Home Blog Page 8

Greater Noida Crime: कॉलेज के बाहर युवक को घेरकर लाठी-डंडे और लोहे की रॉड से पीटा, तीन नामजद

Greater Noida Crime: कॉलेज के बाहर युवक को घेरकर लाठी-डंडे और लोहे की रॉड से पीटा, तीन नामजद

ग्रेटर नोएडा। नॉलेज पार्क स्थित एनआईटी कॉलेज के बाहर एक युवक को घेरकर लाठी-डंडों, लात-घूंसों और लोहे की रॉड से बेरहमी से पीटने का मामला सामने आया है। हमले में युवक के सिर, हाथ-पैर समेत शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। पीड़ित की शिकायत पर नॉलेज पार्क थाना पुलिस ने तीन नामजद आरोपियों समेत अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के मुताबिक, कासगंज निवासी अर्जुन चौहान वर्तमान में नॉलेज पार्क-3 स्थित द कैसल बॉयज हॉस्टल में रहते हैं। अर्जुन ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि छह अगस्त की सुबह करीब 10 बजे वह अपनी कार से एनआईटी कॉलेज के बाहर से गुजर रहे थे। इसी दौरान कुछ लोगों ने उनकी कार को घेर लिया और उसे रुकवा लिया।

आरोप है कि कार रुकते ही हमलावरों ने अर्जुन पर जान से मारने की नीयत से हमला कर दिया। आरोपियों ने लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से मारपीट करने के साथ लात-घूंसों से भी पीटा। अचानक हुए हमले में अर्जुन के सिर, हाथ-पैर और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आईं। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।

पीड़ित ने हमले में शामिल संदीप, दीपचंद और नीरज शर्मा की पहचान की है। उसकी तहरीर के आधार पर पुलिस ने तीनों को नामजद करते हुए अन्य आरोपियों के खिलाफ भी केस दर्ज किया है।

कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। पुलिस हमले के कारणों का पता लगाने के साथ ही घटना से जुड़े अन्य तथ्यों और आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

New Delhi : ‘जड़ों से जुड़ें’ से नफरत के खिलाफ मुहिम का आगाज, इंद्रेश कुमार बोले- धर्म अलग, लेकिन जड़ें और वतन एक

New Delhi : देश में सामाजिक दूरी और नफरत की बढ़ती घटनाओं के बीच मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने राजधानी दिल्ली से एक बड़े सामाजिक अभियान का शंखनाद किया। राजघाट स्थित गांधी स्मृति दर्शन में आयोजित सम्मेलन में ‘आओ जड़ों से जुड़ें’ अभियान को देशव्यापी स्तर पर आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया। सम्मेलन का मुख्य संदेश था कि भारत में रहने वाले लोगों की पूजा-पद्धति और धार्मिक मान्यताएं अलग हो सकती हैं, लेकिन उनकी मातृभूमि, नागरिक पहचान और साझा विरासत उन्हें एक-दूसरे से जोड़ती है। कार्यक्रम में सामाजिक, शैक्षणिक और धार्मिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने कहा कि समाज को नफरत और तनाव से निकालने के लिए राजनीतिक बहस के साथ-साथ लोगों के बीच सीधा संवाद और रिश्तों को मजबूत करना जरूरी है। बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों ने भारत, भारतीयता और भाईचारे को मजबूत करने का संकल्प लिया।

इंद्रेश कुमार – हम हिंदुस्तानी थे, हैं और रहेंगे
कार्यक्रम की अध्यक्षता मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के मार्गदर्शक और वरिष्ठ संघ नेता इंद्रेश कुमार ने की। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति का धर्म उसकी आस्था का विषय हो सकता है और पूजा-पद्धति अलग हो सकती है, लेकिन इससे उसकी भारतीय पहचान समाप्त नहीं होती। उन्होंने कहा कि भारत की धरती पर रहने वाले लोगों के बीच सदियों से साझा जीवन रहा है, इसलिए समाज को जोड़ने वाली बातों को तलाशना चाहिए। इंद्रेश कुमार ने कहा कि “हम हिंदुस्तानी थे और हैं। इस सफर का इम्तेहान हमें रोज 24 घंटे देना है।” भारतीयता को व्यवहार और जिम्मेदारी में उतारने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को अपने परिवार, पूर्वजों और वंशावली यानी शिजरे को जानना चाहिए। इससे मिट्टी और समाज के प्रति जुड़ाव बढ़ता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अभियान धर्मांतरण नहीं बल्कि दिल जोड़ने की पहल है और इसका उद्देश्य एक-दूसरे के धर्म का सम्मान करते हुए राष्ट्रीय एकता को मजबूत करना है।

