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Punjab : युद्ध नशेआं विरुद्ध’ को मज़बूत करने के लिए आप पंजाब यूथ विंग ने मोहाली में ‘पंजाब यूथ रन 2026’ का किया आयोजन

Mohali/Chandigarh : पंजाब के युवाओं को नशों से दूर रखने की एक बड़े प्रयास के तहत आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब यूथ विंग ने युद्ध नशेआं विरुद्ध मुहिम के तहत मोहाली में 5.5 किलोमीटर की ‘पंजाब यूथ रन 2026’ का आयोजन किया, जिसमें हज़ारों युवाओं और खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया और स्पोर्ट्स, फिटनेस और हेल्दी लाइफस्टाइल के पक्ष में एक मज़बूत मैसेज दिया गया।

इस समारोह को हेल्दी और नशा मुक्त पंजाब को बढ़ावा देने की एक बड़ी पहल बताते हुए, आप पंजाब यूथ विंग के प्रधान और विधायक मनजिंदर सिंह लालपुरा ने कहा, “मैराथन सुबह गुरुद्वारा श्री अंब साहिब से शुरू हुई और पंजाब के अलग-अलग हिस्सों से हज़ारों युवाओं, खिलाड़ियों, महिलाओं, सीनियर सिटिजन और लोगों ने जोश के साथ हिस्सा लिया। प्रतिभागियों को टी-शर्ट और पार्टिसिपेशन मेडल दिए गए, जबकि विजेताओं को ₹11,000 तक के कैश प्राइज़ दिए गए।”

इतनी बड़ी संख्या में आने के लिए प्रतिभागियों का धन्यवाद करते हुए, मनजिंदर सिंह लालपुरा ने कहा, “इस रिस्पॉन्स से पता चला है कि पंजाब के लोग एक हेल्दी, रंगीन और ड्रग-फ्री पंजाब देखना चाहते हैं। यह समारोह सिर्फ़ एक राजनीतिक समारोह नहीं था बल्कि पंजाब और उसके लोगों के लिए एक पहल थी।”

यूथ विंग की योजनाओं के बारे में बताते हुए मनजिंदर सिंह लालपुरा ने कहा, “यूथ विंग पंजाब के दूसरे हिस्सों जैसे अमृतसर, पटियाला, बठिंडा और लुधियाना में भी ऐसे मैराथन समारोहों का आयोजन करेगा, ताकि फिटनेस, स्पोर्ट्स और नशा मुक्त पंजाब का संदेश राज्य के कोने-कोने तक पहुंच सके। लोगों के लगातार सपोर्ट से पंजाब के लिए एक नई पॉजिटिव लहर बनेगी।”

यूथ विंग टीम और प्रबंधकों को बधाई देते हुए आप सांसद गुरमीत सिंह मीत हेयर ने कहा, “मैं यूथ विंग टीम, प्रधान मनजिंदर सिंह लालपुरा, वाइस प्रधान वीर दविंदर सिंह और ऑर्गनाइज़र को बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक को एक प्लेटफॉर्म पर लाने के लिए बधाई देता हूं। युवाओं को खेल के मैदानों से जोड़ना और फिटनेस को बढ़ावा देना ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई में सबसे ज़रूरी कदमों में से एक है।

आप सरकार के स्पोर्ट्स पर खास फोकस के बारे में बताते हुए, मीत हेयर ने कहा, “जब मैंने खेल विभाग का पद संभाला था, तब राज्य का स्पोर्ट्स बजट करीब ₹150 करोड़ था, जो आज बढ़कर करीब ₹1,800 करोड़ हो गया है। यह बड़ी बढ़ोतरी सरकार के इस प्रतिबद्धता को दिखाती है कि वह पंजाब के युवाओं को स्पोर्ट्स में हिस्सा लेने के ज़्यादा से ज़्यादा मौके देना चाहती है।”

प्रतिभागियों से फिटनेस को अपनी रोज़मर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा बनाने की अपील करते हुए, मीत हेयर ने कहा, “मैराथन को सिर्फ़ एक दिन की एक्टिविटी न समझें। चलना, दौड़ना और एक्सरसाइज़ को अपनी रोज़मर्रा की ज़िंदगी का रेगुलर हिस्सा बनाएं। एक मज़बूत पंजाब और एक हेल्दी इंडिया बनाने के लिए एक हेल्दी समाज बहुत ज़रूरी है।”

यूथ विंग और पूरी प्रशासनिक टीम को बधाई देते हुए, आप सांसद मालविंदर सिंह कंग ने कहा, “फिटनेस और फिजिकल एक्टिविटीज़ हर किसी की ज़िंदगी का ज़रूरी हिस्सा बननी चाहिए। मैं इस मैराथन में शामिल होने वाले हज़ारों हिस्सा लेने वालों की तारीफ़ करता हूँ।”

