Noida: नोएडा में निष्क्रिय बैंक खातों की रकम वारिसों तक पहुंचाने का विशेष अभियान

Noida: नोएडा में निष्क्रिय बैंक खातों की रकम वारिसों तक पहुंचाने का विशेष अभियान
नोएडा। जिले में आरबीआई के निर्देशानुसार और “आपकी पूंजी, आपका अधिकार” अभियान के तहत बैंककर्मी निष्क्रिय पड़े करीब चार लाख बैंक खातों का पता लगा रहे हैं और इनकी धनराशि वारिसों तक पहुंचाने का काम कर रहे हैं। यह विशेष अभियान 31 दिसंबर तक चलेगा और इसका उद्देश्य लोगों की लावारिस धनराशि को सही वारिसों तक सुरक्षित रूप से पहुंचाना है।
जिला अग्रणी बैंक (एलडीएम) राजेश सिंह कटारिया ने बताया कि जिले में कुल 45 बैंकों की 697 से अधिक शाखाएं हैं, जिनमें लोगों के बचत खाते, चालू खाते, एफडी और शेयर मार्केट के लिए खोले गए खाते शामिल हैं। इनमें से करीब चार लाख खाते निष्क्रिय हो चुके हैं और इनमें जमा कुल 190 करोड़ रुपये है।
एलडीएम राजेश सिंह कटारिया ने बताया कि इस अभियान के तहत बैंककर्मी सबसे पहले खाते में दर्ज मोबाइल नंबर और पते के माध्यम से वारिसों से संपर्क करेंगे। इसके अलावा, प्रचार-प्रसार के लिए बैंक शाखाओं में होर्डिंग, बैनर और निष्क्रिय खाताधारकों की सूची लगाई जाएगी। ग्राम पंचायतों और कस्बों में शिविरों का आयोजन किया जाएगा, ताकि लोगों तक अभियान की जानकारी पहुंच सके। सोशल मीडिया और विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए भी लोगों को जागरूक किया जाएगा।
वारिस बनने वाले व्यक्ति को बैंक में खातेधारक के वारिस होने के पुख्ता सबूत जमा करने होंगे। इसके बाद आवेदन प्रक्रिया पूरी की जाएगी। सत्यापन के बाद धनराशि सीधे वारिस के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि पूरी प्रक्रिया के पूरा होने के 30 दिनों के भीतर वारिसों को राशि मिल जाएगी।
इस प्रक्रिया को और आसान बनाने के लिए आरबीआई के उदगम पोर्टल का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके लिए पोर्टल पर मोबाइल नंबर लॉगिन करना होगा और आईडी तथा पासवर्ड बनाकर नाम, मोबाइल नंबर, पैन नंबर आदि के माध्यम से लावारिस खातों का पता लगाया जा सकता है। पोर्टल पर मुख्य रूप से 30 बैंकों के लावारिस खातों की जानकारी साझा की गई है।
राजेश सिंह कटारिया ने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि निष्क्रिय खातों में पड़ी धनराशि सही वारिसों तक पहुंचे और किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी या गलत उपयोग की संभावना न रहे। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे बैंक शाखाओं और उदगम पोर्टल के माध्यम से इस प्रक्रिया में सक्रिय रूप से हिस्सा लें और सही दस्तावेज़ों के साथ आवेदन करें।
यह पहल न केवल नागरिकों के वित्तीय अधिकारों की रक्षा करती है, बल्कि निष्क्रिय खातों के माध्यम से पड़े धन को सही और पारदर्शी तरीके से वितरण सुनिश्चित करती है।
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