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Punjab : सीएम भगवंत मान ने श्री गुरु रविदास बाणी रिसर्च सेंटर की नींव रखी

Jalandhar/Chandigarh : श्री रविदास जी महाराज की शाश्वत शिक्षाओं और इलाही संदेश के प्रति श्रद्धा और सत्कार भेंट करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज जालंधर के डेरा सचखंड बल्लां में ‘श्री गुरु रविदास जी बाणी अध्ययन केंद्र’ का नींव पत्थर रखा। इस पवित्र मौके पर डेरा सचखंड बल्लां के पद्म श्री संत निरंजन दास जी, बाल नाथ आश्रम के संत प्रगट नाथ जी, कठार के संत परदीप दास जी, संत तेजा सिंह जी, संत निर्मल दास जी जौड़े वाले, संत लेख राज जी और अन्य प्रमुख शख्सियतें मौजूद थी।

श्री गुरु रविदास जी महाराज के महान जीवन, दर्शन और पवित्र बाणी के अध्ययन के लिए प्रतिष्ठित संस्था के रूप में विकसित किया जा रहा यह केंद्र 10.4 एकड़ रकबे में बनाया जाएगा। इसकी कुल लागत 37 करोड़ रुपए आएगी, जिसमें से 11 करोड़ रुपए जमीन पर और 60 लाख रुपए जरूरी मंजूरियों पर खर्च किए गए हैं, जबकि इसकी निर्माण के लिए जरूरी सारा खर्च पंजाब सरकार द्वारा उठाया जाएगा।

इस केंद्र में एक तीन-मंजिला प्रशासनिक और अध्यापन (एडमिन व टीचिंग) ब्लॉक, लड़के और लड़कियों के लिए तीन-मंजिला होस्टल (हरेक होस्टल में 54 छात्रों के रहने की सुविधा) और अध्यापकों तथा स्टाफ के लिए दो-मंजिला इमारत होगी। यह केंद्र बच्चों, छात्रों और शोधकर्ताओं को श्री गुरु रविदास जी महाराज के जीवन, बाणी, दर्शन और शिक्षाओं का अध्ययन करने के लिए विशेष स्थान प्रदान करेगा और ऐसी शोध को प्रोत्साहित करेगा जो उनके ज्ञान और संदेश के प्रकाश को दुनिया भर में फैलाए।

यह नींव पत्थर पंजाब सरकार द्वारा श्री गुरु रविदास जी महाराज के 650वें प्रकाश पर्व को समर्पित साल भर चलने वाले समारोहों के हिस्से के रूप में रखा गया है, जिसके लिए 100 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। इन समारोहों के तहत 50 मोबाइल वैनें सभी 23 जिलों के 13,000 गांवों में गुरु जी के जीवन, दर्शन और शिक्षाओं पर डाक्यूमेंट्रियां दिखाने के लिए जा रही हैं, ताकि उनके समानता, मानवता और मान-सत्कार के संदेश को पूरे पंजाब के लोगों तक पहुंचाया जा सके। उनकी शिक्षाओं ने जाति-पात के भेदभाव और सामाजिक असमानता के खिलाफ जोरदार आवाज बुलंद की और मानवता को सच्चा राह दिखाया, जबकि उनके समानता वाले समाज का संकल्प आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।

इस मौके पर मुख्यमंत्री के साथ कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा, अमन अरोड़ा, तरुनप्रीत सिंह सौंद, महिंदर भगत, डा. रवजोत, हरभजन सिंह ई.टी.ओ. और लाल चंद कटारूचक्क; लोकसभा सदस्य डा. राज कुमार चब्बेवाल; पंजाब राज्य सहकारी कृषि विकास बैंक के चेयरमैन पवन कुमार टीनू; पर्यटन और सांस्कृतिक मामले विभाग के सलाहकार दीपक बाली; विधायक बलकार सिंह और इंदरजीत कौर मान तथा अन्य उपस्थित थे।

इस मौके पर डेरा बल्लां के पद्म श्री संत निरंजन दास जी, बाल नाथ आश्रम के संत प्रगट नाथ जी, कठार के संत परदीप दास जी, संत तेजा सिंह जी, संत निर्मल दास जी जोड़े वाले, संत लेख राज जी सहित संत समाज भी हाजिर था।

