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Indian Navy medical camp: लक्षद्वीप में भारतीय नौसेना का ऐतिहासिक बहुविशेषज्ञ चिकित्सा शिविर संपन्न, हजारों द्वीपवासियों को मिली उन्नत स्वास्थ्य सेवाएं

Indian Navy medical camp: लक्षद्वीप में भारतीय नौसेना का ऐतिहासिक बहुविशेषज्ञ चिकित्सा शिविर संपन्न, हजारों द्वीपवासियों को मिली उन्नत स्वास्थ्य सेवाएं

नई दिल्ली, 18 जनवरी। लक्षद्वीप द्वीपसमूह में भारतीय नौसेना द्वारा आयोजित पांच दिवसीय बहुविशेषज्ञ चिकित्सा शिविर का शुक्रवार की शाम सफलतापूर्वक समापन हो गया। कवरत्ती, अगत्ती, अमिनी, अंद्रोथ और मिनिकॉय द्वीपों में आयोजित इस शिविर का मुख्य उद्देश्य दूरदराज और द्वीपीय क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को विशेषज्ञ और सुपर-स्पेशलिस्ट स्तर की उन्नत स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना था। इस मानवीय पहल में भारतीय थलसेना, नौसेना और वायुसेना के बीच उत्कृष्ट तालमेल देखने को मिला, जबकि लक्षद्वीप के नागरिक प्रशासन और स्थानीय स्वास्थ्य विभाग का भी पूर्ण सहयोग रहा।

यह चिकित्सा शिविर लक्षद्वीप में अपने प्रकार का अब तक का सबसे बड़ा आयोजन रहा, जिसमें कुल 4,719 मरीजों ने विशेषज्ञ और सुपर-स्पेशलिस्ट डॉक्टरों से परामर्श लिया। शिविर में न्यूरोलॉजी, कार्डियोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, एंडोक्राइनोलॉजी और गैस्ट्रोएंटरोलॉजी जैसे सुपर-स्पेशलिटी विभागों की सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। इसके साथ ही जनरल मेडिसिन, सर्जरी, ईएनटी, नेत्र रोग, त्वचा रोग, दंत चिकित्सा, रेडियोलॉजी और सामुदायिक चिकित्सा जैसी आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ भी बड़ी संख्या में नागरिकों ने उठाया।

पांच दिनों तक चले इस व्यापक चिकित्सा अभियान के दौरान कुल 51 सामान्य सर्जरी, 71 मोतियाबिंद ऑपरेशन और 50 से अधिक एंडोस्कोपी व इकोकार्डियोग्राफी जांचें सफलतापूर्वक की गईं। शिविर में आने वाले सभी मरीजों को जांच, उपचार और आवश्यक दवाएं पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराई गईं, जिससे द्वीपवासियों को महंगे इलाज के लिए मुख्य भूमि पर निर्भर नहीं रहना पड़ा। यह पहल विशेष रूप से उन मरीजों के लिए राहत बनकर आई, जिन्हें लंबे समय से विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं की आवश्यकता थी।

भारतीय नौसेना ने चिकित्सा सेवाओं के साथ-साथ स्थानीय स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की दिशा में भी कदम उठाए। शिविर के दौरान अगत्ती और अमिनी द्वीपों के अस्पतालों को दो आधुनिक ईसीजी मशीनें भेंट की गईं, जिससे भविष्य में भी स्थानीय नागरिकों को बेहतर हृदय जांच सुविधाएं मिलती रहेंगी। यह शिविर न केवल तात्कालिक स्वास्थ्य जरूरतों को पूरा करने का माध्यम बना, बल्कि दीर्घकालिक स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।

लक्षद्वीप में आयोजित यह बहुविशेषज्ञ चिकित्सा शिविर दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्रों में नागरिकों के स्वास्थ्य और कल्याण के प्रति सशस्त्र बलों की प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण बनकर सामने आया। इस अभियान ने यह स्पष्ट किया कि भारतीय नौसेना और सशस्त्र बल न केवल देश की सीमाओं की रक्षा में, बल्कि आम नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में भी अहम भूमिका निभा रहे हैं।

ममूटी ने कहा कि उन्हें ‘मेगास्टार’ की उपाधि पसंद नहीं है, उन्हें लगता है कि उनके जाने के बाद लोग उन्हें याद नहीं रखेंगे

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