Shahdara Makar Sankranti Celebration: मकर संक्रांति पर शाहदरा में आस्था का उत्सव, भंडारों और भजनों के बीच झलकी सामाजिक एकता

Shahdara Makar Sankranti Celebration: मकर संक्रांति पर शाहदरा में आस्था का उत्सव, भंडारों और भजनों के बीच झलकी सामाजिक एकता
रिपोर्ट: रवि डालमिया
शाहदरा ज़िले में मकर संक्रांति का पर्व इस वर्ष भी गहरी श्रद्धा, उल्लास और सामाजिक सौहार्द के साथ भव्य रूप से मनाया गया। जिले के अलग-अलग इलाकों में सुबह से ही उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला, जहां श्रद्धालुओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-अर्चना की और भंडारों के माध्यम से सेवा भाव का परिचय दिया। लोगों ने एक-दूसरे को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं दीं और पूरे क्षेत्र में भक्ति और उमंग का माहौल बना रहा।
मकर संक्रांति का यह पर्व गुरु गोरखनाथ जी की परंपरा से जुड़ा हुआ माना जाता है और क्षेत्र में इसे शुभलक्ष्मी पर्व के रूप में भी मनाने की मान्यता है। इसी परंपरा के तहत शाहदरा ज़िले के शांति मोहल्ला स्थित गली नंबर-15 में प्रसाद टेक्सटाइल के तत्वावधान में भव्य भंडारे का आयोजन किया गया। आयोजन स्थल पर सुबह से देर शाम तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और हजारों लोगों ने खिचड़ी, खीर और दही-भल्लों का प्रसाद ग्रहण किया।
भंडारे के दौरान गुरु गोरखनाथ जी के भजनों की मधुर गूंज से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। श्रद्धालु भजनों के साथ प्रसाद का आनंद लेते नजर आए और आयोजन स्थल पर बुजुर्गों, महिलाओं, युवाओं और बच्चों की समान भागीदारी देखने को मिली। सभी लोग एक ही पंक्ति में खड़े होकर प्रसाद ग्रहण करते दिखे, जिसने सामाजिक समरसता और भाईचारे की सुंदर तस्वीर पेश की।
इस अवसर पर भगवान शिव के वाहन और आस्था के प्रतीक नंदी महाराज के दर्शन श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। मान्यता है कि नंदी महाराज शिवभक्तों की प्रार्थनाएं भोलेनाथ तक पहुंचाते हैं। श्रद्धालुओं ने नंदी महाराज के समक्ष नतमस्तक होकर सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। बच्चों और युवाओं में नंदी महाराज के दर्शन को लेकर खास उत्साह देखा गया और कई लोगों ने इस पल को कैमरे में भी कैद किया।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस तरह के धार्मिक और सामाजिक आयोजन न केवल हमारी सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत रखते हैं, बल्कि समाज में आपसी भाईचारे, सहयोग और एकता की भावना को भी मजबूत करते हैं। मकर संक्रांति के इस आयोजन ने पूरे शाहदरा क्षेत्र को भक्ति, सेवा और उत्सव के रंग में रंग दिया और लोगों के दिलों में आस्था और सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया।