शाहिद अख्तर और ताहिर हुसैन ने दी एकता की आवाज
एनसीएमईआई के ऑफिशिएटिंग चेयरमैन डॉ. शाहिद अख्तर ने कहा कि “एक कौम, एक वतन – हिंदुस्तान। हमारे पूर्वज सब एक थे। हम भारतीय थे, भारतीय हैं और भारतीय रहेंगे।” उन्होंने कहा कि भारतीयता करोड़ों लोगों को जोड़ने वाली भावना है और अपनी जड़ों को पहचानना ही एक सच्चे इंसान की पहचान है। अभियान के राष्ट्रीय संयोजक डॉ. ताहिर हुसैन ने कहा कि यह पहल किसी एक समुदाय तक सीमित नहीं है। समाज को कमजोर करने वाली सोच को दूर करने के लिए धर्म, जाति और भाषा के नाम पर फैलाई जा रही दूरी को मिटाना होगा। उन्होंने युवाओं से सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों से सावधान रहने और संवाद के आधार पर समाज को आगे बढ़ाने की अपील की।

डॉ. शालिनी अली और प्रो. माहरुख मिर्जा ने दिया समर्थन
अभियान की राष्ट्रीय संयोजक डॉ. शालिनी अली ने कहा कि भारत की विविधता उसकी ताकत है। संवाद और एक-दूसरे की परंपराओं को समझने से गलतफहमियां दूर होती हैं और भरोसा बढ़ता है। ख्वाजा गरीब नवाज यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलपति प्रो. माहरुख मिर्जा ने कहा कि संकट में फंसे व्यक्ति की जाति या धर्म नहीं पूछा जाना चाहिए, बल्कि उसकी मदद की जानी चाहिए। स्वामी दिनेशानंद महाराज, मोहम्मद अफजल, तुषारकांत हिन्दुस्थानी, गिरीश जूआल, प्रो. आसिफ मलिक, मेजर जनरल जावेद साहब सहित अन्य वक्ताओं ने भी अभियान का समर्थन करते हुए सामाजिक एकता को मजबूत करने की बात कही।

राजघाट से निकला संदेश – पहचान अलग, भारत साझा
सम्मेलन में वक्ताओं ने कहा कि ‘जड़ों से जुड़ना’ का अर्थ किसी से दूरी बनाना नहीं है। इसका मतलब है अपनी पारिवारिक कहानी और भारतीय पहचान को समझना तथा दूसरे की पहचान का सम्मान करना। वक्ताओं ने कहा कि दंगा, भेदभाव, अशिक्षा और बेरोजगारी जैसी समस्याओं के खिलाफ भी समाज को एकजुट होकर काम करना होगा। उन्होंने 1 से 15 अगस्त तक चल रहे ‘हर घर तिरंगा’ अभियान में भागीदारी का आह्वान करते हुए कहा कि तिरंगा पूरे देश की साझा पहचान है। राजघाट से उठी इस आवाज ने यह संदेश दिया कि नफरत का जवाब नफरत नहीं, बल्कि संवाद, सम्मान और भाईचारा है।

Bus Service: नोएडा डिपो से हरिद्वार के लिए तीन दिन और चलेंगी अतिरिक्त बसें, 11 अगस्त तक मिलेगी सुविधा

Bus Service: नोएडा डिपो से हरिद्वार के लिए तीन दिन और चलेंगी अतिरिक्त बसें, 11 अगस्त तक मिलेगी सुविधा

नोएडा। सावन और शिवरात्रि के मद्देनजर शिवभक्तों की बढ़ती संख्या को देखते हुए नोएडा डिपो से हरिद्वार के लिए अतिरिक्त बसों का संचालन तीन दिन और जारी रहेगा। यात्रियों को यह सुविधा 11 अगस्त तक मिलेगी। इसके बाद हरिद्वार के लिए पहले की तरह सिर्फ चार नियमित बसों का संचालन किया जाएगा।

नोएडा डिपो के अधिकारियों के अनुसार, हरिद्वार में गंगाजल लेने और शिवालयों में जलाभिषेक के लिए बड़ी संख्या में शिवभक्त यात्रा कर रहे हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए डिपो की ओर से अतिरिक्त बसों की व्यवस्था की गई है। इससे यात्रियों को निजी वाहनों और अन्य साधनों पर निर्भर रहने की जरूरत कम होगी।

