PM Modi foreign visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का तीन देशों का कूटनीतिक दौरा शुरू, जॉर्डन पहुंचे, इथियोपिया और ओमान जाएंगे

PM Modi foreign visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का तीन देशों का कूटनीतिक दौरा शुरू, जॉर्डन पहुंचे, इथियोपिया और ओमान जाएंगे
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर अपने तीन देशों के महत्वपूर्ण विदेश दौरे की शुरुआत जॉर्डन से की है। पीएम मोदी जॉर्डन की राजधानी अम्मान पहुंचे, जहां हवाई अड्डे पर जॉर्डन के प्रधानमंत्री जाफर हसन ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। यह दौरा भारत और जॉर्डन के बीच लंबे समय से चले आ रहे मजबूत और मैत्रीपूर्ण संबंधों को और नई दिशा देने वाला माना जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी 15 से 16 दिसंबर तक जॉर्डन के राजा किंग अब्दुल्ला द्वितीय इब्न अल हुसैन के निमंत्रण पर वहां रहेंगे। इस दौरान दोनों नेता द्विपक्षीय संबंधों की व्यापक समीक्षा करेंगे और क्षेत्रीय व वैश्विक घटनाक्रमों पर विचार-विमर्श करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी जॉर्डन में रह रहे भारतीय प्रवासियों से भी मुलाकात करेंगे।
भारत और जॉर्डन के बीच संबंध आपसी सम्मान, सद्भावना और विश्वास पर आधारित रहे हैं। दोनों देशों के बीच पहला सहयोग समझौता 1947 में हुआ था, जबकि पूर्ण राजनयिक संबंध 1950 में स्थापित किए गए। हाल के वर्षों में उच्चस्तरीय यात्राओं ने इन संबंधों को और मजबूत किया है। इनमें 2015 में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की जॉर्डन यात्रा, 2018 में किंग अब्दुल्ला द्वितीय की भारत यात्रा, 2018 में प्रधानमंत्री मोदी की अम्मान की पारगमन यात्रा और 2020 में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल की यात्रा प्रमुख रही हैं। नेतृत्व स्तर पर नियमित संवाद से द्विपक्षीय साझेदारी को निरंतर दिशा मिलती रही है।
आर्थिक मोर्चे पर भी भारत-जॉर्डन संबंध लगातार मजबूत हुए हैं। भारत जॉर्डन का चौथा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बन चुका है। वर्ष 2023-24 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 2.875 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया, जिसमें भारतीय निर्यात 1.465 अरब अमेरिकी डॉलर रहा। फॉस्फेट, उर्वरक, वस्त्र और परिधान क्षेत्रों में लगभग 1.5 अरब अमेरिकी डॉलर का भारतीय निवेश जॉर्डन में मौजूद है। आईएफएफसीओ-जॉर्डन फॉस्फेट माइंस कंपनी परियोजना और इंडो-जॉर्डन केमिकल कंपनी जैसे संयुक्त उपक्रम आर्थिक सहयोग की मजबूत मिसाल हैं। व्यापार और आर्थिक संयुक्त समिति तथा विभिन्न संयुक्त कार्य समूह आर्थिक सहयोग को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
भारत और जॉर्डन स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास, विज्ञान और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग कर रहे हैं। वर्ष 2021 में शुरू किया गया भारत-जॉर्डन सूचना प्रौद्योगिकी उत्कृष्टता केंद्र उन्नत आईटी कौशल में जॉर्डन के युवाओं को प्रशिक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। शिक्षा के क्षेत्र में ITEC और ICCR कार्यक्रमों के तहत छात्रवृत्तियां दी जा रही हैं, जिनमें ITEC सीटों की संख्या बढ़ाकर 50 कर दी गई है। सांस्कृतिक आदान-प्रदान, पर्यटन सहयोग और जॉर्डन में रह रहे लगभग 17,500 भारतीय नागरिक दोनों देशों के रिश्तों को और गहराई देते हैं।
अपने दौरे के दूसरे चरण में प्रधानमंत्री मोदी 16 से 17 दिसंबर तक इथियोपिया जाएंगे, जो इस देश की उनकी पहली आधिकारिक यात्रा होगी। वे इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली के साथ द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा करेंगे। इथियोपिया की राजधानी अदीस अबाबा अफ्रीकी संघ का मुख्यालय भी है, जिससे यह यात्रा अफ्रीकी महाद्वीप के साथ भारत के संबंधों को और सुदृढ़ करने की दृष्टि से अहम मानी जा रही है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह यात्रा वैश्विक दक्षिण के साझेदारों के रूप में भारत और इथियोपिया की साझा प्रतिबद्धता को और मजबूत करेगी।
दौरे के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री मोदी 17 से 18 दिसंबर तक ओमान की यात्रा करेंगे। यह उनकी ओमान की दूसरी यात्रा होगी और यह दौरा भारत-ओमान राजनयिक संबंधों के 70 वर्ष पूरे होने के अवसर पर हो रहा है। यह यात्रा दिसंबर 2023 में ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक की भारत यात्रा के बाद हो रही है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि भारत और ओमान के बीच सदियों पुराने मैत्रीपूर्ण संबंध, व्यापारिक संपर्क और मजबूत जन-संबंधों पर आधारित एक व्यापक रणनीतिक साझेदारी है। इस दौरान व्यापार, निवेश, ऊर्जा, रक्षा, सुरक्षा, प्रौद्योगिकी, कृषि और संस्कृति जैसे क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया जाएगा।




