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उत्तर प्रदेश : मथुरा में एक्शन मोड में सरकार, गौतस्करों पर ‘फुल स्टॉप’ की तैयारी, प्रशासन मैदान में उतरा

Mathura News : ‘फरसा वाले बाबा’ के निधन के बाद ब्रज क्षेत्र में उपजे जनाक्रोश के बीच योगी आदित्यनाथ सरकार पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रही है। मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों के बाद मथुरा जिला प्रशासन और पुलिस महकमा अब सीधे जमीन पर उतरकर हालात संभालने में जुट गया है। शासन की मंशा साफ कर दी गई है कि प्रदेश में गौतस्करी पर अब पूरी तरह रोक लगाने की दिशा में निर्णायक कदम उठाए जाएंगे।

ग्राउंड जीरो पर सक्रिय हुए अधिकारी, गोरक्षकों से सीधा संवाद शुरू
मथुरा के गोवर्धन, छाता समेत विभिन्न इलाकों में प्रशासनिक बैठकों का दौर तेज हो गया है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी अब गोरक्षक दलों के साथ सीधे संवाद स्थापित कर रहे हैं और संयुक्त रणनीति तैयार की जा रही है। प्रशासन का फोकस केवल गश्त बढ़ाने तक सीमित नहीं है बल्कि खुफिया तंत्र को मजबूत कर तस्करी की गतिविधियों को शुरुआती स्तर पर ही रोकने की योजना बनाई जा रही है।

एसडीएम प्राजक्ता त्रिपाठी ने गोरक्षकों के साथ बैठक कर उन्हें प्रशासन के साथ समन्वय बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी सूचना को तुरंत साझा किया जाए और अफवाहों से दूर रहते हुए कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग किया जाए। साथ ही उन्होंने गौवंश की सुरक्षा और उनके आश्रय स्थलों को लेकर प्रशासन की गंभीरता दोहराई।

प्रशासन हाई अलर्ट पर, खुफिया तंत्र किया गया सक्रिय
‘फरसा वाले बाबा’ के निधन के बाद उत्पन्न संवेदनशील परिस्थितियों को देखते हुए पूरे जिले को हाई अलर्ट पर रखा गया है। संवेदनशील क्षेत्रों में सादी वर्दी में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है और हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि गौवंश की सुरक्षा में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

प्रशासन का कहना है कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार गोरक्षक दलों के साथ समन्वय बनाकर काम किया जा रहा है ताकि जिले में गौतस्करी की एक भी घटना न हो सके और कानून व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में रहे।

क्यों बदला प्रशासन का मिजाज
ब्रज क्षेत्र में ‘फरसा वाले बाबा’ की गहरी सामाजिक और धार्मिक पहचान रही है। उनके निधन के बाद पैदा हुए भावनात्मक माहौल को देखते हुए सरकार किसी भी तरह का जोखिम लेने के मूड में नहीं है। योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि स्थानीय लोगों का भरोसा कायम रखते हुए दोषियों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई की जाए जो भविष्य के लिए सख्त संदेश बने।

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