अधिकारियों ने बताया कि पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार खराब मौसम और भूस्खलन की घटनाओं का असर पर्यटन के लिए जाने वाले यात्रियों की संख्या पर भी पड़ा है। इसके चलते कोटद्वार और देहरादून जाने वाली बसों में अपेक्षाकृत कम यात्री मिल रहे हैं। वहीं, हरिद्वार जाने वाले शिवभक्तों की संख्या लगातार बनी हुई है।

इसी को देखते हुए हरिद्वार रूट पर अतिरिक्त बसें चलाने का फैसला किया गया है। डिपो प्रशासन के अनुसार, 11 अगस्त तक श्रद्धालुओं को अतिरिक्त बसों की सुविधा मिलती रहेगी। इसके बाद स्थिति सामान्य होने पर हरिद्वार के लिए पहले की तरह चार नियमित बसों का संचालन किया जाएगा।

SP Politics: सपा महिला जिलाध्यक्ष शशि यादव ने अखिलेश यादव से की मुलाकात, 2027 चुनाव को लेकर हुई चर्चा

SP Politics: सपा महिला जिलाध्यक्ष शशि यादव ने अखिलेश यादव से की मुलाकात, 2027 चुनाव को लेकर हुई चर्चा

नोएडा। समाजवादी पार्टी महिला सभा गौतमबुद्धनगर की जिलाध्यक्ष डॉ. शशि यादव ने नई दिल्ली स्थित सरकारी आवास पर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद अखिलेश यादव से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उन्होंने अखिलेश यादव को दादा श्रीकृष्ण की प्रतिमा भेंट कर सम्मान व्यक्त किया।

डॉ. शशि यादव के मुताबिक, मुलाकात के दौरान आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। उन्होंने बताया कि 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों और पार्टी की आगामी रणनीति पर भी विचार-विमर्श किया गया। संगठन को मजबूत करने और महिलाओं की अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने को लेकर भी बातचीत हुई।

मुलाकात के दौरान गौतमबुद्धनगर और नोएडा से जुड़े स्थानीय मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया गया। डॉ. शशि यादव ने क्षेत्र में शिक्षा, चिकित्सा, सड़क और नाली समेत विभिन्न जनसमस्याओं की जानकारी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को दी।

उन्होंने बताया कि क्षेत्र की महिलाओं से जुड़े मुद्दों और राजनीति में महिलाओं की लगातार बढ़ रही भागीदारी पर भी चर्चा हुई। पार्टी संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और आम लोगों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाने पर जोर दिया गया।

डॉ. शशि यादव ने कहा कि बैठक में संगठन की आगामी गतिविधियों और चुनावी तैयारियों को लेकर सकारात्मक चर्चा हुई। उन्होंने बताया कि पार्टी कार्यकर्ताओं को जनता से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाने और संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय करने की दिशा में काम करने की जरूरत है।

Greater Noida: आवासीय सेक्टरों को जीरो वेस्ट कॉलोनी बनाएगा प्राधिकरण, बीटा-1 में तैयार हो रहा मॉडल

Greater Noida: आवासीय सेक्टरों को जीरो वेस्ट कॉलोनी बनाएगा प्राधिकरण, बीटा-1 में तैयार हो रहा मॉडल

नोएडा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने आवासीय सेक्टरों में कचरा प्रबंधन को बेहतर बनाने और सड़कों तथा खाली भूखंडों पर खुले में कूड़ा फेंकने की समस्या को खत्म करने के लिए जीरो वेस्ट कॉलोनी योजना पर काम शुरू किया है। इस योजना के तहत सेक्टर बीटा-1 में मॉडल विकसित किया जा रहा है। सफल परिणाम मिलने पर इसे शहर के अन्य सेक्टरों और निजी सोसाइटियों में भी लागू करने की तैयारी है।

प्राधिकरण के प्रबंधक गौरव बघेल ने बताया कि कुछ महीने पहले सेक्टर बीटा-1 में ट्रायल के तौर पर जीरो वेस्ट कॉलोनी मॉडल शुरू किया गया था। इसके तहत घरों और अन्य स्थानों से निकलने वाले कचरे को एक निर्धारित स्थान पर एकत्र किया जाता है। यहां गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग किया जाता है, ताकि दोनों का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जा सके।

