TB Mukt Bharat Campaign: गांव-शहर तक पहुंचा 100 दिवसीय अभियान, आयुष्मान आरोग्य शिविरों से बढ़ी स्वास्थ्य सुविधाएं

TB Mukt Bharat Campaign: गांव-शहर तक पहुंचा 100 दिवसीय अभियान, आयुष्मान आरोग्य शिविरों से बढ़ी स्वास्थ्य सुविधाएं

नई दिल्ली में देश को टीबी मुक्त बनाने की दिशा में चल रहा 100 दिवसीय राष्ट्रीय अभियान अब तेजी से गांव-गांव और शहर-शहर तक पहुंच चुका है। इस अभियान का उद्देश्य न केवल टीबी जैसी गंभीर बीमारी की पहचान और उपचार को मजबूत करना है, बल्कि लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी है।

विशेषज्ञों के अनुसार, टीबी एक संक्रामक लेकिन पूरी तरह से इलाज योग्य बीमारी है, बशर्ते इसकी समय पर पहचान हो जाए। इसी को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के नेतृत्व में देशभर में बड़े पैमाने पर ‘आयुष्मान आरोग्य शिविर’ आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे नागरिकों को उनके घर के नजदीक ही स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं।

इन शिविरों का उद्देश्य केवल टीबी की जांच और इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां बीपी, मधुमेह और अन्य गैर-संचारी रोगों की भी समय पर स्क्रीनिंग की जा रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि शुरुआती जांच और समय पर उपचार से टीबी सहित कई बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।

स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव के अनुसार, देशभर में हजारों की संख्या में आयुष्मान आरोग्य शिविर लगाए जा रहे हैं, जहां प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी लोगों की मुफ्त जांच कर रहे हैं और जरूरत पड़ने पर उन्हें आगे के इलाज के लिए रेफर भी किया जा रहा है।

सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने नजदीकी स्वास्थ्य शिविर में जाकर टीबी, बीपी और मधुमेह की जांच अवश्य कराएं और एक स्वस्थ एवं टीबी मुक्त भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान दें।

ममूटी ने कहा कि उन्हें ‘मेगास्टार’ की उपाधि पसंद नहीं है, उन्हें लगता है कि उनके जाने के बाद लोग उन्हें याद नहीं रखेंगे

Hot this week

Topics

spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img