सरकार ने धान की कटाई से पहले पराली के उचित प्रबंधन के लिए किए अग्रिम इंतजाम: गुरमीत सिंह खुड़ियां

सरकार ने धान की कटाई से पहले पराली के उचित प्रबंधन के लिए किए अग्रिम इंतजाम: गुरमीत सिंह खुड़ियां

* अब तक 11vvvcg,000 से अधिक सी.आर.एम. मशीनों के लिए 6,377 मंजूरी पत्र जारी; किसानों ने 5,534 मशीनें खरीदीं

* 4,945 मंजूरी पत्रों के साथ सी.आर.एम. मशीनों में सुपर सीडर की मांग सबसे अधिक: कृषि मंत्री

* छोटे और सीमांत किसानों के लिए 163 कस्टमर हायरिंग सेंटर स्थापित

रिपोर्ट :कोमल रमोला

चंडीगढ़, 10 सितंबर:पंजाब के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री गुरमीत सिंह खुड़ियां ने बताया कि धान की कटाई के सीजन की शुरुआत से पहले इस बार कृषि विभाग द्वारा राज्य में पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए अग्रिम प्रबंध किए गए हैं। विभाग की ओर से अब तक 11,052 कृषि अवशेष प्रबंधन (सी.आर.एम.) मशीनों के लिए 6,377 मंजूरी पत्र जारी किए गए हैं ताकि किसानों को पराली के सही प्रबंधन में मदद मिल सके।

श्री गुरमीत सिंह खुड़ियां ने बताया कि किसानों द्वारा पराली के उचित प्रबंधन के लिए अब तक 5,534 सी.आर.एम. मशीनें खरीदी जा चुकी हैं। इनमें से 4,640 मशीनें व्यक्तिगत किसानों द्वारा, 745 पंजीकृत किसान समूहों द्वारा, 119 सहकारी सभाओं द्वारा और 30 किसान उत्पादक संगठनों द्वारा खरीदी गई हैं।

उन्होंने बताया कि सी.आर.एम. मशीनों में सुपर सीडर मशीनों की मांग सबसे अधिक है और इन मशीनों के लिए 4,945 मंजूरी पत्र जारी किए गए हैं। इसके अलावा, ज़ीरो टिल ड्रिल के लिए 1,164 मंजूरी पत्र, हाइड्रोलिक रिवर्सिबल एम.बी. प्लाऊ के लिए 637, स्ट्रॉ रेक के लिए 630, बेलिंग मशीन के लिए 607 और पैडी स्ट्रॉ चॉपर के लिए 591 मंजूरी पत्र जारी किए गए हैं।

कृषि मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने राज्य में पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए किसानों को मशीनों से लैस करने और अन्य रणनीतियों को लागू करने के लिए 500 करोड़ रुपये की कार्य योजना बनाई है। उन्होंने बताया कि खरीफ सीजन 2024-25 के दौरान सब्सिडी पर विभिन्न फसल अवशेष प्रबंधन (सी.आर.एम.) मशीनों के लिए कृषि विभाग को किसानों, सहकारी सभाओं और पंचायतों से 21,830 आवेदन प्राप्त हुए हैं।

श्री गुरमीत सिंह खुड़ियां ने बताया कि धान की कटाई के बाद फसल अवशेषों के प्रभावी प्रबंधन के लिए छोटे और सीमांत किसानों की सी.आर.एम. मशीनरी तक पहुंच आसान बनाने के लिए राज्य भर में 163 कस्टमर हायरिंग सेंटर (सी.एच.सीज) स्थापित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सी.आर.एम. मशीनें मिट्टी की गुणवत्ता और उर्वरक क्षमता को बनाए रखते हुए खेतों को साफ रखने में किसानों की मदद करके टिकाऊ खेती को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

श्री गुरमीत सिंह खुड़ियां ने राज्य के किसानों से अपील की कि वे सी.आर.एम. मशीनों पर दी जा रही सब्सिडी का अधिकतम लाभ उठाएं और पराली जलाने की समस्या को रोकने के लिए इन मशीनों का अधिक से अधिक उपयोग सुनिश्चित करें। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा सी.आर.एम. मशीनों की खरीद पर व्यक्तिगत किसानों को 50% सब्सिडी और किसान समूहों व सहकारी सभाओं को 80% सब्सिडी दी जा रही है।

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