ऐसी पहलों की अहमियत पर ज़ोर देते हुए, मालविंदर सिंह ने कहा, “युवाओं को स्पोर्ट्स और हेल्दी लाइफस्टाइल की ओर लाने वाली पहल एक मज़बूत और ड्रग-फ्री पंजाब बनाने में खास तौर पर ज़रूरी हैं। मैं यूथ विंग की लीडरशिप, ऑर्गनाइज़र और प्रतिभागियों को उनके जोश के साथ हिस्सा लेने के लिए धन्यवाद देता हूँ।”

इस मुहिम को पूरे पंजाब में ले जाने का अपना वादा दोहराते हुए, आप नेताओं ने कहा, “स्पोर्ट्स, फिटनेस, हेल्दी लाइफस्टाइल और पंजाब को ड्रग-फ्री बनाने के आम इरादे को बढ़ावा देने के लिए पूरे पंजाब में ऐसे समारोह आयोजित किए जाएँगे।”

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Punjab : ’मुख्यमंत्री सेहत योजना’ ने 10 प्रमुख प्रक्रियाओं के तहत 2.44 लाख मरीज़ों को दिया कैशलेस उपचार, ₹316.50 करोड़ से अधिक ख़र्च

Chandigarh : गंभीर बीमारी केवल मरीज़ के स्वास्थ्य की परीक्षा नहीं लेती, बल्कि अक्सर पूरे परिवार की आर्थिक स्थिति को भी झकझोर देती है। भगवंत मान सरकार की मुख्यमंत्री सेहत योजना पंजाब में इस स्थिति को लगातार बदल रही है और महँगे चिकित्सा उपचार की लागत को परिवारों की चिंता से बाहर करने की दिशा में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

आंकड़े खुद पूरी कहानी बयाँ करते हैं। योजना के तहत सबसे अधिक उपयोग की जाने वाली प्रमुख 10 चिकित्सा प्रक्रियाओं में ही अब तक 2,44,468 कैशलेस उपचार उपलब्ध करवाए जा चुके हैं, जिन पर ₹316.50 करोड़ से अधिक का ख़र्च किया गया है। सप्ताह में कई बार डायलिसिस की आवश्यकता वाले मरीज़ों से लेकर हृदय की सर्जरी, घुटना प्रत्यारोपण (नी रिप्लेसमेंट) या आपातकालीन सीज़ेरियन डिलीवरी करवाने वाली महिलाओं तक—योजना ऐसे उपचारों को कवर कर रही है, जिनका ख़र्च कई परिवारों के लिए वहन करना मुश्किल हो सकता था।

यह पैटर्न कोई संयोग नहीं है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, दुनियाभर में स्वास्थ्य प्रणालियाँ हृदय रोग, डायबिटीज़ और किडनी संबंधी विकारों जैसी दीर्घकालिक बीमारियों में तेज़ वृद्धि देख रही हैं। पंजाब भी इससे अलग नहीं है। योजना के तहत डायलिसिस, हृदय उपचार और जोड़ प्रत्यारोपण (जॉइंट रिप्लेसमेंट)की बढ़ती माँग ऐसे स्वास्थ्य तंत्र को दर्शाती है, जो ऐसी बीमारियों की बढ़ती चुनौती का सामना कर रहा है, जो एक बार अस्पताल जाने से समाप्त नहीं होतीं; बल्कि इनके लिए निरंतर, विशेषज्ञ और अक्सर महँगे उपचार की आवश्यकता होती है।

राज्य स्वास्थ्य एजेंसी (SHA), पंजाब, के आंकड़ों के अनुसार, क्रॉनिक हीमोडायलिसिस, योजना के तहत सबसे अधिक ली जाने वाली प्रक्रिया बनी हुई है। कुल 1,87,656 डायलिसिस सत्र, जिनकी लागत ₹30.65 करोड़ से अधिक है, उपलब्ध करवाए जा चुके हैं, जिससे यह सुनिश्चित किया गया है कि क्रॉनिक किडनी रोग से जूझ रहे मरीज़ हर बार अस्पताल जाने के लिए पैसे जुटाने की लगातार चिंता किए बिना अपना उपचार जारी रख सकें।

योजना के तहत 17,698 लैप्रोस्कोपिक गॉल ब्लैडर सर्जरी भी की गई हैं, जो दूसरी सबसे अधिक करवाई जाने वाली प्रक्रिया है। इसके बाद 10,751 टोटल नी रिप्लेसमेंट सर्जरी हुई हैं, जिससे हज़ारों बुज़ुर्ग मरीज़ों को दोबारा चलने-फिरने और आत्मनिर्भरता हासिल करने में मदद मिली है। इसके अलावा, 9,317 महिलाओं को कैशलेस सीज़ेरियन डिलीवरी की सुविधा मिली, जिससे परिवारों पर उस महत्त्वपूर्ण समय में पड़ने वाला आर्थिक दबाव कम हुआ, जब उन्हें सबसे अधिक सुरक्षा और सहायता की आवश्यकता होती है।