इस मौके पर संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हमारे लिए यह बहुत ही गर्व और तसल्ली वाली बात है कि प्रदेश सरकार श्री गुरु रविदास जी महाराज के प्रति श्रद्धा और सत्कार के रूप में एक और नेक उपक्रम कर रही है। हम सचमुच भाग्यशाली हैं कि हमें श्री गुरु रविदास जी महाराज के 650वें प्रकाश पर्व को समर्पित यह सेवा करने का सौभाग्य हासिल हुआ है। इस उपक्रम के तहत आज श्री गुरु रविदास जी बाणी अध्ययन केंद्र का नींव पत्थर रखा जा रहा है। इस पूरे प्रोजेक्ट पर 37 करोड़ रुपए की लागत आएगी, जिसमें से 11 करोड़ रुपए जमीन पर और 60 लाख रुपए जरूरी मंजूरियों पर खर्च किए जा चुके हैं। केंद्र की निर्माण के लिए जो भी खर्च जरूरी होगा, वह पंजाब सरकार द्वारा किया जाएगा।”

इस केंद्र में योजनाबद्ध बुनियादी ढांचे के बारे में विस्तार से बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “यह केंद्र 10.4 एकड़ रकबे में फैला होगा और कुल कवरड एरिया लगभग 96,500 वर्ग फुट होगा। केंद्र में तीन-मंजिला प्रशासनिक और अध्यापन ब्लॉक के साथ-साथ लड़कों और लड़कियों के लिए तीन-मंजिला होस्टल होंगे, जिनमें से हरेक में होस्टल 54 छात्रों के रहने की सुविधा होगी। अध्यापकों और अन्य फैकल्टी मेंबर्स के लिए 1,200 वर्ग फुट में फैला एक दो-मंजिला आवासीय ब्लॉक भी बनाया जाएगा।”

इस केंद्र को गुरु जी महाराज की शिक्षाओं के अध्ययन और प्रचार-प्रसार के लिए महान संस्था के रूप में देखते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह केंद्र श्री गुरु रविदास जी महाराज की बाणी के व्यापक अध्ययन और शोध में बहुत सहायक सिद्ध होगा, इसके साथ ही गुरु जी की शिक्षाओं को दुनिया के कोने-कोने में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएगा। मुझे उम्मीद है कि यह केंद्र श्री गुरु रविदास जी महाराज की विचारधारा को आगे बढ़ाने के लिए रोशनी का मीनार के रूप में काम करेगा, ताकि हमारी आने वाली पीढ़ियां उनकी बाणी से प्रेरणा ले सकें। यह केंद्र गुरु जी के जीवन और दर्शन का अध्ययन करने वाले छात्रों और शोधकर्ताओं को श्री गुरु रविदास जी महाराज की पवित्र बाणी के विभिन्न पहलुओं पर अध्ययन करने की सुविधा प्रदान करने में केंद्रीय भूमिका निभाएगा।”

इस उपक्रम को शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश सरकार के व्यापक प्रयासों से जोड़ते हुए उन्होंने कहा, “हमारी सरकार ने शिक्षा को प्राथमिकता दी है और लोगों के जीवन को बदलने के लिए शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी पहल की हैं। कोई भी मुफ्त की सुविधाएं या रियायती कार्ड प्रदेश से गरीबी या अन्य सामाजिक बुराइयों को खत्म नहीं कर सकते, लेकिन शिक्षा वह जरिया है जो लोगों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाकर उन्हें इस बुरे दौर से बाहर निकाल सकता है। इसी वजह से हमारी सरकार आम लोगों को सक्षम बनाने के लिए शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए अथक प्रयास कर रही है।”

स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में पंजाब की उपलब्धियों पर रोशनी डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “इन प्रयासों के कारण पंजाब स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में शानदार प्रदर्शन कर रहा है और भारत सरकार की प्रमुख संस्थाओं में से एक नीति आयोग ने नए आंकड़े जारी किए हैं जो दर्शाते हैं कि पंजाब ने प्राथमिक और मिडिल स्कूल शिक्षा में केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली को पीछे छोड़कर नंबर एक स्थान हासिल किया है। शिक्षा वह रोशनी है जो अंधेरे को दूर करके संसार को रौशन करती है, जिस कारण प्रदेश सरकार इस पर विशेष जोर दे रही है। प्रदेश सरकार का मानना है कि हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलनी चाहिए, चाहे उसका आर्थिक पृष्ठभूमि कैसा भी हो।”

बच्चों को बराबर के मौके प्रदान करने के लिए सरकार के प्रयासों पर जोर देते हुए उन्होंने कहा, “हमारी सरकार शिक्षा के क्षेत्र को प्रोत्साहित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। सरकार की पहलों का मकसद यह यकीनी बनाना है कि आम परिवारों के बच्चों को भी आगे बढ़ने के वही मौके मिलें जो किसी और को मिलते हैं। आने वाली पीढ़ियों को काबिल और सक्षम बनाने तथा खुशहाल पंजाब की रचना के लिए शिक्षा सबसे मजबूत हथियार है और प्रदेश सरकार इसे और मजबूत करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेगी। जब मैंने पद संभाला था तब प्रदेश स्कूली शिक्षा में 27वें नंबर पर था, लेकिन यह हमारे लिए बहुत गर्व और संतुष्टि वाली बात है कि आज पंजाब इस क्षेत्र में नंबर एक पर है।”