प्राधिकरण अब इस व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए डेडीकेटेड स्पेस विकसित कर रहा है। इसके लिए शेड लगाया जा रहा है, जिससे बारिश और तेज धूप के दौरान भी कचरा छंटाई और निस्तारण का काम प्रभावित न हो। अधिकारियों का प्रयास है कि घरों से ही गीला और सूखा कचरा अलग-अलग प्राप्त हो।

योजना के तहत गीले कचरे से खाद और गैस तैयार करने की व्यवस्था विकसित की जाएगी। वहीं, सूखे कचरे को अलग कर उससे उपयोगी उत्पाद तैयार करने की दिशा में काम किया जाएगा। इससे कचरे की मात्रा कम करने के साथ ही उसे संसाधन के रूप में इस्तेमाल किया जा सकेगा।

प्राधिकरण की योजना है कि बीटा-1 के बाद सेक्टर ईटा-1 में भी इस तरह की व्यवस्था शुरू की जाए। इसके अलावा कुछ निजी सोसाइटियों ने भी जीरो वेस्ट मॉडल में रुचि दिखाई है। प्राधिकरण इन सोसाइटियों के प्रतिनिधियों को बीटा-1 में तैयार मॉडल दिखाकर परिसर के भीतर ही कचरा निस्तारण की व्यवस्था विकसित करने के लिए प्रेरित करेगा।

अधिकारियों का मानना है कि जीरो वेस्ट मॉडल के प्रभावी क्रियान्वयन से सड़कों और खाली भूखंडों पर कचरा फेंकने की समस्या कम होगी। इससे शहर की स्वच्छता व्यवस्था बेहतर होने के साथ-साथ कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन को भी बढ़ावा मिलेगा।

PG Dispute: पीजी के केयरटेकर पर युवती से छेड़छाड़ का आरोप, हाथ पकड़कर रसोई से बाहर निकालने का आरोप

PG Dispute: पीजी के केयरटेकर पर युवती से छेड़छाड़ का आरोप, हाथ पकड़कर रसोई से बाहर निकालने का आरोप

नोएडा। सेक्टर-15 स्थित एक पीजी में युवती और केयरटेकर के बीच विवाद का मामला सामने आया है। युवती ने केयरटेकर पर अभद्रता करने और जबरन हाथ पकड़कर उसे रसोई से बाहर निकालने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने मामले की शिकायत फेज-1 थाना पुलिस से की है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है और दोनों पक्षों से पूछताछ की जा रही है।

पुलिस के मुताबिक, सेक्टर-15 के सी ब्लॉक स्थित पीजी में एक युवती रहती है। युवती का आरोप है कि चार अगस्त की शाम वह पीजी की रसोई में अंडे उबालने के लिए गई थी। इसी दौरान केयरटेकर ने उससे अभद्रता करते हुए अंडे उबालने से मना किया। युवती का कहना है कि जब उसने गैस चलाने की कोशिश की तो केयरटेकर ने कथित तौर पर उसका हाथ गलत तरीके से पकड़ लिया और उसे रसोई से बाहर कर दिया।

आरोप है कि युवती ने केयरटेकर की इस हरकत का विरोध किया तो उसने उसे धमकी देते हुए एक सप्ताह के भीतर पीजी खाली करने के लिए कहा। घटना के बाद युवती ने मामले की जानकारी पीजी संचालक को दी और केयरटेकर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

युवती का आरोप है कि पीजी संचालक ने केयरटेकर द्वारा हाथ पकड़ने की घटना का सबूत मांगा। युवती ने बताया कि रसोई के पास लगे सीसीटीवी कैमरे बंद थे, जिसकी जानकारी संचालक को भी थी। इसके बावजूद संचालक ने मामले में उसकी मदद करने के बजाय कथित तौर पर उसके साथ भी अभद्रता की।

इसके बाद युवती ने पुलिस से शिकायत कर पूरे मामले की जानकारी दी। पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर जांच की जा रही है। दोनों पक्षों के बयान दर्ज करने और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

Uttarakhand : मुख्यमंत्री ने तीलू रौतेली एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्री पुरस्कार से मातृशक्ति को किया सम्मानित