हृदय उपचार भी योजना का एक महत्त्वपूर्ण स्तंभ बनकर उभरा है। कुल 8,734 मरीज़ों की पर्क्यूटेनियस ट्रांसल्यूमिनल कोरोनरी एंजियोप्लास्टी (PTCA) के साथ डायग्नोस्टिक एंजियोग्राफी की गई, जबकि 554 मरीज़ों की कोरोनरी आर्टरी बाईपास ग्राफ्टिंग (CABG) की गई, जिससे यह सुनिश्चित करने में मदद मिली कि लागत के कारण जीवनरक्षक हृदय उपचार में देरी न हो।

योजना के तहत किडनी स्टोन के उपचार के लिए 5,770 पर्क्यूटेनियस नेफ्रोलिथोटॉमी (PCNL) प्रक्रियाएँ, 2,247 लोअर यूरेटर सर्जरी, 911 सीमेंटलेस टोटल हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी और 830 रेडिकल सर्जिकल प्रक्रियाएँ भी कवर की गई हैं। यह विभिन्न चिकित्सा विशेषज्ञताओं में उन्नत और महँगे उपचार उपलब्ध करवाने की योजना की क्षमता को दर्शाता है।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा, “किसी भी स्वास्थ्य कार्यक्रम की वास्तविक सफलता का पैमाना कागज़ों पर दर्ज लाभार्थियों की संख्या नहीं, बल्कि उन परिवारों की संख्या है, जिन्हें आर्थिक संकट में पड़े बिना समय पर इलाज मिलता है। किसी स्वास्थ्य योजना की सफलता इसके द्वारा बदली गई ज़िंदगियों में दिखाई देती है।ये आंकड़े उन हज़ारों परिवारों का प्रतिनिधित्व करते हैं, जिन्हें अस्पताल के बिलों की चिंता किए बिना गुणवत्तापूर्ण उपचार मिला। चाहे आजीवन डायलिसिस की आवश्यकता वाला मरीज़ हो, नी रिप्लेसमेंट करवाने वाला बुज़ुर्ग व्यक्ति हो , सुरक्षित सीज़ेरियन डिलीवरी की आवश्यकता वाली महिला हो या आपातकालीन हृदय उपचार की ज़रूरत वाला मरीज़ हो —मुख्यमंत्री सेहत योजना यह सुनिश्चित कर रही है कि आर्थिक बाधाएँ स्वास्थ्य सेवा हासिल करने में कभी रुकावट न बनें।”

उन्होंने कहा कि योजना के तहत कवर की जाने वाली विभिन्न चिकित्सा प्रक्रियाएँ पंजाब में ऐसी स्वास्थ्य व्यवस्था विकसित करने के प्रयासों को दर्शाती हैं जो केवल सामान्य उपचार तक सीमित नहीं है बल्कि गंभीर और जटिल बीमारियों के महँगे इलाज में भी मरीज़ों को सहायता प्रदान करने में सक्षम है।

आंकड़ों से परे, यह डेटा एक बड़े बदलाव की ओर भी संकेत करता है। अधिक लोग आर्थिक रूप से सुलभ उपचार के कारण दीर्घकालिक बीमारियों से उबर रहे हैं। अधिक बुज़ुर्ग मरीज़ दोबारा चलने-फिरने में सक्षम हो रहे हैं। अधिक महिलाओं को अस्पतालों में मातृ स्वास्थ्य सेवाएँ मिल रही हैं और अधिक परिवार अस्पताल के बिलों के लिए पैसे जुटाने के बजाय मरीज़ के स्वस्थ होने पर ध्यान केंद्रित कर पा रहे हैं।

योजना के विस्तार के साथ यह पंजाब के सबसे मज़बूत सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों में से एक के रूप में उभर रही है, जो केवल स्वास्थ्य उपचार के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध नहीं करवाती, बल्कि गंभीर बीमारी के कारण परिवारों पर पड़ने वाले आर्थिक झटके से भी उन्हें बचाने का काम कर रही है।

 Noida Schools: अपार आईडी में पिछड़े 265 स्कूल, बीएसए ने स्टाफ को किया तलब, एक लाख से ज्यादा छात्रों की आईडी लंबित

 Noida Schools: अपार आईडी में पिछड़े 265 स्कूल, बीएसए ने स्टाफ को किया तलब, एक लाख से ज्यादा छात्रों की आईडी लंबित

नोएडा। जिले में छात्रों की अपार आईडी बनाने की धीमी रफ्तार ने शिक्षा विभाग की चिंता बढ़ा दी है। जनपद में अब तक एक लाख से अधिक छात्रों की अपार आईडी नहीं बन सकी है। इसके कारण प्रदेश स्तर पर जिले की रैंकिंग भी प्रभावित हुई है। अब शिक्षा विभाग ने लापरवाही बरतने वाले स्कूलों के खिलाफ सख्ती शुरू कर दी है।

