प्रतिमाह की नौकरी दिलाने का झांसा देकर बेरोजगार युवाओं से ठगी कर रहे थे। यह कॉल सेंटर पिछले छह महीनों से सक्रिय था। पुलिस ने मौके से गिरोह के सरगना को गिरफ्तार कर लिया, जबकि वहां कार्यरत युवतियों को नोटिस देकर छोड़ दिया गया।

डीसीपी नोएडा यमुना प्रसाद के अनुसार बीते दिनों पुलिस को इनपुट मिला था कि सेक्टर-2 में एक कॉल सेंटर के माध्यम से देशभर के सैकड़ों युवाओं को फर्जी नौकरी का सपना दिखाकर ठगा जा रहा है। इनपुट की पुष्टि के बाद साइबर सेल और फेज-1 थाने की टीमों ने छापेमारी की, जहां कॉल सेंटर में कार्यरत युवतियां कॉल पर लोगों से नौकरी दिलाने के नाम पर रुपये मांग रही थीं। मौके पर कॉल सेंटर का संचालक दिल्ली निवासी विशाल कुमार पकड़ा गया, जिसने स्नातक की पढ़ाई की है।

विशाल ने पूछताछ में बताया कि वह सेक्टर-2 की एक इमारत की टेरिस पर पन्द्रह हजार रुपये माह किराये में कमरा लेकर फर्जी कॉल सेंटर चला रहा था। ठगी के लिए उसने कई युवतियों को नौकरी पर रखा और उन्हें हर माह बारह हजार से पच्चीस हजार रुपये तक वेतन देता था। इसके अलावा ठगी की रकम पर अलग से कमीशन दिया जाता था। पुलिस को मौके से एक लैपटॉप, तीस मोबाइल फोन, उन्नीस डेबिट कार्ड, उनतीस सिम कार्ड, तीन पासबुक, तीन चेकबुक सहित कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए हैं। पुलिस का कहना है कि कॉल सेंटर में काम करने वाली अधिकांश महिलाओं को असली उद्देश्य की जानकारी नहीं थी। उन्हें केवल कॉल करके नौकरी दिलाने के नाम पर रुपये जमा कराने की जिम्मेदारी दी जाती थी।

पुलिस के अनुसार विशाल ने पिछले छह महीनों में डेढ़ सौ से अधिक युवाओं को नौकरी दिलाने के नाम पर ठगा है। वह बेरोजगार युवाओं का डाटा सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से इकट्ठा करता था। इसके बाद कॉल सेंटर की युवतियां युवाओं से संपर्क करती थीं और बहुराष्ट्रीय कंपनी में नौकरी दिलाने का लालच देती थीं। रजिस्ट्रेशन शुल्क के रूप में चार हजार से पच्चीस हजार रुपये तक वसूल किए जाते थे। सरगना वीडियो कॉल पर स्वयं को किसी बड़ी कंपनी का अधिकारी बताकर साक्षात्कार लेता था और बाद में ई-मेल पर फर्जी ऑफर लेटर भेज दिया जाता था। इसके बाद वह कॉल सेंटर बंद कर किसी दूसरी लोकेशन पर शिफ्ट हो जाता था ताकि पकड़ में न आए।

एडिशनल डीसीपी शैव्या गोयल ने बताया कि आरोपी ने ठगी की रकम प्राप्त करने के लिए कई लोगों के बैंक खाते किराये पर ले रखे थे। कुछ लोगों से रुपये देकर खाते खुलवाए गए और बाद में उनका पूरा एक्सेस अपने पास ले लिया गया। पुलिस ने अबतक दस फर्जी बैंक खातों की पहचान की है और उनमें जमा रकम फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

पुलिस का दावा है कि यह गिरोह एक महीने बाद सेक्टर-2 की लोकेशन छोड़कर किसी अन्य राज्य में कॉल सेंटर शिफ्ट करने की तैयारी में था, लेकिन इससे पहले ही कार्रवाई कर इसे पकड़ लिया गया।

पुलिस ने लोगों को नौकरी के नाम पर हो रही साइबर ठगी से सावधान रहने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति फोन, ई-मेल या सोशल मीडिया के माध्यम से नौकरी का प्रस्ताव देकर रुपये मांगता है, तो पहले कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या कार्यालय में संपर्क कर सत्यापन जरूर करें। किसी अनजान व्यक्ति को अपना बैंक विवरण, ओटीपी, आधार कार्ड, पैन कार्ड या डेबिट कार्ड की जानकारी साझा न करें। साइबर धोखाधड़ी होने पर तुरंत हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।

ममूटी ने कहा कि उन्हें ‘मेगास्टार’ की उपाधि पसंद नहीं है, उन्हें लगता है कि उनके जाने के बाद लोग उन्हें याद नहीं रखेंगे

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