Uttar Pradesh : वृंदावन नाव हादसा, मृतकों की संख्या 13 पहुंची, तीसरे दिन भी जारी है राहत और बचाव अभियान

Mathura News : कान्हा की नगरी वृंदावन में यमुना नदी में शुक्रवार को हुए दर्दनाक नाव हादसे ने पूरे देश को शोक में डुबो दिया है। रविवार को राहत और बचाव कार्य के तीसरे दिन दो और शव मिलने के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है, जबकि अभी भी तीन लोग लापता बताए जा रहे हैं जिनकी तलाश लगातार जारी है।
रविवार सुबह बचाव दल को लुधियाना की रहने वाली बीए अंतिम वर्ष की छात्रा डिंकी और जगराओं के ऋषभ शर्मा के शव बरामद हुए। नदी में काफी देर तक रहने के कारण शव फूलकर ऊपर आ गए थे, जिन्हें रस्सियों की मदद से बाहर निकाला गया। मौके पर मौजूद परिजनों ने बेहद गमगीन माहौल में उनकी पहचान की। इससे पहले शनिवार को मानिक टंडन का शव मिला था, जिसकी कुछ ही महीनों बाद शादी होने वाली थी, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने सर्च ऑपरेशन का दायरा 14 किलोमीटर से बढ़ाकर 20 किलोमीटर तक कर दिया है। सेना, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के करीब 250 जवान आधुनिक उपकरणों के साथ लगातार यमुना नदी में तलाश अभियान चला रहे हैं ताकि लापता लोगों का जल्द से जल्द पता लगाया जा सके।
यह हादसा शुक्रवार दोपहर करीब तीन बजे केसी घाट के पास हुआ था, जब एक छोटी नाव में क्षमता से अधिक 38 श्रद्धालु सवार हो गए थे। अधिक भार होने के कारण नाव का संतुलन बिगड़ गया और वह अचानक पलट गई। इस मामले में पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए नाविक पप्पू निषाद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, वहीं पांटून पुल के ठेकेदार नारायण शर्मा के खिलाफ भी लापरवाही के आरोप में कार्रवाई की गई है।
अब तक 22 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, लेकिन इस हादसे ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने स्वीकार किया है कि मौके पर लाइफ जैकेट जैसी बुनियादी सुरक्षा सुविधाओं का अभाव था। हादसे के बाद यमुना किनारे मातम पसरा हुआ है और लापता लोगों के परिजन अपनों की एक झलक पाने के इंतजार में नदी की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं। स्थानीय प्रशासन ने भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सभी घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था सख्त करने के निर्देश जारी किए हैं।