अपार आईडी बनाने के काम में पिछड़ रहे 265 विद्यालयों के स्टाफ को सोमवार को बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में तलब किया गया है। इन विद्यालयों के शिक्षक और कर्मचारियों को कार्यालय में बैठकर छात्रों की लंबित अपार आईडी बनाने का काम पूरा करना होगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित प्रक्रिया में शामिल नहीं होने वाले विद्यालयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

विभाग के अनुसार, एक लाख से अधिक छात्रों की अपार आईडी अभी तक नहीं बन पाई है। लगातार समीक्षा और निर्देशों के बावजूद बड़ी संख्या में विद्यालय इस कार्य को पूरा करने में अपेक्षित गति नहीं दिखा रहे हैं। इसी को देखते हुए 265 विद्यालयों के स्टाफ को सीधे बीएसए कार्यालय बुलाया गया है।

लापरवाही पर यूडाइस कोड बंद करने की तैयारी

शिक्षा विभाग ने तय समय सीमा के भीतर अपार आईडी का काम पूरा नहीं करने वाले विद्यालयों पर कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। विभाग की ओर से ऐसे विद्यालयों का यूडाइस कोड बंद करने की प्रक्रिया शुरू करने की जानकारी दी गई है। इससे स्कूल प्रबंधन पर समय रहते छात्रों की आईडी तैयार करने का दबाव बढ़ गया है।

बीएसए राहुल पंवार ने बताया कि अपार आईडी छात्रों की शैक्षिक पहचान से जुड़ी महत्वपूर्ण व्यवस्था है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों की शैक्षिक उपलब्धियों और रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि लगातार समीक्षा के बावजूद बड़ी संख्या में स्कूलों में आईडी बनाने का काम लंबित है।

बीएसए कार्यालय की ओर से सोमवार को 265 विद्यालयों के स्टाफ को बुलाया गया है। सभी संबंधित शिक्षक और कर्मचारी कार्यालय में बैठकर छात्रों की अपार आईडी बनाने का काम पूरा करेंगे। विभाग ने साफ किया है कि इस प्रक्रिया में शामिल नहीं होने वाले विद्यालयों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

Noida Expressway Accident: नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार वाहन ने बाइक सवार को मारी टक्कर, मौत

Noida Expressway Accident: नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार वाहन ने बाइक सवार को मारी टक्कर, मौत

नोएडा। नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार वाहन की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौत हो गई। हादसे के बाद आरोपी चालक वाहन लेकर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मृतक के भाई की शिकायत पर अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस एक्सप्रेसवे पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के जरिए आरोपी वाहन और चालक की पहचान करने का प्रयास कर रही है।

पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान शाहनवाज के रूप में हुई है। वह मूलरूप से मुजफ्फरनगर के भोझहेरी गांव के रहने वाले थे। शाहनवाज अपनी बाइक से ड्यूटी के सिलसिले में सेक्टर-94 स्थित महामाया फ्लाईओवर के पास जा रहे थे। तीन अगस्त की रात करीब 11 बजे वह नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर सेक्टर-134 और सेक्टर-135 के बीच पहुंचे थे।

इसी दौरान पीछे से आए किसी तेज रफ्तार वाहन ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगने के बाद शाहनवाज बाइक से सड़क पर गिर गए। हादसे में उनके सिर, कंधे और पैरों में गंभीर चोटें आईं। दुर्घटना के बाद आरोपी चालक वाहन समेत मौके से फरार हो गया।

राहगीरों ने हादसे की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और गंभीर रूप से घायल शाहनवाज को अस्पताल पहुंचाया। वहां उनका उपचार किया गया, लेकिन चार अगस्त की दोपहर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पुलिस ने परिजनों को घटना की जानकारी दी।

मृतक के भाई की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ तेज और लापरवाही से वाहन चलाने, दुर्घटना करने और हादसे के बाद मौके से फरार होने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस अब एक्सप्रेसवे पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि टक्कर मारने वाले वाहन की पहचान कर आरोपी चालक तक पहुंचा जा सके।

Narnaul Youth Marathon: मैराथन केवल दौड़ नहीं, स्वस्थ जीवन का संकल्प: नायब सिंह सैनी

Narnaul Youth Marathon: मैराथन केवल दौड़ नहीं, स्वस्थ जीवन का संकल्प: नायब सिंह सैनी

नशे को हराने और मुख्यमंत्री के संकल्प को जीताने नारनौल में उमड़ा जनसैलाब

विकसित भारत की सबसे सुंदर तस्वीर कैसी होगी… तो मैं कहूंगा-हाथ में तिरंगा, जीवन में खेल और मन में नशा मुक्त भारत का संकल्प – मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने स्वयं 5 किलोमीटर दौड़ लगाकर युवाओं का किया उत्साहवर्धन

