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उत्तर प्रदेश : नन्हा पर्यावरण प्रहरी एल्विस कुशवाहा जगा रहा है लोगों में पेड़ लगाने की अलख

Lucknow/Etawah (दिनेश शाक्य) : कभी उत्तराखंड में पेड़ो को काटने से बचाने की दिशा में चलाए गए चिपको आंदोलन को लोग आज भी भूले नहीं होगे ठीक उसी तरह से उत्तर प्रदेश के इटावा के नन्हे पर्यावरणीय प्रहरी एल्विस कुशवाहा ने पेड़ो को लगाने की मुहिम शुरू की है जिसको हर कोई सराह रहा है। खास बात यह है कि कोरोना कल में जब लोग डरे सहमे थे उसे समय एल्विस पेड़ लगाने की महिमा में जुटा था और अपने साथियों को भी इसके लिए प्रेरित किया।

इटावा में कक्षा तीन का एक स्कूली छात्र एल्विस कुशवाहा लोगो को पर्यावरण के प्रति जागरुक करते हुए पेड़ों को लगाने के मुहिम ने जुटा हुआ है। मासूम नन्हा पर्यावरणीय प्रहरी अब तक कम से कम 600 की संख्यां में अमरूद,जामुन,आंवला,आम ओर क्रिसमिस ट्री लोगो को बांट चुका है।

इटावा में लोगों को पेड़ों को लगाने के लिए जागरूक करने में जुटा मासूम स्कूली छात्र मात्र आठ साल का है।
नन्हें पर्यावरणीय प्रहरी की पेड़ो को बांटने की मुहिम से प्रभावित हो कर इटावा के जिला वन अधिकारी विकास नायक बेहद गदगद हो उसे वन विभाग के पौधारोपण कार्यक्रम से जोड़ने की प्रकिया में जुट गए है।

नन्हें पर्यावरणीय प्रहरी को यह सब कुछ करने की प्रेरणा उसके नाना ओर माता की ओर से मिली हुई है। आज जिस उम्र में लोग मोबाइल फोन चलाने ओर खेलने कूदने से समय जाया करते है ऐसे में मासूम एल्विस लोगों के बीच जा कर उनको पेड़ बांट कर पर्यावरण के प्रति सजग करता हुआ दिख रहा है। एक सितंबर 2017 को इटावा के अजीतनगर में जन्मे एल्विस कुशवाहा के पिता उमेश आगरा सिंचाई में अमीन के पद पर तैनात है।

एल्विस की मां पूजा कुशवाहा मूल रूप से झांसी जिले की रहने वाली है,जिन्होंने अपने इकलौते बेटे एल्विस को पर्यावरण के प्रति सक्रिय रहने में योगदान दिया है लेकिन एल्विस को असली पर्यावरणीय प्रेमी बनाने में उसके नाना रमेश कुशवाहा का सबसे बड़ा योगदान माना जायेगा जिन्होंने उसे सबसे पहले अपने घर में कनेर,नारियल ओर गुड़हल के चार पेड़ अजीतनगर वाले घर में लगाने को दिए थे,इन पेड़ों से निकलने वाले फूलों को एल्विस भगवान शंकर की पूजा में इस्तेमाल करने लगा । एल्विस में पर्यावरण प्रेमी की बीज रोपने वाले उसके नाना रमेश कुशवाहा भी खुद बहुत बड़े पर्यावरणीय है। जिन्होंने अपने झांसी स्थिति घर पर बड़ी संख्या में पेड़ो को लगा रखा है। रमेश कुशवाहा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में पावर कारपोरेशन में अवर अभियंता के रूप में तैनात है।
साल 2019 में फैले विश्वव्यापी कोविड संक्रमण में एल्विस ने पर्यावरणीय प्रहरी बनने की ठानी।

एल्विस की मां पूजा कुशवाहा बताती है कि एल्विस में अपने घर में एक गोलक बनाई हुई है जिसमें वह खुद को मिलने वाले पैसे जमा करता है और अपने जन्मदिन पर गोलक में जमा पेसो से खिलौने खरीदने के बजाए पेड़ो को खरीद कर अपने दोस्तों को बांटने के साथ साथ पेड़ो को लगाने की सलाह देता है। सिर्फ अपने जन्मदिन पर ही नहीं 5 जून पर्यावरण दिवस पर भी वह यह सब करता है। केंद्र सरकार की ओर से चलाये जा रहे एक पेड़ मां के नाम पर पेड़ लगाने की मुहीम में भी उसने खासी रुचि दिखाई है।
पूजा बताती है कि 4 जुलाई 2022 को इटावा के दिल्ली पब्लिक स्कूल में यूकेजी में उसका एडमिशन कराया गया तब उसने स्कूल की प्रिंसिपल भावना सिंह को एक पेड़ भेंट किया। कोविड काल में जब बच्चे खेलने कूदने से दूरी बनाए हुए थे तो उनका बेटा अपने साथी बच्चों को पेड़ों को लगाने के लिए प्रेरित करने में जुटा हुआ था, कोविड से शुरू हुआ उसका अभियान लगातार जारी बना हुआ है।

एल्विस प्रमुख लोगों को पेड़ भेंट कर चुका है, जिसमें इटावा के प्रथम नागरिक जिला पंचायत अध्यक्ष अभिषेक यादव, भाजपा विधायक श्रीमती सरिता भदौरिया, पान कुंवर इंटरनेशनल स्कूल के अध्यक्ष कैलाश यादव, मशहूर बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल समेत कइयों नामचीन हस्तियों को पेड़ भेंट कर चुका हैं।

नन्हा पर्यावरणीय प्रहरी एल्विस यादव बताता है कि जिस तरह से पर्यावरण लगातार बिगड़ रहा है उसको ठीक करने का एकमात्र विकल्प पेड़ लगाना बेहद जरूरी है । अधिक से अधिक संख्या में पेड़ों को लगाए जाने से हम सभी को ऑक्सीजन तो मिलेगी ही इसके साथ ही तमाम ऐसे फायदे हासिल होगे जिनकी आज बेहद आवश्यकता है। पर्यावरण के प्रति प्रेरित करने के लिए उसकी मां पूजा ने रास्ता दिखाया है जिसको वह अपना रहा है।

इटावा के जिला वन अधिकारी विकास नायक ने नन्हे पर्यावरणीय प्रहरी को अपने ऑफिस में बुलाकर उसकी मां के साथ मुलाकात की है। एल्विस की पर्यावरणीय सोच को लेकर विकास नायक ने जमकर तारीफ करते हुए कहा कि इतनी छोटी से उम्र का बच्चा पर्यावरण के प्रति सजग है यह वाकई में हैरत की बात है हम उसका उज्जवल भविष्य देखते है। वन विभाग से जुड़ी हुई पौधारोपण योजनाओं से एल्विस को जोड़ने की प्लानिंग की जा रही है।

5 जून 2025 में मध्य प्रदेश के दतिया में निर्मित हवाई अड्डे पर एल्विस में पेड़ लगाया है तो आंध्र प्रदेश के तिरुपति मंदिर में पूजा कर दिया अर्चना के बाद वहां के लोगों को तुलसी का पेड़ लगाने को बांटा है। इटावा महोत्सव में आयोजित पर्यावरण छात्र संसद में भी कइयों दफा एल्विस के पर्यावरणीय योगदान के लिए उसको सम्मानित किया जा चुका है।

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