नीट परीक्षा पास करने वाले सरकारी स्कूलों के छात्रों की संख्या में हुए वृद्धि पर रोशनी डालते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “जहां 2021 में सरकारी स्कूलों के सिर्फ 80 छात्रों ने नीट परीक्षा पास की थी, वहीं 2026 में यह संख्या बढ़कर 881 छात्र हो गई है, जो कि पंजाब के सरकारी स्कूलों की अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि है। पिछली सरकारों ने पूरे प्रदेश के स्कूलों को सिर्फ ‘मिड डे मील’ केंद्रों में बदलकर रख दिया था, लेकिन अब ये स्कूल शिक्षा के धुरी के रूप में बदल चुके हैं। पंजाब सरकार प्रदेश में शिक्षा को बढ़ावा देने और गरीब छात्रों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच यकीनी बनाने के मिशन पर काम कर रही है।”

श्री गुरु रविदास जी महाराज की शिक्षाओं के बारे में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “श्री गुरु रविदास जी महाराज ने समूची मानवता की भलाई और समाज के सभी वर्गों की बराबरी का संदेश दिया ताकि समानतावादी मूल्यों पर आधारित समाज की रचना हो। श्री गुरु रविदास जी महाराज ने एक ऐसे आदर्श समाज की परिकल्पना की जहां कोई भी किसी तरह का दुख न भोगे। अपनी शिक्षाओं के जरिए श्री गुरु रविदास जी महाराज ने जाति-पात के भेदभाव और सामाजिक असमानता के खिलाफ जोरदार आवाज बुलंद की और मानवता को इंसानियत, हमदर्दी, बराबरी और मान-सत्कार का राह दिखाया।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “श्री गुरु रविदास जी महाराज का जन्म उस समय हुआ था जब समाज जाति-पात में बुरी तरह उलझा हुआ था और ऊंच-नीच के कट्टर विचारों में बंटा हुआ था। समाज को बांटने वाली ताकतों के खिलाफ आंदोलन चला, जिसे बाद में ‘भक्ति आंदोलन’ के रूप में जाना गया। अपनी बाणी के जरिए श्री गुरु रविदास जी महाराज ने वर्ग-रहित समाज की कल्पना की जिसमें कोई भी व्यक्ति दुख, दर्द या अलगाव का शिकार न हो। श्री गुरु रविदास जी महाराज ने मनुष्यों में सामाजिक असमानताओं के भ्रम और भेदभावों को दूर करने के लिए अपनी बाणी के जरिए आध्यात्मिक ज्ञान बख्शा। प्रदेश सरकार श्री गुरु रविदास जी महाराज की सोच के अनुसार बराबरी वाले समाज की रचना के लिए वचनबद्ध है।”

650वें प्रकाश पर्व समारोहों के बारे में बोलते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मैं बहुत भाग्यशाली हूं कि मुझे श्री गुरु रविदास जी महाराज का 650वां प्रकाश पर्व इतने बड़े स्तर पर मनाने का सौभाग्य मिला है। प्रदेश सरकार श्री गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व को बेमिसाल ढंग से मनाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेगी। गुरु जी के संदेश को दुनिया भर में फैलाना हम सबका साझा फर्ज है। श्री गुरु रविदास महाराज जी ने हर तरह के भेदभाव से मुक्त समानतावादी समाज की कल्पना की थी और श्री गुरु रविदास जी महाराज के 650वें प्रकाश पर्व को समर्पित साल भर चलने वाले समारोह शुरू गए हैं।”

उन्होंने कहा, “श्री गुरु रविदास जी महाराज का 650वां प्रकाश पर्व बहुत ही धूमधाम से मनाया जा रहा है और इस मकसद के लिए बजट में 100 करोड़ रुपए रखे गए हैं। श्री गुरु रविदास जी महाराज के प्रेरणादायक जीवन, दर्शन और पवित्र शिक्षाओं को घर-घर पहुंचाने के लिए विशेष डाक्यूमेंट्री शो करवाए जा रहे हैं। ये डाक्यूमेंट्रियां दिखाने के लिए मोबाइल वैनों को हरी झंडी देकर रवाना किया गया है, जो गांव-गांव जा रही हैं। ये वैनें पंजाब के सभी 23 जिलों के लगभग 13,000 गांवों का दौरा करेंगी और इस नेक कार्य के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जाएगी।”

संत समाज से हुई बातचीत के बारे में बोलते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मैं खुद को भाग्यशाली समझता हूं कि मुझे पद्म श्री संत निरंजन दास जी का आशीर्वाद प्राप्त हुआ है, जिन्हें हाल ही में पद्म श्री अवॉर्ड से नवाजा गया है और जो आज हम सबके बीच मौजूद हैं।”