रिपोर्ट : कोमल रमोला
चंडीगढ़ , 09 अगस्त – नारनौल के नूनी शेखपूरा मोड़ पर रविवार को तिरंगा हाथों में लिए यूथ मैराथन व तिरंगा यात्रा में शामिल हुए रिकार्ड जन सैलाब को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और नशा मुक्ति का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने स्वयं 5 किलोमीटर दौड़ में शामिल होकर युवाओं का हौसला बढाया। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव, सांसद धर्मबीर सिंह, नारनौल विधायक औमप्रकाश यादव, महेन्द्रगढ विधायक कंवर सिंह यादव, जिला अध्यक्ष यतेन्द्र राव, यूथ मैराथन की ब्रांड ऐंबेस्डर व कॉमन वैल्थ गोल्ड मैडल विजेता शर्मिला धनखड़, पंकज नैन आईपीएस, उपायुक्त अनुपमा अंजली भी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि जब किसी प्रदेश के युवा सुबह-सुबह तिरंगा हाथ में लेकर दौड़ने निकल पड़ते हैं, तब समझ लीजिए कि वह प्रदेश केवल विकास की नहीं, बल्कि जागरूकता, राष्ट्रभक्ति और उज्ज्वल भविष्य की दौड़ भी जीतने वाला है। अगर कोई मुझसे पूछे कि विकसित भारत की सबसे सुंदर तस्वीर कैसी होगी… तो मैं कहूँगा-हाथ में तिरंगा, जीवन में खेल और मन में नशा मुक्त भारत का संकल्प। उन्होंने कहा कि यह मैराथन केवल कुछ किलोमीटर की दौड़ नहीं है। यह स्वस्थ जीवन का संकल्प है। यह नशे के अंधकार से उजाले की ओर बढ़ने का संकल्प है। आज नारनौल की धरती से यह संदेश पूरे हरियाणा में जाना चाहिए कि नशा जीवन को समाप्त करता है, जबकि खेल जीवन को संवारता है। 26 जुलाई को यमुनानगर से जो जन-जागरण की यह मशाल जली थी, आज नारनौल की धरती पर वह और अधिक प्रज्वलित दिखाई दे रही है। युवाओं का यह उत्साह बताता है कि हरियाणा नशे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ने के लिए तैयार है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का यह आयोजन हर घर तिरंगा अभियान का भी साक्षी है। वर्ष 2022 में आजादी के अमृत महोत्सव के दौरान शुरू हुआ यह अभियान आज देश का जन आंदोलन बन चुका है। इस वर्ष यह अभियान वंदे मातरम के 150 गौरवशाली वर्षों को समर्पित है। वंदे मातरम केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत की आत्मा की आवाज़ है, जिसने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान करोड़ों देशवासियों में राष्ट्रभक्ति की नई चेतना जगाई। आज हमारी जिम्मेदारी है कि हम नई पीढ़ी को उन बलिदानों से परिचित कराएँ, जिनकी बदौलत हमें यह आज़ादी मिली है। हमने संकल्प लिया है कि हर घर तिरंगा अभियान को हरियाणा के गाँव-गाँव और घर-घर तक पहुँचाया जाएगा। सरकारी विभाग, शिक्षण संस्थान, सामाजिक संगठन और नागरिक समाज मिलकर इसे जनआंदोलन बनाएँगे। तिरंगा यात्राएँ, साइकिल यात्राएँ और अन्य कार्यक्रम स्वतंत्रता सेनानियों तथा शहीदों की स्मृति से जुड़े स्थलों पर आयोजित किए जाएँगे, ताकि युवा केवल तिरंगा हाथ में न लें, बल्कि उसके पीछे के बलिदान को भी समझें। मुझे विश्वास है कि हमारी माताएँ-बहनें, स्वयं सहायता समूह, युवा, किसान, खिलाड़ी और विद्यार्थी इस अभियान को जन-जन तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे। तिरंगे के प्रति उत्साह के साथ उसकी मर्यादा का पालन करना भी हमारा राष्ट्रीय कर्तव्य है। अभियान के बाद तिरंगे को सम्मानपूर्वक उतारकर सुरक्षित रखें। तिरंगे का सम्मान केवल नियमों का पालन नहीं है। यह उन वीर शहीदों के प्रति हमारी श्रद्धांजलि है, जिन्होंने इसकी आन-बान-शान के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। तिरंगा हमें कर्तव्य सिखाता है। खेल हमें अनुशासन सिखाते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देशभर के एक करोड़ से अधिक युवाओं को संबोधित करते हुए नशा मुक्त युवा विकसित भारत संकल्प अभियान का शुभारंभ किया है। उन्होंने कहा कि आज का युवा भारत की अमृत पीढ़ी है, जिस पर 2047 तक देश को विकसित बनाने का दायित्व है और इसके लिए नशे से पूर्णत: दूर रहना अनिवार्य है। प्रधानमंत्री जी ने बहुत सही कहा है कि नशा कुछ पल का हाई जरूर देता है, पर पूरे जीवन को लो कर देता है। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए हमने ‘हरियाणा उदय’ के माध्यम से नशा मुक्त हरियाणा के संदेश को जन-जन तक पहुँचाया है। मैराथन, साइक्लोथॉन, राहगीरी और अनेक जन-जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लाखों युवाओं और नागरिकों को इस जनआंदोलन से जोड़ा गया है। अब तक 2,483 कार्यक्रमों का आयोजन किया जा चुका है, जिनमें 17 लाख से अधिक लोगों ने सक्रिय भागीदारी की है। प्रदेश में 160 नशा मुक्ति केंद्र स्थापित किए गए हैं। सरकारी मेडिकल कॉलेजों और सिविल अस्पतालों में भी उपचार की व्यवस्था की गई है। अब तक 7,523 लोगों की पहचान कर उनका इलाज कराया जा चुका है, ताकि वे सम्मान के साथ सामान्य जीवन में लौट सकें। नशा तस्करों के विरुद्ध विशेष टास्क फोर्स, एंटी नारकोटिक्स सेल और हरियाणा स्टेट नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के माध्यम से लगातार कार्रवाई की जा रही है।

उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ यह लड़ाई केवल सरकार नहीं जीत सकती। इसमें परिवार, विद्यालय, पंचायत, खेल संस्थाएँ और समाज के प्रत्येक जागरूक नागरिक की भागीदारी जरूरी है। यदि समय रहते हम किसी भटके हुए युवा का हाथ पकड़ लें, तो हम केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक पूरा परिवार बचा सकते हैं। मैराथन हमें सिखाती है कि लक्ष्य मिलने तक रुकना नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज नारनौल की इस धरती से हम पाँच संकल्प लें कि नशे से दूर रहेंगे, दूसरों को भी बचाएंगे, प्रतिदिन खेल या योग करेंगे, तिरंगे की मर्यादा का पालन करेंगे और राष्ट्र निर्माण के हर अभियान में सक्रिय भागीदार बनेंगे।

Gau Seva: समाना की पावन धरा पर आयोजित गौ कथा और गौ माता की सेवा का यह कार्यक्रम भारत की महान आध्यात्मिक एवं सनातन परंपरा का है भव्य साक्षी- मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

Gau Seva: समाना की पावन धरा पर आयोजित गौ कथा और गौ माता की सेवा का यह कार्यक्रम भारत की महान आध्यात्मिक एवं सनातन परंपरा का है भव्य साक्षी- मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

गौ सेवा, खेल और पारदर्शी सुशासन हरियाणा की है पहचान; नशे के खिलाफ सरकार का कड़ा प्रहार है जारी- मुख्यमंत्री

हिंद की चादर श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस को समर्पित गौ कथा समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री

रिपोर्ट :कोमल रमोला

चंडीगढ़ , 9 अगस्त- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि पंजाब के जिला पटियाला स्थित समाना की पावन धरा पर आयोजित गौ कथा और गौ माता की सेवा का यह पवित्र कार्यक्रम भारत की महान आध्यात्मिक एवं सनातन परंपरा का भव्य साक्षी है। हिंद की चादर, श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस को समर्पित यह समारोह हमारी आस्था, सेवा-परंपरा और साझी सांस्कृतिक विरासत का एक अद्भुत और अप्रतिम संगम है। इस मौके पर मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी का गौ सेवा समिति, एडवोकेट एसोसिएशन व अन्य कई सामाजिक संगठनों ने स्मृति चिन्ह व शाल भेंट कर स्वागत भी किया।

गौ संरक्षण और संवर्धन के लिए ऐतिहासिक कदम

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि वर्ष 2014 से पहले हरियाणा में केवल 200 गौशालाएं थीं और उनका वार्षिक बजट मात्र 2 करोड़ रुपये था। वर्तमान सरकार की प्राथमिकताओं के फलस्वरूप आज प्रदेश में गौशालाओं की संख्या बढ़कर 650 हो चुकी है, जबकि इनका बजट बढ़ाकर रिकॉर्ड 600 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इन गौशालाओं में वर्तमान में 4 लाख से अधिक बेसहारा गोवंश का पूरी श्रद्धा और सम्मान के साथ पालन-पोषण किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि गोवंश को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए प्रदेश की 350 गौशालाओं में विशाल शेड और सौर ऊर्जा (सोलर) प्लांट स्थापित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, गौ संवर्धन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नई गौशालाओं की स्थापना हेतु जमीन की रजिस्ट्री पर ली जाने वाली 1 प्रतिशत स्टाम्प ड्यूटी को पूर्णतः समाप्त कर दिया गया है।

