उत्तर प्रदेश,  गाजियाबाद: शहर में कई कोचिंग सेंटर होंगे बंद

अजीत कुमार

उत्तर प्रदेश,  गाजियाबाद। शहर के हरी गली मोहल्ले में खुल गए कोचिंग सेंटर अब शिक्षा विभाग की रडार पर आ गए हैं। विभाग जल्द ही अभियान चलाकर ऐसे कोचिंग सेंटर्स पर ताला डालने की तैयारी कर रहा है जो नियम कानून का पालन नहीं करते और बिना पंजीकरण के ही इन सेंटर्स का संचालन किया जा रहा है। पिछले दिनों आरडीसी स्थित फिटजी कोचिंग सेंटर की जांच में हुए खुलासे के बाद शिक्षा विभाग सतर्क हो गया है। बता दें कि फिटजी के आरडीसी स्थित कोचिंग सेंटर का संचालन शिक्षा विभाग में पंजीकरण कराए बिना ही किया जा रहा था। करीब आठ सौ छात्रों से लाखों की एडवांस फीस लेने के बाद संचालकों ने सेंटर को बंद कर दिया।

गाजियाबाद में करीब पांच सौ कोचिंग सेंटर संचालित हो रहे हैं लेकिन शिक्षा विभाग में मात्र 40 कोचिंग सेंटर पंजीकृत हैं, बाकी सबका संचानल मन मर्जी से हो रहा है। तमाम कोचिंग सेंटर्स के पास फायर जैसे विभाग से भी एनओसी नहीं है। तमाम सेंटर बेसमेंट में चल रहे हैं। नियम के मुताबिक कोचिंग सेंटर का संचालन करने के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से अनुमति प्राप्त करना जरूरी है। अनुपति प्राप्त करने के लिए नियम कायदे निर्धारित हैं, उनका पालन करते हुए ही अनुमति प्राप्त की जा सकती है।

क्या बोले जिला विद्यालय निरीक्षक
जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) धर्मेंद्र शर्मा ने बताया कि अभियान चलाकर पंजीकरण के बिना संचालित हो रहे कोचिंग सेंटर्स को बंद कराया जाएगा। जो भी कोचिंग सेंटर नियम कानून का पालन नहीं करेग, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। ऐसे किसी सेंटर को बच्चों के भविष्य और सुरक्षा से खिलवाड़ की छूट नहीं दी जा सकती। कोचिंग सेंटर का संचालन करने के लिए निर्धारित शर्तें पूरी करते हुए पंजीकरण कराना आवश्यक है।

क्या हैं कोचिंग सेंटर के लिए नियम
➤ डीआईओएस कार्यालय में पंजीकरण होना आवश्यक है।
➤ फायर विभाग से एनओसी प्राप्त की गई हो।
➤ कोचिंग सेंटर बेसमेंट में संचालित नहीं किया जा सकता।
➤ इन और आउट गेट अलग- अलग होने जरूरी हैं।
➤ छात्रों की सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम हों।
➤ छात्र- छात्राओं के लिए अलग- अलग वाशरूम हों।

जीपीए ने भी उठाई आवाज
आरडीसी में नामी कोचिंग सेंटर का बिना पंजीकरण ही संचालन किए जाने का मामला सामने आने के बाद गाजियाबाद पेरेंट्स एसोसिएशन (जीपीए) ने मुख्यमंत्री योगी आ‌दित्यनाथ और जिला विद्यालय निरीक्षक को पत्र लिखकर कोचिंग सेंटरों की जांच की मांग की है। जीडीए ने कहा कि बड़े और नामी कोचिंग सेंटर भी शिक्षा विभाग में पंजीकरण कराए बिना संचालित हो रहे हैं, इस मतलब साफ है कि ये सेंटर मनमानी कर हैं और छात्रों के लिए जरूरी सुरक्षा मानकों का भी पालन नहीं कर रहे हैं, बिना पंजीकरण कराए संचालित कोचिंग सेंटर तत्काल बंद कराए जाएं।

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