इससे पहले कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा और विधायक बलकार सिंह ने इस पवित्र मौके पर आई शख्सियतों का स्वागत किया।

Operation Sindoor: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने दुनिया को दिया भारत की ताकत का संदेश, राजनाथ बोले- नागरिकों की सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जाएगा भारत

Operation Sindoor: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने दुनिया को दिया भारत की ताकत का संदेश, राजनाथ बोले- नागरिकों की सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जाएगा भारत

नई दिल्ली, 9 अगस्त: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने पूरी दुनिया को यह संदेश दिया है कि भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है। उन्होंने कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान में आतंकियों और उनके आकाओं के खिलाफ कार्रवाई कर देश की ताकत, साहस और संकल्प का परिचय दिया है। राजनाथ सिंह ने रविवार को दिल्ली कैंट स्थित बेस अस्पताल में ‘सिंदूर महारक्तदान यात्रा’ के तहत आयोजित रक्तदान शिविर को संबोधित करते हुए यह बात कही।

रक्षा मंत्री ने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ भारतीय सेना के शौर्य और पराक्रम का प्रतीक है, वहीं ‘सिंदूर महारक्तदान यात्रा’ सेवा, मानवता और करुणा की भावना को दर्शाती है। शिविर में महाराष्ट्र के करीब 1,000 पहलवानों और खिलाड़ियों ने रक्तदान किया। उन्होंने कहा कि इन लोगों द्वारा किया गया रक्तदान जरूरतमंद सैनिकों और उनके परिवारों के लिए भविष्य में महत्वपूर्ण साबित होगा।

राजनाथ सिंह ने रक्तदान को जीवनदान और महादान बताते हुए कहा कि मानव रक्त का अब तक कोई कृत्रिम विकल्प तैयार नहीं हो पाया है। ऐसे में रक्तदान के जरिए किसी जरूरतमंद व्यक्ति का जीवन बचाया जा सकता है। उन्होंने युवाओं से नियमित रूप से रक्तदान को जीवन का हिस्सा बनाने और फिटनेस को प्राथमिकता देने की अपील की।

कार्यक्रम में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, आयुष राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव, उद्योग मंत्री उदय रविंद्र सामंत, सांसद डॉ. श्रीकांत लता एकनाथ शिंदे, थलसेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ, एएफएमएस महानिदेशक सर्जन वाइस एडमिरल आरती सरीन, एडजुटेंट जनरल लेफ्टिनेंट जनरल वीपीएस कौशिक और बेस अस्पताल के कमांडेंट मेजर जनरल विशाल चौधरी समेत कई वरिष्ठ सैन्य एवं नागरिक अधिकारी मौजूद रहे।

रक्षामंत्री ने कहा कि देश के सैनिकों और उनके परिवारों के लिए समाज का सहयोग महत्वपूर्ण है। उन्होंने युवाओं को राष्ट्रसेवा की भावना के साथ स्वस्थ और फिट रहने के लिए भी प्रेरित किया।

Education: आर्थिक तंगी के बावजूद नहीं टूटा गणेश का हौसला, ₹87 हजार की छात्रवृत्ति से जारी रखी बीटेक की पढ़ाई

Scholarship: आर्थिक तंगी के बावजूद नहीं टूटा गणेश का हौसला, ₹87 हजार की छात्रवृत्ति से जारी रखी बीटेक की पढ़ाई

नई दिल्ली, 9 अगस्त: आर्थिक परेशानियां अक्सर उच्च शिक्षा की राह में बड़ी बाधा बन जाती हैं, लेकिन समय पर मिलने वाली आर्थिक सहायता विद्यार्थियों को अपने सपनों की ओर आगे बढ़ने का अवसर देती है। 21 वर्षीय गणेश कुमार की कहानी इसका उदाहरण है। आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद उन्होंने अपनी बीटेक की पढ़ाई जारी रखने का संकल्प बनाए रखा।

ओबीसी-एनसीएल श्रेणी से आने वाले गणेश वर्तमान में बीटेक द्वितीय वर्ष में अध्ययनरत हैं। उनके परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी थी कि उच्च शिक्षा से जुड़े खर्चों को पूरा करना चुनौतीपूर्ण हो रहा था। इसके बावजूद उन्होंने पढ़ाई नहीं छोड़ी और अपनी शिक्षा पूरी करने के लक्ष्य पर ध्यान बनाए रखा।

