उत्तर प्रदेश : अपराध की जननी नशा पर जनसहयोग से किया जाएगा प्रहार: निमिष पाटील

Ghaziabad News : गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट के पुलिस आयुक्त के निर्देशन में ट्रांस हिंडन जोन द्वारा नशे और मादक पदार्थों से जुड़ी गतिविधियों के विरुद्ध एक व्यापक, सघन और सतत अभियान चलाए जाने की तैयारी की गई है। इस अभियान का उद्देश्य जनसुरक्षा को मजबूत करना, सामाजिक कल्याण को बढ़ावा देना तथा युवा पीढ़ी के सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य को सुनिश्चित करना है। पुलिस प्रशासन का मानना है कि नशा न केवल व्यक्ति के जीवन को बर्बाद करता है, बल्कि यही अपराधों की जननी बनकर समाज में चोरी, हिंसा और संगठित अपराधों को जन्म देता है। इसी कारण इस अभियान में आमजन की सहभागिता को भी विशेष रूप से जोड़ा जा रहा है ताकि समाज मिलकर नशे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ सके।
डीसीपी ट्रांस हिंडन जोन निमिष पाटील ने बताया कि यह अभियान पुलिस कमिश्नरेट गाजियाबाद की वर्ष 2026 को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई 10 बिंदुओं की कार्ययोजना के अनुरूप संचालित किया जाएगा। इस कार्ययोजना में निवारक पुलिसिंग, सामुदायिक सहभागिता और मादक पदार्थों से जुड़े संगठित अपराधों के विरुद्ध शून्य सहनशीलता की नीति को प्रमुखता दी गई है। उन्होंने कहा कि केवल पुलिस के प्रयास पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि जनसहयोग से ही इस अभियान को वास्तविक सफलता मिल सकती है। पुलिस कमिश्नरेट गाजियाबाद समाज को नशा मुक्त, सुरक्षित और स्वस्थ बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जमीनी स्तर पर मादक पदार्थों की आपूर्ति श्रृंखला को तोड़ना और नए नशा नेटवर्क को पनपने से पहले ही समाप्त करना है, जिससे अपराध होने से पहले ही उसे रोका जा सके।
अभियान के प्रारंभिक चरण में ट्रांस हिंडन क्षेत्र में नशे से संबंधित कुल 35 संवेदनशील हॉटस्पॉट की पहचान की गई है। डीसीपी ने बताया कि इन स्थानों का चयन खुफिया सूचनाओं, पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड और क्षेत्रीय आकलन के आधार पर किया गया है, जहां मादक पदार्थों की तस्करी, बिक्री या सेवन की आशंका पाई गई है। इन सभी चिन्हित स्थानों पर नियमित और सघन पुलिस गश्त की जाएगी तथा निरंतर निगरानी रखी जाएगी। इसके साथ ही आकस्मिक चेकिंग अभियान चलाकर लक्षित कार्यवाही की जाएगी और मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। बीट पुलिसिंग और स्थानीय मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जाएगी।
डीसीपी निमिष पाटील ने यह भी स्पष्ट किया कि यह अभियान केवल दंडात्मक कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि निवारक पुलिसिंग पर भी विशेष जोर दिया जाएगा। मादक पदार्थों से जुड़े मामलों में बार-बार शामिल पाए जाने वाले आदतन अपराधियों के खिलाफ विधि सम्मत प्रावधानों के अंतर्गत बाउंड डाउन की कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई का उद्देश्य ऐसे अपराधियों को अवैध गतिविधियों से रोकना, नशे से जुड़े अपराधों की पुनरावृत्ति पर अंकुश लगाना और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाना है।
पुलिस प्रशासन का मानना है कि प्रवर्तन के साथ-साथ जन-जागरूकता और सामुदायिक सहभागिता भी उतनी ही आवश्यक है। इसी सोच के तहत ट्रांस हिंडन जोन पुलिस द्वारा विद्यालयों, महाविद्यालयों और नागरिक समाज के बीच व्यापक जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। स्कूलों और कॉलेजों में विशेष सत्र आयोजित कर विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराया जाएगा। आरडब्ल्यूए, कॉलोनियों और विभिन्न नागरिक समूहों के साथ संवाद स्थापित कर युवाओं, अभिभावकों और शिक्षकों को नशे के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक नुकसान, इसके कानूनी परिणाम, नशे की प्रारंभिक पहचान और सहायता प्राप्त करने के तरीकों की जानकारी दी जाएगी।
इस अभियान से दीर्घकालिक और सकारात्मक परिणाम सामने आने की उम्मीद जताई जा रही है। नशे पर प्रभावी नियंत्रण से चोरी, हिंसा और संगठित अपराधों में उल्लेखनीय कमी आएगी। युवाओं को नशे से दूर रखकर एक स्वस्थ, जागरूक और जिम्मेदार पीढ़ी का निर्माण किया जा सकेगा, जिसका लाभ न केवल नशा करने वाले व्यक्ति को बल्कि उनके परिवार और पूरे समाज को मिलेगा।
अंत में डीसीपी ट्रांस हिंडन जोन ने आमजन से अपील की है कि नशे से जुड़ी किसी भी प्रकार की जानकारी बिना झिझक पुलिस के साथ साझा करें, युवाओं को मादक पदार्थों से दूर रहने के लिए प्रेरित करें और पुलिस द्वारा चलाए जा रहे जन-जागरूकता अभियानों में सक्रिय सहभागिता निभाएं, ताकि मिलकर नशामुक्त समाज का निर्माण किया जा सके।




