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YEIDA Worker Housing: यीडा क्षेत्र में श्रमिक आवास नीति पर सवाल, किफायती आवास को लेकर स्पष्ट योजना नहीं

YEIDA Worker Housing: यीडा क्षेत्र में श्रमिक आवास नीति पर सवाल, किफायती आवास को लेकर स्पष्ट योजना नहीं

नोएडा। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र को तेजी से नए औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की कई औद्योगिक परियोजनाएं स्थापित हो रही हैं, लेकिन इन उद्योगों में कार्य करने वाले श्रमिकों और कर्मचारियों के लिए किफायती आवास की व्यवस्था को लेकर अभी तक कोई स्पष्ट नीति सामने नहीं आई है। इस मुद्दे को लेकर आरटीआई कार्यकर्ता एवं नोवरा अध्यक्ष डॉ. रंजन तोमर ने चिंता जताई है।

डॉ. रंजन तोमर ने बताया कि उन्होंने सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत यीडा से जानकारी मांगी थी। आरटीआई में पूछा गया था कि क्या औद्योगिक श्रमिकों के लिए कोई विशेष आवासीय योजना तैयार की जा रही है, क्या कम लागत वाले श्रमिक आवास विकसित किए जाएंगे और क्या उद्योगों को अपने कर्मचारियों के लिए आवास विकसित करने की अनुमति देने वाली कोई नीति मौजूद है।

यीडा की ओर से दिए गए जवाब में केवल ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) फ्लैटों के निर्माण का उल्लेख किया गया। हालांकि आरटीआई में पूछे गए मूल प्रश्नों का स्पष्ट और बिंदुवार उत्तर नहीं दिया गया। विशेष रूप से यह स्पष्ट नहीं किया गया कि औद्योगिक इकाइयों में कार्यरत लाखों श्रमिकों के लिए कोई समर्पित आवास नीति मौजूद है या नहीं।

डॉ. रंजन तोमर ने कहा कि हाल ही में नोएडा में श्रमिकों द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन इस बात का संकेत हैं कि सम्मानजनक और किफायती आवास की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। उनका कहना है कि अधिक किराया, कार्यस्थलों से लंबी दूरी और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने की मजबूरी के कारण श्रमिकों को कई व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो भविष्य में यमुना सिटी क्षेत्र में भी आवास को लेकर गंभीर स्थिति उत्पन्न हो सकती है। उन्होंने बताया कि आरटीआई में मिले अधूरे और अस्पष्ट जवाब के खिलाफ प्रथम अपील दायर की जाएगी और इस विषय को राज्य सरकार तथा संबंधित विभागों के समक्ष भी उठाया जाएगा।

वहीं, यीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) आरके सिंह ने कहा कि यमुना सिटी में श्रमिक सुविधा केंद्र विकसित करने की योजना पर काम चल रहा है। इसके अलावा श्रमिकों के लिए आवास विकसित करने हेतु उपयुक्त भूमि की तलाश भी की जा रही है। उन्होंने संकेत दिया कि भविष्य में श्रमिकों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए आवास संबंधी योजनाओं पर आगे कदम उठाए जा सकते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यमुना सिटी में औद्योगिक निवेश तेजी से बढ़ रहा है और आने वाले वर्षों में यहां बड़ी संख्या में श्रमिकों और कर्मचारियों की आवश्यकता होगी। ऐसे में किफायती आवास, परिवहन और बुनियादी सुविधाओं की समुचित योजना बनाना क्षेत्र के संतुलित औद्योगिक विकास के लिए आवश्यक होगा।

 

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संवाददाता

Priyanka Singh

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