₹87 हजार की छात्रवृत्ति से मिली आर्थिक राहत

गणेश को वर्ष 2026 में ₹87,000 की छात्रवृत्ति सहायता मिली। इस आर्थिक मदद से उनके परिवार पर पढ़ाई का वित्तीय बोझ कम हुआ। छात्रवृत्ति की राशि ने शिक्षा से जुड़े खर्चों को पूरा करने में मदद की और आर्थिक परेशानियों के बीच गणेश की पढ़ाई जारी रखने का रास्ता आसान किया।

गणेश फिलहाल बीटेक द्वितीय वर्ष की पढ़ाई कर रहे हैं और उच्च शिक्षा पूरी कर अपने भविष्य के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उनकी कहानी बताती है कि समय पर मिलने वाली छात्रवृत्ति आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों के लिए शिक्षा जारी रखने में महत्वपूर्ण सहारा बन सकती है।

Noida Crime: सेक्टर-51 में 18 वर्षीय मेड का शव फंदे से लटका मिला, परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप

Noida Crime: सेक्टर-51 में 18 वर्षीय मेड का शव फंदे से लटका मिला, परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप

नोएडा। सेक्टर-49 थाना क्षेत्र के सेक्टर-51 स्थित एक मकान में काम करने वाली करीब 18 वर्षीय मेड का शव फंदे से लटका मिलने से हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंचे परिजनों ने हंगामा करते हुए हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

पुलिस के मुताबिक, शनिवार रात सेक्टर-51 स्थित एक मकान में मेड के फंदे से लटके होने की सूचना मिली थी। मृतका मूलरूप से बिहार के कटिहार जिले के आजमनगर थाना क्षेत्र के सिरकोल गांव की रहने वाली थी। वह वर्तमान में नोएडा के होशियारपुर गांव में रह रही थी और सेक्टर-51 के एक मकान में घरेलू काम करती थी।

सूचना मिलने के बाद थाना सेक्टर-49 पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा की कार्रवाई पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक टीम ने भी मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और साक्ष्य जुटाए।

पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया मृतका के शरीर पर किसी तरह के बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं। हालांकि, घटना की जानकारी मिलने पर परिजनों ने मौके पर पहुंचकर हंगामा किया और युवती की हत्या किए जाने का आरोप लगाया।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के दौरान सामने आने वाले अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Kanwar Yatra: ग्रेटर नोएडा के NH-91 पर कांवड़ियों का स्वागत, प्रशासन ने की पुष्प वर्षा

Kanwar Yatra: ग्रेटर नोएडा के NH-91 पर कांवड़ियों का स्वागत, प्रशासन ने की पुष्प वर्षा

नोएडा। ग्रेटर नोएडा में कांवड़ यात्रा को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे कांवड़िए अब बड़ी संख्या में राष्ट्रीय राजमार्ग-91 स्थित मुख्य कांवड़ मार्ग से गुजर रहे हैं। रविवार को दादरी तहसील प्रशासन की टीम ने मार्ग पर पहुंचकर कांवड़ियों का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। इस दौरान श्रद्धालुओं को माला पहनाने के साथ फल और पानी भी वितरित किया गया।

कांवड़ यात्रा को देखते हुए प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए पूरे मार्ग पर विशेष इंतजाम किए हैं। कांवड़ मार्ग को अलग-अलग जोन में बांटा गया है और प्रत्येक जोन में कर्मचारियों की टीमें तैनात की गई हैं। प्रशासन की ओर से लगातार मार्ग की निगरानी की जा रही है।

एसडीएम ने किया कांवड़ियों का स्वागत

रविवार को दादरी के एसडीएम अमरेंद्र कुमार के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम मुख्य कांवड़ मार्ग पर पहुंची। अधिकारियों ने शिवभक्तों पर पुष्प वर्षा की और उन्हें माला पहनाकर स्वागत किया। इसके अलावा श्रद्धालुओं को फल और पानी भी उपलब्ध कराया गया। प्रशासन के इस स्वागत से कांवड़िए भी उत्साहित नजर आए।

चार टीमें लगातार कर रही निगरानी

जिला प्रशासन के अनुसार मुख्य कांवड़ मार्ग को अलग-अलग जोन में विभाजित किया गया है। प्रत्येक जोन में 12 कर्मचारियों की एक टीम तैनात की गई है। कुल चार टीमें लगातार ड्यूटी कर व्यवस्थाओं की निगरानी कर रही हैं।

24 घंटे मेडिकल सुविधा

कांवड़ यात्रा के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी विशेष व्यवस्था की गई है। पूरे मार्ग पर 24 घंटे एंबुलेंस और मेडिकल टीम उपलब्ध रहेगी। इसके साथ ही श्रद्धालुओं के ठहरने और अन्य आवश्यक सुविधाओं की भी व्यवस्था की गई है, ताकि कांवड़ियों को यात्रा के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

 

