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Winter heart care: सर्दी में बुजुर्गों के लिए हृदय स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान जरूरी

Winter heart care: सर्दी में बुजुर्गों के लिए हृदय स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान जरूरी

नई दिल्ली, 11 जनवरी: पहाड़ी और बर्फीली हवाओं के चलते राजधानी दिल्ली का तापमान 3–5 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है। इस ठंड के मौसम में हृदय रोग और उच्च रक्तचाप से पीड़ित बुजुर्गों की चिंता बढ़ गई है।

गोविन्द बल्लभ पंत अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. युसूफ जमाल के अनुसार, सर्दी के मौसम में बुजुर्गों को हृदय का विशेष ध्यान रखना चाहिए। ठंड में दिल का दौरा पड़ने का खतरा चार गुना बढ़ जाता है, जबकि ब्लड प्रेशर और फेफड़ों की समस्याओं में वृद्धि दोगुनी हो जाती है। इस स्थिति में हार्ट अटैक, कार्डियक अरेस्ट या एंजाइना जैसी गंभीर समस्याओं का जोखिम अधिक हो जाता है।

बचाव के उपाय
डॉ. जमाल ने बताया कि बुजुर्ग ठंड में अपने शरीर को गर्म रखें। ऊनी कपड़े, स्वेटर, मोजे और टोपी पहनें। सुबह–शाम ठंडी हवा से बचें। ब्लड प्रेशर की नियमित जांच करें और डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाइयां लें। हल्का व्यायाम, जैसे घर के अंदर टहलना, स्ट्रेचिंग या योग, हृदय में रक्त प्रवाह बनाए रखने में मदद करता है। कम नमक और हल्का तला-भुना भोजन लें। सर्दी में प्यास कम लग सकती है, लेकिन पर्याप्त पानी पिएं। तंबाकू और शराब से बचें।

डॉक्टर से कब संपर्क करें
यदि सीने में दर्द या दबाव, सांस लेने में कठिनाई, चक्कर या अत्यधिक कमजोरी जैसी समस्या हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। लंबे समय तक खांसी, सीने में जकड़न या सांस फूलना भी गंभीर हो सकता है।

हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट में अंतर
हार्ट अटैक तब होता है जब हृदय में रक्त प्रवाह में रुकावट आती है और हृदय की मांसपेशियों को नुकसान पहुंचता है। जबकि कार्डियक अरेस्ट दिल की विद्युत प्रणाली की खराबी के कारण अचानक हृदय की धड़कन रुक जाना है। कार्डियक अरेस्ट ‘इलेक्ट्रिकल’ समस्या है, जबकि हार्ट अटैक ‘पाइपलाइन’ समस्या। एंजाइना का मतलब सीने में दर्द, दबाव या बेचैनी है। इन सभी स्थितियों में तुरंत चिकित्सा सहायता लेना आवश्यक है।

ममूटी ने कहा कि उन्हें ‘मेगास्टार’ की उपाधि पसंद नहीं है, उन्हें लगता है कि उनके जाने के बाद लोग उन्हें याद नहीं रखेंगे

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