Yamuna City: यमुना सिटी बनेगी एआई, आईटी और वित्तीय संस्थानों का बड़ा हब, सेक्टर-11 में 500 एकड़ भूमि आरक्षित

Yamuna City: यमुना सिटी बनेगी एआई, आईटी और वित्तीय संस्थानों का बड़ा हब, सेक्टर-11 में 500 एकड़ भूमि आरक्षित
नोएडा। यमुना सिटी को तकनीक और वित्तीय सेवाओं के वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने बड़ी तैयारी शुरू कर दी है। यमुना सिटी का सेक्टर-11 भविष्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) और वित्तीय संस्थानों का प्रमुख केंद्र बनेगा। इसके लिए प्राधिकरण ने करीब 500 एकड़ भूमि आरक्षित कर दी है। इस क्षेत्र के विकास का एक मजबूत और आधुनिक मॉडल तैयार करने के लिए एक परामर्शदाता कंपनी का चयन किया जाएगा।
प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए जल्द ही एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (ईओआई) जारी की जाएगी। ईओआई के माध्यम से देश-विदेश की नामी परामर्शदाता एजेंसियों से प्रस्ताव आमंत्रित किए जाएंगे, जो एआई, आईटी और फाइनेंशियल सेक्टर के अनुरूप आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर और विकास मॉडल सुझाएंगी। इसके लिए आवश्यक दस्तावेज तैयार किए जा रहे हैं।
तकनीकी युग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर लगातार बढ़ते जोर को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार भी इस दिशा में विशेष प्रयास कर रही है। इसी क्रम में यमुना प्राधिकरण ने सेक्टर-11 को हाईटेक हब के रूप में विकसित करने की योजना बनाई है। यहां एआई आधारित रिसर्च सेंटर, आईटी कंपनियों के कार्यालय, डेटा एनालिटिक्स यूनिट और अत्याधुनिक डेटा सेंटर विकसित किए जाएंगे।
यमुना प्राधिकरण पहले से ही सेक्टर-11 में उत्तर भारत की पहली फिनटेक सिटी विकसित करने की योजना पर काम कर रहा है। यह फिनटेक सिटी करीब 750 एकड़ में प्रस्तावित है, जिसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार हो चुकी है। पहले चरण में इसे 250 एकड़ में विकसित किया जाएगा, जहां विभिन्न प्रकार की वित्तीय संस्थाएं, बैंकिंग टेक्नोलॉजी कंपनियां, स्टार्टअप और डिजिटल फाइनेंस से जुड़ी संस्थाएं स्थापित होंगी। अब इसी क्षेत्र में एआई, डेटा और आईटी से जुड़े अन्य केंद्र भी विकसित किए जाएंगे।
अधिकारियों का कहना है कि सेक्टर-11 में इस तरह के संस्थानों के लिए 90 प्रतिशत से अधिक भूमि पहले ही आरक्षित की जा चुकी है। एआई से जुड़ी कंपनियों के लिए भौतिक बुनियादी ढांचा, उन्नत तकनीक, सॉफ्टवेयर और डेटा सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। एआई का मुख्य आधार डेटा होता है, इसलिए यहां डेटा को सुरक्षित रखने के लिए विशेष डेटा पार्क और अत्याधुनिक सर्वर सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।
यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट के नजदीक आईटी और एआई पार्क विकसित करने की योजना को लेकर प्राधिकरण ने माइक्रोसॉफ्ट, एप्पल, टेक महिंद्रा समेत कई बड़ी वैश्विक कंपनियों के सीईओ को पत्र भेजे हैं। इन कंपनियों की ओर से यमुना सिटी में निवेश को लेकर रुचि भी दिखाई गई है। प्राधिकरण का प्रयास है कि ईओआई प्रक्रिया के माध्यम से आने वाली एजेंसियों और कंपनियों के साथ मिलकर पूरे हब का एकीकृत विकास मॉडल तैयार किया जाए।
यीडा का मानना है कि एक बार पूरी भूमि आरक्षित हो जाने के बाद ही निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की बाधा या कानूनी अड़चन न आए। इस परियोजना के पूरा होने से न केवल यमुना सिटी को नई पहचान मिलेगी, बल्कि हजारों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे और क्षेत्र का समग्र आर्थिक विकास होगा।