Delhi Police ASP: दिल्ली पुलिस के ASP के बंद मकान में चोरी, लाखों के गहने और नकदी ले गए चोर

Delhi Police ASP: दिल्ली पुलिस के ASP के बंद मकान में चोरी, लाखों के गहने और नकदी ले गए चोर

नोएडा। ग्रेटर नोएडा के इकोटेक-1 कोतवाली क्षेत्र के इमलिया गांव में दिल्ली पुलिस के एक सहायक पुलिस अधीक्षक के बंद मकान को चोरों ने निशाना बना लिया। अज्ञात चोर मकान का ताला तोड़कर अंदर दाखिल हुए और करीब 28 हजार रुपये की नकदी के साथ लाखों रुपये कीमत के सोने-चांदी के आभूषण और कीमती कपड़े चोरी कर ले गए।

इमलिया गांव निवासी यतेंद्र नागर ने बताया कि उनके चचेरे भाई अजब सिंह दिल्ली पुलिस में एएसपी के पद पर कार्यरत हैं। गांव में उनका एक मकान है। कुछ दिन पहले अजब सिंह परिवार के साथ दिल्ली चले गए थे। इसी दौरान मकान बंद था।

शनिवार देर रात करीब 12 बजे अज्ञात चोरों ने बंद मकान को निशाना बनाया। चोरों ने पहले मकान का ताला तोड़ा और इसके बाद अंदर दाखिल होकर कमरों में रखे सामान को खंगाला। आरोप है कि चोर घर से करीब 28 हजार रुपये नकद, लाखों रुपये के सोने-चांदी के आभूषण और कुछ कीमती कपड़े चोरी कर ले गए।

परिवार के सदस्य जब वापस मकान पर पहुंचे तो उन्हें चोरी की जानकारी हुई। घर के अंदर सामान बिखरा हुआ था और ताले टूटे मिले। इसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई।

सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि चोरों की पहचान की जा सके।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शिकायत के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है।

 Noida Event: जन्मदिन पर विशेष बच्चों ने हाथों से बनाए तोहफे देकर केंद्रीय मंत्री का दिल जीता

 Noida Event: जन्मदिन पर विशेष बच्चों ने हाथों से बनाए तोहफे देकर केंद्रीय मंत्री का दिल जीता

नोएडा। सेक्टर-70 स्थित फर्स्टवन रिहैब फाउंडेशन के दिव्यांग बच्चों ने शुक्रवार को केंद्रीय राज्य मंत्री सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग बीएल वर्मा से मुलाकात कर उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। बच्चों ने अपने हाथों से तैयार किए गए विशेष उपहार मंत्री को भेंट किए।

बच्चों ने मंत्री को लिपपैन आर्ट, हाथ से तैयार किए गए सुंदर फूल, हैंडवॉश और एक विशेष मैगजीन भेंट की। बच्चों द्वारा तैयार किए गए इन उपहारों में उनकी रचनात्मकता, मेहनत और आत्मविश्वास साफ नजर आया। बच्चों के साथ उनके अभिभावक और फाउंडेशन की टीम भी मौजूद रही।

फाउंडेशन की टीम और डॉ. महिपाल सिंह ने कहा कि बीएल वर्मा का दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण के लिए समर्पण सभी के लिए प्रेरणादायक है। उनके मार्गदर्शन से सेवा के क्षेत्र में काम करने वालों को नई दिशा मिलती है।

मंत्री बीएल वर्मा ने सभी बच्चों से मुलाकात की और उन्हें गले लगाकर उनका उत्साह बढ़ाया। उन्होंने बच्चों की पीठ थपथपाई और उनकी रचनात्मकता की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रयास समाज को अधिक संवेदनशील और समावेशी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

बीएल वर्मा ने बच्चों की मेहनत की तारीफ करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम के दौरान भावुक और गर्व से भरा माहौल रहा। फाउंडेशन की टीम के अनुसार, मंत्री ने बच्चों के साथ काफी समय बिताया और उनके साथ भोजन भी किया।

 

Rape Case: दुष्कर्म से गर्भवती किशोरी का जिला अस्पताल के बाथरूम में गर्भपात, DNA जांच के लिए भेजा गया भ्रूण

Rape Case: दुष्कर्म से गर्भवती किशोरी का जिला अस्पताल के बाथरूम में गर्भपात, DNA जांच के लिए भेजा गया भ्रूण

नोएडा। दुष्कर्म के मामले में करीब पांच माह की गर्भवती हुई 14 वर्षीय किशोरी का शनिवार को जिला अस्पताल के बाथरूम में अचानक गर्भपात हो गया। अदालत और बाल कल्याण समिति के आदेश के बाद पुलिस किशोरी को अस्पताल लेकर पहुंची थी। डॉक्टरों ने उसे दवा देने के बाद निगरानी में रखा था। इसी दौरान बाथरूम में उसकी तबीयत बिगड़ गई और गर्भपात हो गया। अस्पताल प्रबंधन ने भ्रूण को कूड़े में फेंके जाने की चर्चा से इनकार किया है। भ्रूण को डीएनए जांच के लिए भेजा गया है।

