Pari Chowk traffic jam: परी चौक जाममुक्त योजना अटकी: एयरपोर्ट से पहले समाधान की दरकार, रैपिड रेल बनी बड़ी बाधा
Pari Chowk traffic jam: परी चौक जाममुक्त योजना अटकी: एयरपोर्ट से पहले समाधान की दरकार, रैपिड रेल बनी बड़ी बाधा
ग्रेटर नोएडा का प्रमुख चौराहा परी चौक लंबे समय से भीषण जाम की समस्या से जूझ रहा है, लेकिन इसे जाममुक्त बनाने की बहुप्रचारित योजना अभी तक फाइलों से आगे नहीं बढ़ पाई है। नए डिजाइन की रूपरेखा तैयार कराने के लिए केंद्रीय सड़क अनुसंधान संगठन, आईआईटी रुड़की सहित एक निजी विश्वविद्यालय के छात्रों से सर्वेक्षण कराया जा चुका है। विशेषज्ञों ने कई बार प्राधिकरण अधिकारियों के सामने विस्तृत प्रस्तुतिकरण भी दिया, मगर जमीनी स्तर पर निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है।
स्थिति इसलिए और गंभीर मानी जा रही है क्योंकि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान सेवाएं शुरू होने के बाद ग्रेटर नोएडा की सड़कों पर वाहनों का दबाव कई गुना बढ़ने की संभावना है। मौजूदा समय में ही परी चौक से प्रतिदिन दो लाख से अधिक वाहन गुजरते हैं। एयरपोर्ट संचालन के बाद यातायात का यह आंकड़ा और बढ़ेगा, जिससे जाम की समस्या विकराल रूप ले सकती है।
परी चौक औद्योगिक और आवासीय क्षेत्रों को जोड़ने वाला अहम जंक्शन है। बुलंदशहर, सिकंद्राबाद, दनकौर और कासना की ओर से आने वाले वाहन यहीं से होकर नोएडा, फरीदाबाद और दिल्ली की दिशा में जाते हैं। इसी तरह दिल्ली और नोएडा से आने वाला ट्रैफिक भी परी चौक के जरिए आगे बढ़ता है। सूरजपुर-कासना मार्ग, 130 मीटर चौड़ी सड़क, दादरी-सूरजपुर-छलेरा मार्ग और सिरसा गोलचक्कर से खेरली नहर तिराहे तक का यातायात भी इसी क्षेत्र पर निर्भर है। बढ़ती आबादी और एनसीआर में वाहनों की संख्या में लगातार इजाफे ने लगभग 30 साल पहले डिजाइन किए गए इस चौराहे को दबाव झेलने में अक्षम बना दिया है।
प्राधिकरण अधिकारियों का कहना है कि नए डिजाइन में एलिवेटेड रोड और अंडरपास जैसे विकल्पों पर विचार किया जा रहा है, ताकि ट्रैफिक का प्रवाह बिना रुके जारी रह सके। साथ ही यह भी ध्यान रखा जाएगा कि परी चौक की पहचान और संरचनात्मक स्वरूप पूरी तरह समाप्त न हो। हालांकि योजना के क्रियान्वयन में सबसे बड़ी बाधा गाजियाबाद से एयरपोर्ट तक प्रस्तावित रैपिड रेल परियोजना बन रही है। रैपिड रेल का रूट परी चौक से होकर गुजरना प्रस्तावित है और यहां एक स्टेशन भी प्रस्तावित है। ऐसे में जब तक रैपिड रेल परियोजना का कार्य स्पष्ट रूप से आगे नहीं बढ़ता, तब तक स्थायी समाधान पर निर्णय लेना मुश्किल माना जा रहा है।
जाम कम करने के लिए कुछ अस्थायी कदम जरूर उठाए गए हैं। नॉलेज पार्क स्थित इंडिया एक्सपो मार्ट और तुगलपुर की ओर जाने के लिए नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर नए कट बनाए गए हैं। नोएडा की ओर से आने वाले वाहनों को दाएं मुड़ने पर रोक लगाई गई है और उन्हें अल्फा-1 कमर्शियल से घूमकर आने की व्यवस्था की गई है। इसके बावजूद ट्रैफिक दबाव में अपेक्षित कमी नहीं आई है।
ग्रेटर नोएडा के सीईओ रवि कुमार एनजी का कहना है कि परी चौक को जाममुक्त बनाने की योजना पर काम जारी है और विशेषज्ञों से लगातार सलाह ली जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नया डिजाइन तैयार किया जाएगा, लेकिन एयरपोर्ट के लिए प्रस्तावित रैपिड रेल परियोजना की प्रगति के बाद ही अंतिम रूप से निर्माण कार्य शुरू किया जा सकेगा।
स्थानीय निवासियों और दैनिक यात्रियों की मांग है कि एयरपोर्ट शुरू होने से पहले ही ठोस समाधान लागू किया जाए, ताकि शहर को जाम की बड़ी समस्या से राहत मिल सके और क्षेत्र का समग्र विकास प्रभावित न हो।




