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RSS 100 Years: ग्रेटर नोएडा वेस्ट में हिंदू सम्मेलन, राष्ट्रीय दायित्वों पर जागरूकता अभियान

RSS 100 Years: ग्रेटर नोएडा वेस्ट में हिंदू सम्मेलन, राष्ट्रीय दायित्वों पर जागरूकता अभियान

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में रविवार को ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सेक्टर-2 में भव्य हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य हिंदू समाज में संगठन की भावना को मजबूत करना, सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना, सांस्कृतिक चेतना को जागृत करना और नागरिकों को उनके राष्ट्रीय दायित्वों के प्रति जागरूक करना रहा। सम्मेलन में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, युवाओं और परिवारों की उपस्थिति ने आयोजन को प्रभावशाली बना दिया।

कार्यक्रम के दौरान पिछले 100 वर्षों में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा किए गए विभिन्न सामाजिक, शैक्षिक और राष्ट्र निर्माण से जुड़े कार्यों पर आधारित एक विशेष प्रदर्शनी भी लगाई गई। प्रदर्शनी में संघ की सेवा गतिविधियों, आपदा राहत कार्यों, ग्रामीण विकास अभियानों और सांस्कृतिक संरक्षण प्रयासों को चित्रों और दस्तावेजों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। इसके साथ ही संघ साहित्य का वितरण कर लोगों को संगठन के विचारों और कार्यप्रणाली से अवगत कराया गया।

मुख्य अतिथि स्वामी प्रेमानंद महाराज ने अपने संबोधन में कहा कि इतिहास गवाह है कि हिंदू समाज को आंतरिक विभाजनों के कारण कई बार नुकसान उठाना पड़ा है। उन्होंने कहा कि जब-जब समाज आपसी मतभेदों में उलझा, तब बाहरी शक्तियों ने उसका लाभ उठाया। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे इतिहास से सीख लें, जातिवाद और सामाजिक भेदभाव से ऊपर उठें तथा एकजुट होकर सनातन परंपरा और राष्ट्रीय मूल्यों की रक्षा करें। उनका कहना था कि संगठन और एकता ही समाज की सबसे बड़ी शक्ति है।

कार्यक्रम में संघ के पदाधिकारी राजकुमार ने कहा कि सनातन धर्म का इतिहास पांच हजार वर्षों से भी अधिक पुराना है और यह केवल एक धार्मिक पहचान नहीं, बल्कि जीवन जीने की समग्र पद्धति है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में परिवार, समाज और राष्ट्र को एक सूत्र में बांधने की परंपरा रही है, जिसे वर्तमान समय में और सुदृढ़ करने की आवश्यकता है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे सामाजिक जिम्मेदारियों को समझें और राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाएं।

सम्मेलन के दौरान बच्चों और युवाओं द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र रहे। देशभक्ति गीतों, पारंपरिक नृत्य और लघु नाटिकाओं के माध्यम से सामाजिक एकता, संस्कृति और राष्ट्रीय कर्तव्यों का संदेश दिया गया। दर्शकों ने इन प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए तालियों से कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।

इस अवसर पर शिवकुमार, नितिन, बृजकिशोर, प्रवीन, दीपक, नरेंद्र सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिक और समाजसेवी उपस्थित रहे। आयोजकों का कहना है कि ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से समाज में सकारात्मक संवाद, आपसी सहयोग और राष्ट्रीय चेतना को नई ऊर्जा मिलती है। सम्मेलन ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक गौरव और राष्ट्रीय दायित्वों के प्रति सजगता ही मजबूत राष्ट्र की आधारशिला है।

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