Noida Cyber Crime: चीन के साइबर गिरोह से जुड़ा ठग गिरफ्तार, 35 करोड़ से ज्यादा की ठगी का खुलासा, कई राज्यों तक फैला नेटवर्क

Noida Cyber Crime: चीन के साइबर गिरोह से जुड़ा ठग गिरफ्तार, 35 करोड़ से ज्यादा की ठगी का खुलासा, कई राज्यों तक फैला नेटवर्क
नोएडा साइबर अपराध थाना पुलिस ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी नेटवर्क का खुलासा करते हुए चीन के साइबर ठगों के साथ मिलकर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी को हरियाणा के रोहतक से दबोचा है। आरोपी की पहचान रोहतक की हरि सिंह कॉलोनी निवासी सुधाकर गर्ग के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार आरोपी बीते एक साल से साइबर ठगी के इस नेटवर्क से जुड़ा था और देशभर में करीब 35 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी में उसकी भूमिका सामने आई है।
साइबर सेल की एडीसीपी शैव्या गोयल ने बताया कि आरोपी के बैंक खातों का इस्तेमाल नोएडा के सेक्टर-47 निवासी आर्किटेक्ट इंद्रपाल चौहान से करीब 12 करोड़ रुपये की ठगी में किया गया था। पीड़ित ने आरोपी के खाते में 52 लाख रुपये ट्रांसफर किए थे। इस मामले में पहले ही मुंबई और हैदराबाद पुलिस चार अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है, जबकि अब सुधाकर गर्ग को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसकी मुलाकात इंस्टाग्राम के जरिए राशिद खान उर्फ लकी से हुई थी। इसके बाद उसे जीएसटी फर्म और चालू बैंक खाते खुलवाने के लिए कहा गया। आरोपी ने कई बैंक खाते खुलवाए, जिनमें साइबर ठगी से प्राप्त रकम ट्रांसफर की जाती थी। इस रकम के बदले ठगों को सात से दस प्रतिशत तक कमीशन दिया जाता था, जबकि खाताधारकों को एक से तीन प्रतिशत तक का हिस्सा डिजिटल करेंसी या अन्य माध्यमों से दिया जाता था। इसके बाद इस रकम को विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बेचकर यूपीआई के माध्यम से अन्य खातों में ट्रांसफर किया जाता था।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी के कुल पांच बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी में किया गया। इन खातों के खिलाफ देश के नौ राज्यों में कुल 37 शिकायतें एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज हैं। इनमें आंध्र प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, कर्नाटक, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल शामिल हैं। आरोपी को इस पूरे नेटवर्क में शामिल रहने के बदले करीब सवा दो लाख रुपये कमीशन के रूप में मिले थे।
इसी कड़ी में मेरठ में भी साइबर सेल और लालकुर्ती थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में एक और बड़े साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने गौतमबुद्धनगर और अलीगढ़ के रहने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो गरीब और मजदूर वर्ग के लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर साइबर अपराधियों को बेचते थे। इन खातों का इस्तेमाल देशभर में ठगी के लिए किया जाता था।
पुलिस के अनुसार आरोपी प्रति बैंक खाता एक हजार रुपये का लालच देकर जरूरतमंद लोगों के नाम पर खाते खुलवाते थे। गिरोह का मास्टरमाइंड एक जन सेवा केंद्र के जरिए डिजिटल बैंक किट से खाते खुलवाता था, जबकि अन्य आरोपी मजदूरों और गरीब लोगों से आधार कार्ड व दस्तावेज जुटाने का काम करते थे। जांच में पता चला कि शिवालिक स्मॉल फाइनेंस बैंक में खुले 29 खातों में से 25 खातों के खिलाफ एनसीआरपी पोर्टल पर 52 शिकायतें दर्ज हैं।
पुलिस का कहना है कि दोनों मामलों में साइबर ठगी का नेटवर्क काफी व्यापक है और इसके तार कई राज्यों के साथ-साथ विदेशी साइबर गिरोहों से भी जुड़े हैं। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।
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