Dehradun : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित तीलू रौतेली एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्री पुरस्कार समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली प्रदेश की 13 महिलाओं को तीलू रौतेली पुरस्कार तथा 35 आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों को आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री पुरस्कार से सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने पुरस्कार प्राप्त करने वाली सभी महिलाओं एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि तीलू रौतेली जयंती उत्तराखंड के इतिहास और नारी शक्ति के स्वाभिमान के लिए गौरवशाली अवसर है। वीरांगना तीलू रौतेली अदम्य साहस, अद्वितीय पराक्रम और नारी शक्ति की अमर प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड वीरों के साथ-साथ वीरांगनाओं की भूमि भी रही है और जब भी वीरांगनाओं के साहस एवं पराक्रम की चर्चा होगी, तीलू रौतेली जी का नाम गर्व और सम्मान के साथ लिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि तीलू रौतेली जी का जीवन स्वाभिमान, साहस और नारी शक्ति का प्रेरणादायी प्रतीक है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की बेटियों ने सदैव अपनी प्रतिभा, साहस और सामर्थ्य से प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। आज सम्मानित की गई महिलाएं भी प्रदेश की अन्य मातृशक्ति और बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2023 में तीलू रौतेली पुरस्कार की सम्मान राशि को 31 हजार रुपये से बढ़ाकर 51 हजार रुपये किया था। अब राज्य सरकार ने तीलू रौतेली पुरस्कार की सम्मान राशि को 51 हजार रुपये से बढ़ाकर 75 हजार रुपये करने का निर्णय लिया है। इसी प्रकार आंगनबाड़ी कार्यकत्री पुरस्कार की सम्मान राशि भी 51 हजार रुपये से बढ़ाकर 61 हजार रुपये की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह वृद्धि केवल पुरस्कार राशि में बढ़ोतरी नहीं, बल्कि प्रदेश की मातृशक्ति के सेवा, समर्पण और योगदान के प्रति सरकार के सम्मान का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों के प्रारंभिक विकास, पोषण, स्वास्थ्य और संस्कारों में आंगनबाड़ी केंद्रों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सरकार की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य कर रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की मातृशक्ति के सम्मान और सशक्तीकरण के लिए सरकार निरंतर कार्य करती रहेगी। उन्होंने पुरस्कार प्राप्त करने वाली सभी महिलाओं एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या, खजान दास, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक उमेश शर्मा काऊ, मीडिया सलाहकार समिति के अध्यक्ष प्रो. गोविंद सिंह, सचिव महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास चन्द्रेश कुमार, निदेशक बंशीलाल राणा एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

Uttarakhand : अगले दो दिनों में भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना, मौसम विभाग ने जारी किया ऑरेंज एवं येलो अलर्ट

Dehradun : भारत मौसम विज्ञान विभाग, देहरादून द्वारा जारी मौसम पूर्वानुमान के अनुसार उत्तराखण्ड में आगामी दिनों में मानसून की सक्रियता के चलते कई जनपदों में भारी से बहुत भारी वर्षा तथा कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ अत्यंत तीव्र वर्षा होने की संभावना है।

मौसम विभाग ने 09 अगस्त को बागेश्वर, पिथौरागढ़ एवं चमोली तथा 10 अगस्त को देहरादून, बागेश्वर, नैनीताल एवं चम्पावत जनपदों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग के अनुसार 09 अगस्त को राज्य के अन्य पर्वतीय जनपदों में भी गरज के साथ तेज वर्षा एवं आकाशीय बिजली चमकने की संभावना है। वहीं देहरादून, रुद्रप्रयाग, नैनीताल एवं चम्पावत में कहीं-कहीं भारी वर्षा तथा हरिद्वार एवं ऊधमसिंहनगर में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है।

10 अगस्त को देहरादून, बागेश्वर, नैनीताल एवं चम्पावत में भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना के साथ गरज-चमक एवं अत्यंत तीव्र वर्षा की आशंका है। राज्य के अन्य जनपदों में भी कहीं-कहीं तेज वर्षा, गरज-चमक तथा आकाशीय बिजली की संभावना बनी रहेगी। उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, टिहरी, पौड़ी, पिथौरागढ़ एवं ऊधमसिंहनगर में कहीं-कहीं भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम की परिस्थितियों को देखते हुए सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने सभी संबंधित जिलों को आवश्यक सावधानियां बरतने तथा 24×7 अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। सभी संबंधित विभागों को अपने स्तर पर आवश्यक संसाधनों एवं उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित रखने के साथ ही सड़क मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति में तत्काल मार्ग खोलने की कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही अधिकारियों एवं कर्मचारियों को मौसम की इस अवधि में मोबाइल फोन स्विच ऑफ न करने, आवश्यक सुरक्षा उपकरण अपने साथ रखने तथा किसी भी आपदा की सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों एवं राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने प्रदेशवासियों एवं पर्यटकों से अपील की है कि मौसम विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लें और अनावश्यक जोखिम लेने से बचें। उन्होंने कहा कि भारी वर्षा के दौरान नदी-नालों, गदेरे एवं बरसाती नालों के आसपास जाने से बचें तथा जलभराव वाले स्थानों और कमजोर पुलों को पार करने का प्रयास न करें। पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन एवं पत्थर गिरने की आशंका वाले मार्गों पर विशेष सावधानी बरतें और मौसम खराब होने पर यात्रा को यथासंभव स्थगित करें।

