World Bipolar Day 2026: खुलकर बात करें, समय पर इलाज से संभव सामान्य जीवन

World Bipolar Day 2026: खुलकर बात करें, समय पर इलाज से संभव सामान्य जीवन
हर साल 30 मार्च को World Bipolar Day मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य बाइपोलर डिसऑर्डर (द्विध्रुवी विकार) के प्रति जागरूकता बढ़ाना और लोगों को समय पर इलाज के लिए प्रेरित करना है। यह एक गंभीर लेकिन पूरी तरह उपचार योग्य मानसिक स्वास्थ्य स्थिति है, जिसमें व्यक्ति मेनिया (मैनिक) और अवसाद (डिप्रेसिव) के तीव्र दौरों से गुजरता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, मेनिया के दौरान व्यक्ति में अत्यधिक ऊर्जा, कम नींद, तेजी से बोलना और जोखिम भरा व्यवहार देखने को मिलता है। वहीं अवसाद की स्थिति में गहरी उदासी, थकान, निराशा और ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई होती है। Institute of Human Behaviour and Allied Sciences के प्रोफेसर Dr Om Prakash का कहना है कि समाज में इस बीमारी को लेकर जागरूकता बेहद जरूरी है, ताकि मरीज समय रहते इलाज शुरू कर सके।
डॉ. ओम प्रकाश ने स्पष्ट किया कि बाइपोलर डिसऑर्डर किसी व्यक्ति की पहचान नहीं है। सही इलाज, नियमित फॉलो-अप और परिवार के सहयोग से मरीज पूरी तरह सामान्य और सफल जीवन जी सकता है। उन्होंने बताया कि यह विकार मुख्य रूप से तीन प्रकार का होता है—बाइपोलर-1, बाइपोलर-2 और साइक्लोथाइमिया, जिनमें लक्षणों की तीव्रता अलग-अलग होती है।
इस बीमारी का सटीक कारण अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है, लेकिन आनुवंशिकी, मस्तिष्क के रसायनों में असंतुलन और तनावपूर्ण परिस्थितियां इसके प्रमुख कारण माने जाते हैं। उपचार में मूड स्टेबलाइजर दवाएं, एंटीसाइकोटिक दवाएं और जरूरत के अनुसार एंटीडिप्रेसेंट दी जाती हैं। साथ ही साइकोथेरेपी, विशेषकर कॉग्निटिव बिहेवियर थेरेपी (CBT), काफी प्रभावी मानी जाती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि दवाओं के साथ-साथ जीवनशैली में सुधार भी बेहद जरूरी है। नियमित नींद, संतुलित आहार और व्यायाम से मूड को स्थिर रखने में मदद मिलती है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि मानसिक स्वास्थ्य को लेकर खुलकर बात की जाए और शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज न किया जाए।
मानसिक स्वास्थ्य सहायता के लिए Tele-MANAS जैसी सेवाएं भी उपलब्ध हैं। यह 24×7 टोल-फ्री हेल्पलाइन (14416) के माध्यम से लोगों को प्रशिक्षित काउंसलरों और विशेषज्ञों से तुरंत सलाह लेने की सुविधा देती है। यह पहल उन लोगों के लिए बेहद उपयोगी है जो मानसिक तनाव या किसी समस्या से जूझ रहे हैं।
यह दिन हमें याद दिलाता है कि मानसिक स्वास्थ्य उतना ही महत्वपूर्ण है जितना शारीरिक स्वास्थ्य। सही समय पर पहचान, इलाज और समर्थन से बाइपोलर डिसऑर्डर के साथ भी एक संतुलित और खुशहाल जीवन जिया जा सकता है।
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