Delhi Heatwave: दिल्ली में हीट स्ट्रोक के गंभीर मामले, 24 वर्षीय युवक अब भी वेंटिलेटर पर

Delhi Heatwave: दिल्ली में हीट स्ट्रोक के गंभीर मामले, 24 वर्षीय युवक अब भी वेंटिलेटर पर
आरएमएल अस्पताल ने जारी किया हेल्थ अपडेट, लगातार बढ़ रही गर्मी बनी चिंता का कारण
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी और हीटवेव के बीच हीट स्ट्रोक के मामलों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। डॉ. राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल में भर्ती दो गंभीर मरीजों को लेकर अस्पताल प्रशासन ने ताजा स्वास्थ्य जानकारी साझा की है। डॉक्टरों के अनुसार, दोनों मरीजों का इलाज आईसीयू में चल रहा है और उनकी हालत पर लगातार नजर रखी जा रही है।
आरएमएल अस्पताल के इमरजेंसी मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉ. अमलेंदु यादव ने बताया कि 20 और 21 मई की रात भर्ती किए गए 24 वर्षीय युवक की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। युवक को वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है। हालांकि डॉक्टरों को उम्मीद है कि उसकी हालत में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है।
वहीं दूसरे मामले में करीब 50 वर्षीय व्यक्ति को दिल्ली पुलिस की पीसीआर टीम बेहोशी की हालत में अस्पताल लेकर पहुंची थी। डॉक्टरों के मुताबिक मरीज को अब होश आ गया है और उसकी हालत पहले से बेहतर है। फिलहाल उसे भी वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है और अगले दो से तीन दिनों में वेंटिलेटर हटाने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि मरीज अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुआ है और हल्के भ्रम की स्थिति में है।
अस्पताल सूत्रों ने बताया कि दोनों मरीज अत्यधिक गर्मी, शरीर में पानी की कमी और लंबे समय तक तेज धूप में रहने के कारण हीट स्ट्रोक का शिकार हुए थे। अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने इमरजेंसी कूलिंग, फ्लूड मैनेजमेंट और अन्य जरूरी इलाज शुरू किया, जिससे उनकी जान बचाई जा सकी।
हीट स्ट्रोक यूनिट के नोडल अधिकारी डॉ. अजय चौहान ने कहा कि दिल्ली में तापमान लगातार खतरनाक स्तर तक पहुंच रहा है। ऐसे में बुजुर्गों, बच्चों, मजदूरों, ट्रैफिक पुलिसकर्मियों और लंबे समय तक बाहर काम करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
मेडिसिन विभाग के डॉ. रमेश मीणा ने लोगों को सलाह दी कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक तेज धूप में निकलने से बचें। अधिक मात्रा में पानी और ओआरएस का सेवन करें, हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें और शरीर को हाइड्रेट रखें। डॉक्टरों ने कहा कि लापरवाही बरतने पर हीट स्ट्रोक जानलेवा साबित हो सकता है।