Uttar Pradesh : मुख्यमंत्री की तिरंगा यात्रा में आवास से विधान भवन तक उमड़ा युवाओं का सैलाब

Lucknow News : आजादी के पर्व 15 अगस्त से पहले लखनऊ में रविवार की सुबह राष्ट्रभक्ति का रंग और गहरा होता नजर आया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में मुख्यमंत्री आवास से ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत भव्य ‘तिरंगा यात्रा’ निकाली गई। मुख्यमंत्री के साथ हजारों की संख्या में छात्र-छात्राएं हाथों में तिरंगा लेकर यात्रा में शामिल हुए। इस यात्रा के दौरान पूरे रास्ते मुख्यमंत्री योगी के दाएं व बाएं भारत स्काउट्स एंड गाइड्स की दो छात्राओं ने हाथ में तिरंगा लिए कदमताल किया। तिरंगे के साथ कदम से कदम मिलाकर चलते बच्चों और लोगों ने भारत माता की जय व राष्ट्रप्रेम से जुड़े नारों से सबका ध्यानाकर्षित किया। वहीं बच्चों ने ‘हर घर तिरंगा’ फहराने का भी संकल्प लिया। इस तिरंगा यात्रा में 30 हजार से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया।

मुख्यमंत्री आवास से जैसे ही तिरंगा यात्रा आगे बढ़ी, राजधानी की सड़कें देशभक्ति के रंग में रंगती चली गईं। हाथों में लहराते तिरंगे, उत्साह से भरे चेहरे और राष्ट्रप्रेम से ओत-प्रोत माहौल ने यात्रा को भव्य रूप दे दिया। यात्रा के रास्ते में बड़ी संख्या में लोग इसके स्वागत के लिए खड़े रहे। लोगों ने पुष्पवर्षा कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और तिरंगा यात्रा में शामिल लोगों व छात्र-छात्राओं का स्वागत किया। मुख्यमंत्री आवास से सिविल अस्पताल होते हुए विधानसभा तक सड़क के दोनों ओर मौजूद लोगों में भी तिरंगे को लेकर खासा उत्साह दिखाई दिया।

छात्रों के जोश ने बढ़ाई तिरंगा यात्रा की भव्यता
‘हर घर तिरंगा’ यात्रा में सरकारी और निजी स्कूलों के हजारों छात्र-छात्राओं ने पूरे जोश के साथ हिस्सा लिया। बच्चों के हाथों में तिरंगा और चेहरों पर देशभक्ति का उत्साह आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहा। यात्रा में शामिल लोगों ने राष्ट्रप्रेम और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया।

2 हजार फीट लंबे तिरंगे की मानव शृंखला
राजधानी में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत एक और खास नजारा देखने को मिला। विधानसभा के पास एक निजी डिफेंस एकेडमी संस्थान के बच्चों ने मानव शृंखला बनाकर विधानभवन से हजरतगंज चौराहे तक करीब 2 हजार फीट लंबा तिरंगा फहराया। बड़ी संख्या में बच्चों ने एक साथ खड़े होकर तिरंगा के प्रति सम्मान दिखाया।

तिरंगा के साथ दिखा एकजुटता और राष्ट्रप्रेम का संदेश
‘हर घर तिरंगा’ अभियान का उद्देश्य देश के राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और गौरव की भावना को जन-जन तक पहुंचाना है। लखनऊ में अभियान की शुरुआत के मौके पर निकली तिरंगा यात्रा ने इसी भावना को जीवंत कर दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ बच्चों, युवाओं और आम लोगों की भागीदारी ने आयोजन को जनभागीदारी का स्वरूप दिया।

तिरंगा यात्रा में शामिल बच्चों व लोगों ने बताए अनुभव
तिरंगा यात्रा में शामिल होने आए दसवीं कक्षा के छात्र आर्यन ने कहा कि तिरंगा यात्रा में शामिल होकर बहुत गर्व महसूस हुआ। इतने बच्चों को साथ देखकर लगा कि देशभक्ति के प्रति हम सभी बेहद जागरूक हैं। वहीं 11वीं कक्षा की छात्रा अनन्या ने कहा कि हाथ में तिरंगा लेकर चलना मेरे लिए खास अनुभव रहा। मुख्यमंत्री के साथ यात्रा में शामिल होकर देश के प्रति सम्मान और बढ़ा।