पुलिस के मुताबिक, पड़ोस में रहने वाला देशराज लंबे समय से किशोरी पर गलत नजर रख रहा था। आरोप है कि बीते महीने वह किशोरी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना की जानकारी मिलने के बाद किशोरी के परिजनों ने संबंधित थाने में शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस ने किशोरी की बरामदगी और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित की थीं। किशोरी को बरामद करने के साथ आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया गया। जांच के दौरान किशोरी का मेडिकल परीक्षण कराया गया। मेडिकल रिपोर्ट में उसके करीब पांच माह की गर्भवती होने की जानकारी सामने आई।

इसके बाद पुलिस ने मामले में संबंधित धाराएं बढ़ाईं और मेडिकल रिपोर्ट समेत अन्य आवश्यक दस्तावेज अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए। किशोरी की उम्र और गर्भ की अवधि को देखते हुए पुलिस ने अदालत और बाल कल्याण समिति के समक्ष आवश्यक रिपोर्ट रखी।

शुक्रवार को किशोरी के गर्भपात के संबंध में आदेश जारी हुए। इसके बाद शनिवार को पुलिस उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंची। अस्पताल में डॉक्टरों ने किशोरी को दवा दी और कुछ समय आराम तथा निगरानी में रहने की सलाह दी।

इसी दौरान किशोरी बाथरूम गई, जहां अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई और गर्भपात हो गया। घटना की जानकारी अस्पताल कर्मचारियों और पुलिस को दी गई।

भ्रूण को कूड़े में फेंकने की चर्चा

घटना के बाद जिला अस्पताल में चर्चा रही कि भ्रूण कथित तौर पर कूड़े में मिला और पुलिस ने उसे बरामद किया। हालांकि जिला अस्पताल प्रबंधन ने इस बात से स्पष्ट इनकार किया है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, भ्रूण को नमूना संग्रह करने वाले बैग में सुरक्षित रखा गया था और डीएनए जांच के लिए भेजा गया है।

जिला अस्पताल के सीएमएस अशोक कुमार झा ने बताया कि अदालत के आदेश पर पुलिस किशोरी को गर्भपात की प्रक्रिया के लिए अस्पताल लेकर आई थी। डॉक्टरों ने दवा देने के बाद उसे आराम करने के लिए कहा था। बाथरूम जाने के दौरान गर्भपात हो गया। भ्रूण को डीएनए जांच के लिए लैब भेज दिया गया है।

एसीपी राकेश प्रताप सिंह के अनुसार, किशोरी के साथ दुष्कर्म के आरोप में मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया जा चुका है। किशोरी के गर्भवती होने की जानकारी सामने आने के बाद मामले में संबंधित धाराएं बढ़ाई गईं। अदालत के आदेश के बाद शनिवार को गर्भपात की प्रक्रिया कराई जा रही थी, इसी दौरान बाथरूम में गर्भपात हो गया।

 

Greater Noida: पति को लेकर पत्नी और दूसरी महिला के बीच हाईवोल्टेज ड्रामा, मारपीट का वीडियो वायरल

Greater Noida: पति को लेकर पत्नी और दूसरी महिला के बीच हाईवोल्टेज ड्रामा, मारपीट का वीडियो वायरल

नोएडा। ग्रेटर नोएडा वेस्ट की गौड़ सिटी-2 स्थित 14वें एवेन्यू में शुक्रवार को पति को लेकर पत्नी और दूसरी महिला के बीच हाईवोल्टेज ड्रामा हो गया। दोनों महिलाओं के बीच कहासुनी के बाद हाथापाई शुरू हो गई। इस दौरान मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। घटना का वीडियो किसी ने बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया, जिसके बाद यह वायरल हो गया।

पुलिस के मुताबिक, सेक्टर-168 में रहने वाली एक महिला का अपने पति से विवाद चल रहा है। दोनों पति-पत्नी फिलहाल अलग-अलग रह रहे हैं। शुक्रवार को दोनों के बीच चल रहे एक मामले में कोर्ट में सुनवाई थी। महिला का आरोप है कि उसका पति सुनवाई में नहीं पहुंचा। इसके बाद वह पति के बारे में जानकारी करते हुए गौड़ सिटी-2 के 14वें एवेन्यू स्थित एक फ्लैट पर पहुंच गई।