खेल संस्कृति, युवा शक्ति और नशा मुक्ति अभियान

मुख्यमंत्री ने युवाओं के उज्ज्वल भविष्य पर बल देते हुए कहा कि हरियाणा सरकार ने युवाओं को नशे की सामाजिक बुराई से बचाने के लिए एक व्यापक और बड़ा अभियान चला रखा है। नशे के सौदागरों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा रही है। पंजाब सरकार की अनदेखी के कारण यहां का युवा नशे की गिरफ्त में फंसता जा रहा है, वहीं हरियाणा में युवाओं को मैदानों से जोड़ने के लिए 2000 खेल नर्सरियां स्थापित की गई हैं, जहां प्रतिदिन लगभग 40 लाख युवा अभ्यास करते हैं।

इसी खेल नीति का परिणाम है कि हाल ही में कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत द्वारा जीते गए कुल 39 मेडल (13 गोल्ड) में से अकेले हरियाणा के खिलाड़ियों ने 7 गोल्ड मेडल हासिल किए। गर्व की बात यह है कि इन 7 स्वर्ण पदकों में से 5 मेडल हरियाणा की बेटियों ने अपने नाम कर देश और प्रदेश का नाम विश्व पटल पर रोशन किया।

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश में है विकास और पारदर्शी सुशासन

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने अभूतपूर्व प्रगति की है। सड़क और रेल कनेक्टिविटी में क्रांतिकारी बदलाव आए हैं तथा रिकॉर्ड संख्या में नए मेडिकल कॉलेज, यूनिवर्सिटी, आईआईटी और आईआईएम खोले गए हैं।

हरियाणा का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि राज्य के 22 में से 17 जिलों में मेडिकल कॉलेज शुरू हो चुके हैं। वर्ष 2014 से पूर्व हरियाणा को प्रतिवर्ष केवल 500 डॉक्टर मिलते थे, जिनकी संख्या अब बढ़कर 3000 प्रतिवर्ष हो गई है। इसके साथ ही, हरियाणा में युवाओं को बिना किसी खर्ची-पर्ची के पूर्ण पारदर्शिता से सरकारी नौकरियां दी जा रही हैं, जबकि पड़ोसी राज्य पंजाब में युवाओं के साथ नौकरियों के वितरण में लगातार भेदभाव किया जा रहा है।

इस अवसर पर स्वामी राजेश्वरानंद महाराज, हरमेश गोयल, नीरज जिंदल, राजेश जिंदल, एडवोकेट बलबीर सिंह, जितेंद्र, जसपाल सहित अनेक संस्थागत प्रतिनिधि, धार्मिक गुरु और गणमान्य नागरिक विशेष रूप से उपस्थित रहे।

Haryana Education: सरकार विश्वस्तरीय शिक्षा देने की दिशा में बढ़ रही आगे- मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

Haryana Education: सरकार विश्वस्तरीय शिक्षा देने की दिशा में बढ़ रही आगे- मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

रिपोर्ट : कोमल रमोला

चंडीगढ़ , 9 अगस्त – हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि वर्तमान समय की मांग अनुसार विज्ञान, कम्प्यूटर और रोबोटिक्स की आधुनिक प्रयोगशालाएं विद्यार्थियों के लिए प्रयोग, अनुसंधान और नवाचार के नए द्वार खोलेंगी। इसके साथ ही तकनीक से युक्त कक्षाएं सीखने की प्रक्रिया को युवाओं के लिए रुचिकर बनाएंगी।