स्नातक की छात्रा साक्षी ने कहा कि तिरंगा यात्रा ने युवाओं में राष्ट्रप्रेम और जिम्मेदारी की भावना मजबूत की है। लखनऊ में हजारों लोगों को एकजुट देखकर बहुत गर्व महसूस हुआ। लखनऊ में सेना भर्ती की तैयारी कर रहे छात्र विवेक ने कहा कि तिरंगा हमारे लिए केवल झंडा नहीं, आन-बान और शान है। इस तिरंगा यात्रा ने मेरे सेना में जाने के संकल्प को और भी मजबूत कर दिया है। हाथ में तिरंगा लिए विधानसभा की ओर बढ़ रहीं कविता सिंह ने बताया कि वह अपने बच्चों के साथ इस यात्रा में शामिल हुईं हैं। बच्चों को राष्ट्रप्रेम सिखाने और दिखाने का यह अवसर उनके परिवार के लिए बेहद खास रहा।

Uttar Pradesh : विकास, विरासत और भारत की आन-बान-शान का प्रतीक है तिरंगा- मुख्यमंत्री

Lucknow News : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लखनऊ में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान का शुभारंभ किया। इसके बाद भाजपा नेताओं, जनप्रतिनिधियों, युवाओं, महिलाओं, कलाकारों समेत प्रदेशवासियों संग मुख्यमंत्री आवास (5 कालिदास मार्ग) से विधान भवन तक तिरंगा यात्रा निकाली। मुख्यमंत्री ने तिरंगा फहराते बच्चों के साथ सेल्फी ली और उनकी हौसलाअफजाई की। शुभारंभ स्थल पर वंदे मातरम का सामूहिक गान किया गया। मुख्यमंत्री ने स्वाधीनता दिवस की अग्रिम बधाई देते हुए अपील की कि इससे पहले हर घर में तिरंगा फहराएं। मुख्यमंत्री ने तिरंगा को सादगी, विकास, विरासत और भारत की आन-बान-शान का प्रतीक बताया।

मुख्यमंत्री ने देश की रक्षा के लिए बलिदान देने वाले शहीदों को किया याद
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी द्वारा क्रांतिकारियों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने के लिए पूरे देश में आन-बान-शान के प्रतीक तिरंगा यात्रा का शुभारंभ किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने भारत की आजादी और स्वतंत्र भारत में देश की रक्षा के लिए सर्वस्व न्योछावर करने वाले क्रांतिकारियों, सैनिकों व संविधान निर्माताओं राजेंद्र प्रसाद, बाबा साहेब भीमराव आंबडेकर, लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल आदि को भी याद किया।

यह नहीं हो सकता कि रहेंगे भारत में और यहां के प्रतीकों को अपमानित करेंगे
मुख्यमंत्री ने कहा कि तिरंगा सादगी, विकास, विरासत और भारत की आन-बान-शान का प्रतीक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के प्रतीकों के प्रति सर्वोच्च सम्मान बनाए रखने के लिए राष्ट्रगान व राष्ट्रगीत का अपमान करने वालों को संज्ञेय अपराध की सूची में रखते हुए दंडित करने का निर्णय भी लिया है। उन्होंने कहा कि अब यह नहीं हो सकता कि रहेंगे भारत में लेकिन भारत के प्रतीकों, महापुरुषों, राष्ट्रगान-राष्ट्रगीत को अपमानित करेंगे।

राष्ट्र प्रथम का मंत्र हर युवा के लिए प्रेरणा
मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रगीत के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में देश में वंदे मातरम का गान हो रहा है। आज काकोरी ट्रेन एक्शन का 101वां पर्व भी है। 1925 में आज के ही दिन पं. रामप्रसाद बिस्मिल, ठाकुर रोशन सिंह, अशफाक उल्ला खां ने काकोरी ट्रेन एक्शन को अंजाम देकर ब्रिटिशरों की चूलों को हिलाया था। यह तिरंगा यात्रा हुतात्माओं के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने और पीएम मोदी के राष्ट्र प्रथम के मंत्र को आगे बढ़ाने का संकल्प भी है। यह मंत्र भारत के हर युवा के लिए प्रेरणा है।