बताया गया है कि महिला ने फ्लैट के अंदर अपने पति को एक दूसरी युवती के साथ देख लिया। पति को दूसरी महिला के साथ देखकर वह नाराज हो गई। इसके बाद दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों के बीच हाथापाई होने लगी। मौके पर मौजूद लोगों ने किसी तरह मामला शांत कराने का प्रयास किया। इसी दौरान किसी व्यक्ति ने पूरी घटना का वीडियो बना लिया।

वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामले की चर्चा शुरू हो गई। घटना के बाद दोनों पक्ष बिसरख कोतवाली क्षेत्र के गौड़ सिटी-2 पुलिस चौकी पहुंचे। पुलिस ने दोनों पक्षों से घटना की जानकारी ली।

फ्लैट खाली करने में मदद के लिए बुलाया था युवक

पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि फ्लैट में मौजूद युवती युवक की दोस्त है। वह अपना फ्लैट खाली कर रही थी और सामान हटाने में मदद के लिए उसने युवक को बुलाया था। इसी दौरान युवक की पत्नी वहां पहुंच गई। पति को दूसरी युवती के साथ देखकर पत्नी ने आपत्ति जताई और विवाद शुरू हो गया।

कोतवाली प्रभारी मुनेंद्र सिंह ने बताया कि विवाद के बाद दोनों पक्ष पुलिस चौकी पहुंचे थे। पुलिस ने मामले की जानकारी ली, लेकिन किसी भी पक्ष ने दूसरे के खिलाफ लिखित शिकायत नहीं दी। शिकायत मिलने पर पुलिस नियमानुसार कार्रवाई करेगी।

Medical Hub: जेवर में मेडिकल हब बनाने की तैयारी तेज, विधायक ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

Medical Hub: जेवर में मेडिकल हब बनाने की तैयारी तेज, विधायक ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

नोएडा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बाद अब जेवर को विश्वस्तरीय मेडिकल टूरिज्म, मेडिकल एजुकेशन और हेल्थकेयर रिसर्च के केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है। जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह ने केंद्र सरकार के प्रस्तावित पांच रीजनल मेडिकल हब में से एक हब जेवर में स्थापित कराने की पहल की है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर प्रदेश सरकार की ओर से केंद्र को औपचारिक प्रस्ताव भेजने का अनुरोध किया है।

विधायक की ओर से यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण यानी YEIDA क्षेत्र में इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए उपयुक्त जमीन चिन्हित कर प्रस्ताव तैयार कराने की पहल भी की गई है। प्रस्ताव के अनुसार, मेडिकल हब को केवल एक बड़े अस्पताल के रूप में विकसित करने के बजाय चिकित्सा, शिक्षा, शोध और मेडिकल टूरिज्म से जुड़ी कई सुविधाओं को एक ही परिसर में विकसित करने की योजना है।

प्रस्तावित मेडिकल हब में सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा सेवाओं के साथ मेडिकल कॉलेज, मेडिकल एजुकेशन एवं रिसर्च सेंटर, अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक्स, आयुष सेंटर, मेडिकल वैल्यू टूरिज्म, पोस्ट-ट्रीटमेंट केयर और रिहैबिलिटेशन जैसी सुविधाएं विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे मरीजों को इलाज के साथ उपचार के बाद की देखभाल और पुनर्वास की सुविधाएं भी एक ही परिसर में मिल सकेंगी।

इस परियोजना को लेकर शुक्रवार शाम चार बजे लखनऊ में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बैठक भी आयोजित की गई। विधायक धीरेंद्र सिंह ने बताया कि जेवर की भौगोलिक स्थिति इस परियोजना के लिए काफी अनुकूल है। यहां नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की उपलब्धता के साथ दिल्ली-एनसीआर से नजदीकी और यमुना एक्सप्रेसवे की बेहतर कनेक्टिविटी है। इन सुविधाओं के कारण देश-विदेश से आने वाले मरीजों और चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए जेवर तक पहुंच आसान होगी।

विधायक ने कहा कि उनका लक्ष्य जेवर में ऐसा विश्वस्तरीय मेडिकल संस्थान स्थापित कराना है, जो अत्याधुनिक सुविधाओं, तकनीक और रिसर्च के क्षेत्र में नई मिसाल कायम करे। उन्होंने इसे एम्स नई दिल्ली से भी आगे की सुविधाओं वाला संस्थान बनाने की इच्छा जताई है।

मेडिकल हब बनने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों को लाभ मिलने की उम्मीद है। गौतमबुद्धनगर के अलावा बुलंदशहर, अलीगढ़, गाजियाबाद, मथुरा और आगरा समेत आसपास के क्षेत्रों के लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकेंगी। इसके साथ ही मेडिकल शिक्षा, स्वास्थ्य अनुसंधान, मेडिकल टूरिज्म और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होने की उम्मीद है।