उत्तर प्रदेश : बुलंदशहर में सीबीआई ऑफिसर बनकर 50 लाख की डकैती, 5 गिरफ्तार

Bulandshar News (अवनीश त्यागी) : बुलंदशहर के कस्बा अनूपशहर में एक बिल्डिंग मैटेरियल व्यापारी के घर फर्जी सीबीआई अधिकारी बनकर की गई लूट की वारदात का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस लूट को कुख्यात अपराधी इंदरपाल उर्फ ताऊ ने अंजाम दिया था। इंदरपाल उर्फ ताऊ वही अपराधी है, जिसने वर्ष 2015-16 में नगर के एलएम ज्वैलर्स पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी डकैती को अंजाम दिया था।
एसएसपी दिनेश कुमार सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पुलिस जांच में सामने आया है कि इस लूट की पूरी योजना दुकान के एक पूर्व मजदूर ने बनाई थी, जिसने रेकी कराने में भी अहम भूमिका निभाई। पुलिस ने इंदरपाल उर्फ ताऊ, पूर्व मजदूर समेत कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से लूट का करीब 40 लाख रुपए मूल्य का सोना और 5.35 लाख रुपए की नकदी बरामद की गई है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी इंदरपाल उर्फ ताऊ कर्ज से परेशान था, जिसके चलते उसने व्यापारी के घर लूट की योजना बनाई। बताया जा रहा है कि वह 11 दिसंबर को ही जेल से छूटकर बाहर आया था। घटना 19 दिसंबर की है। सुबह करीब नौ बजे अनूपशहर के मोहल्ला पोखर निवासी व्यापारी शंकर भगवान के घर चार बदमाश पहुंचे। उन्होंने खुद को सीबीआई अधिकारी बताते हुए दरवाजा खुलवाया और घर में घुस गए। इसके बाद तमंचे के बल पर घर के सभी सदस्यों को डरा-धमकाकर एक कमरे में बंद कर दिया।
करीब आधे घंटे तक घर में लूटपाट करने के बाद बदमाश करीब 40 लाख रुपए के जेवरात और 5.35 लाख रुपए की नकदी लेकर फरार हो गए। दिनदहाड़े हुई इस लूट की वारदात से पुलिस प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए थे। घटना की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी मौके पर पहुंचे और शीघ्र खुलासे के लिए स्वाट टीम और अनूपशहर पुलिस को आवश्यक निर्देश दिए थे, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने 12 दिन के भीतर इस मामले का खुलासा किया। स्वाट टीम प्रभारी असलम, प्रदीप कुमार, कपिल नैन, प्रदीप कुमार, आरिफ, रोहित कुमार, नरेन्द्र कुमार, सचिन चौहान और अनूपशहर पुलिस की टीम ने करीब 400 सीसीटीवी फुटेज खंगाले। जांच में सामने आया कि गांव रूपवास ऐचोरा निवासी संजय शर्मा, जो पहले व्यापारी की दुकान पर ट्रैक्टर चलाकर मजदूरी करता था, उसने ही इस पूरी वारदात की साजिश रची थी।