देश की हर चुनौती का सामना करने का सामर्थ्य रखता है युवा
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा प्रतिभाशाली, ऊर्जा का प्रतीक है और वह देश की हर चुनौती का सामना करने का सामर्थ्य रखता है। युवा ऊर्जा को आगे बढ़ने के लिए उचित प्लेटफॉर्म हो, वह परंपरागत पाठ्यक्रम के साथ-साथ देश और समाज की चुनौतियों का सामना करने के लिए खुद को तैयार कर सके। इस भाव के साथ दुनिया के सबसे बड़े राजनीतिक दल भारतीय जनता पार्टी की तरफ से पूरे देश में तिरंगा यात्रा का शुभारंभ किया जा रहा है।

बलिदानी क्रांतिकारियों के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित कर रहे तिरंगा यात्रा में शामिल 25-30 हजार युवा
तिरंगा यात्रा में युवाओं की उपस्थिति से गद्गद मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि ‘राष्ट्र प्रथम’ और ‘तेरा वैभव अमर रहे मां, हम दिन चार रहें न रहें’ के संकल्प को लेकर जिन हुतात्माताओं ने राष्ट्र के प्रति सर्वोच्च बलिदान दिया, लखनऊ में 25-30 हजार युवा इस तिरंगा यात्रा में सहभागी बनकर उन सभी के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित कर रहे हैं। यह अपार ऊर्जा राष्ट्रभक्ति के प्रति बलिदान होने वाले क्रांतिकारियों व स्वाधीनता संग्राम सेनानियों के प्रति हमारी कृतज्ञता है।

कुछ लोगों के लिए सत्ता सर्वोपरि थी, पीएम मोदी के लिए राष्ट्र प्रथम
सीएम ने कहा कि राष्ट्रगीत-राष्ट्रगान व राष्ट्र के प्रतीकों के प्रति जो कार्य 1947 के तत्काल बाद होना चाहिए, उसे 75 वर्ष क्यों लगे क्योंकि कुछ लोगों के लिए सत्ता सर्वोपरि थी, लेकिन पीएम मोदी के लिए राष्ट्र प्रथम है। उन्होंने भारत के प्रतीकों, युवाओं, गरीबों, आधी आबादी, किसानों के लिए नई योजनाओं के साथ आगे बढ़ने के लिए उचित मंच देकर आदर्श प्रस्तुत किया है। यह तिरंगा यात्रा उसी आदर्श की अभिव्यक्ति है।

आप भी अपने घरों पर फहराएं तिरंगा
सीएम ने कहाकि तिरंगा के प्रति सम्मान हो, इसके लिए पीएम मोदी ने उसके कोड में संशोधन करके अनिवार्य कर दिया है कि अब आप अपने घर में भी इसे फहरा सकते हैं। कांग्रेस के समय इसके लिए न्यायालय में शरण लेकर लड़ाई लड़नी पड़ती थी तब लोग तिरंगा को घर में लगा पाते थे, लेकिन पीएम मोदी ने 140 करोड़ भारतीयों को आजादी दी कि भारत के आन-बान-शान के प्रतीक तिरंगा को आप भी घर पर लगाएं।

राष्ट्रभक्ति व अनुशासन का दिखा अद्भुत संगम
मुख्यमंत्री ने वंदे मातरम व भारत मां की जय के उद्घोष के साथ ही अनुशासन पूर्वक विधान भवन तक तिरंगा यात्रा निकलने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री के आह्वान पर पूरे रास्ते में राष्ट्रभक्ति व अनुशासन का अद्भुत संगम दिखा। मुख्यमंत्री हाथों में तिरंगा लिए नन्हे-मुन्नों के साथ ही संगठन व सरकार के शीर्षस्थ लोगों संग राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत देशभक्ति गीतों के बीच 5 कालिदास मार्ग से विधान भवन तक तिरंगा यात्रा में शामिल हुए। विधान भवन के सामने मुख्यमंत्री ने गुब्बारा उड़ाकर यात्रा को पूर्णता प्रदान की।

इस दौरान केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री/भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक, भाजपा के प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल, प्रदेश सरकार के मंत्री सुरेश खन्ना, स्वतंत्र देव सिंह, जेपीएस राठौर, दयाशंकर सिंह, महापौर सुषमा खर्कवाल, राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा, ब्रजलाल, संजय सेठ, विधायक नीरज बोरा, राजेश्वर सिंह, ओपी श्रीवास्तव, विधान परिषद सदस्य रामचंद्र प्रधान, मुकेश शर्मा आदि मौजूद रहे।