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी रविवार को हिसार में ओ.पी. जिंदल मॉडर्न स्कूल में नई शिक्षा सुविधाओं के उद्घाटन समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने स्कूल परिसर में ‘उत्कर्ष’ प्रशासनिक ब्लॉक, ‘उदय’ एसईएन विंग, ‘उद्गम’ स्विमिंग पूल तथा ‘उत्सव’ ऑडिटोरियम का उद्घाटन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह समारोह पूर्व मंत्री, महान उद्योगपति, समाजसेवी और राष्ट्र निर्माता स्वर्गीय श्री ओ.पी. जिंदल की 96वीं जयंती के कार्यक्रमों की श्रृंखला की कड़ी में आयोजित किया जा रहा है। उस महान विभूति को श्रद्धापूर्वक नमन एवं वंदन करता हूं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस स्कूल में उपलब्ध आधुनिक सुविधाएं नई पीढ़ी को वर्तमान युग की जरूरतों के अनुसार तैयार करने में उपयोगी साबित होंगी। इस नई शुरुआत के लिए विद्यालय की प्रबंधन समिति और शिक्षक बधाई के पात्र हैं। वर्ष 1997 में शिक्षा के प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले स्कूल का नाम ही ओ.पी. जिंदल मॉडर्न वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय रखा गया है। इसमें मॉडर्न ढंग, तकनीक और मॉडर्न सोच के साथ, मॉडर्न नागरिक तैयार किये जाते हैं। इसलिए श्री ओपी जिंदल के सपनों को आगे बढ़ाने का संकल्प लें, यही उनके प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस विद्यालय में स्थापित इनोवेशन हब विशेष रूप से सराहनीय पहल है। प्रत्येक बच्चे के भीतर कोई अनोखी क्षमता, कल्पना और विचार छिपा होता है। उसे ऐसे वातावरण की आवश्यकता होती है, जहां वह अपने विचार व्यक्त कर सके, उन्हें मॉडल और प्रोजेक्ट में बदल सके तथा साथियों और शिक्षकों के साथ समस्याओं का समाधान खोज सके। यह केंद्र विद्यार्थियों की सोच, टीमवर्क, नेतृत्व और समस्या के समाधान जैसी योग्यताओं को सशक्त करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे शिक्षण संस्थान नई पीढ़ी को 21वीं शताब्दी की जरूरतों के अनुसार तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। साथ ही, नई शिक्षा नीति को व्यावहारिक रूप से लागू करने व विकसित भारत-विकसित हरियाणा के निर्माण में भी इनका बड़ा योगदान होगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की सोच अनुसार नई शिक्षा नीति में युवाओं को ऐसी शिक्षा मिलेगी, जो उन्हें चरित्रवान, रोजगारपरक और कौशल युक्त बनाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नए भारत के निर्माण के मूल मंत्र अनुसार सरकार कार्य कर ही है। उनके इसी विज़न को साकार करने के लिए युवाओं के उज्ज्वल भविष्य और कौशल विकास के लिए अनेक प्रयास किए हैं। यह प्रयास पूरे प्रदेश में ज़मीनी स्तर पर सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं। उन्होंने कहा कि जहां इनोवेशन हब खोले हैं वहीं से नया स्टार्ट अप भी जन्म लें और युवा पीढी का बेहतर भविष्य विकसित हो। सरकार का प्रयास है कि विद्यार्थी रोजगार लेने वाले नहीं, रोजगार देने वाले बनें।

हरियाणा में एआई मिशन की स्थापना नई पहल

श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में युवा आगे बढे। अब तक 10 हजार से अधिक युवाओं ने स्टार्टअप अपनाकर लाभ उठाया है। सरकार ने हरियाणा एआई मिशन की स्थापना कर एक और नई पहल की है। इस एआई मिशन के माध्यम से गुरुग्राम और पंचकूला में एआई हब स्थापित किए जाएंगे। सरकार प्रदेश में विश्वस्तरीय शिक्षा देने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। इसके लिए कुछ ठोस निर्णय लिए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूलों में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा दिया गया है, स्मार्ट क्लासरूम, टैबलेट वितरण और ई-लर्निंग को प्रोत्साहन दिया है। हर ब्लॉक में उत्कृष्ट मॉडल स्कूलों की स्थापना, बच्चों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कोडिंग और डिजिटल कौशल की शिक्षा, कौशल विकास कार्यक्रमों को विद्यालय स्तर से जोड़ना और उच्च शिक्षा में अनुसंधान एवं नवाचार को बढ़ावा दे रहे हैं। राज्य के सभी जिलों में अटल टिंकरिंग लैब्स स्थापित की हैं। 55 हजार से अधिक स्कूलों को वाई-फाई से जोड़ा गया है।

श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 10वीं से 12वीं के विद्यार्थियों को 5 लाख टैबलेट, लगभग 40 हजार कक्षाओं में डिजिटल बोर्ड तथा 1 हजार 201 आई.सी.टी. लैब स्थापित की हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में प्रदेश में 13 राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय थे, जो अब बढ़कर 218 हो गए हैं। सरकार ने पिछले साढे 11 वर्षों में प्रदेश में 1 हजार 420 प्राथमिक राजकीय मॉडल संस्कृति विद्यालय खोले हैं।

मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय खोलने पर बल

मुख्यमंत्री ने कहा कि हर 10 किलोमीटर के दायरे में एक मॉडल संस्कृति विद्यालय खोलने की घोषणा के अनुपालन में अब तक 25 राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय खोले जा चुके हैं। सरकार द्वारा हरियाणा के लिए कुल 250 पी.एम. श्री विद्यालय शुरू किए जा चुके हैं। उच्चतर शिक्षा की आत्मा अनुसंधान एवं शोध कार्य में बसती है। इसलिए चालू वित्त वर्ष में 20 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है।

श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा के सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थी केवल प्रदेश ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का परिचय दे रहे हैं। सुपर-100 कार्यक्रम ने सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले सैकड़ों विद्यार्थियों को देश के प्रतिष्ठित संस्थान आईआईटी, आईआईएम, एनआईटी और अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रवेश दिलवाया है। इसकी सफलता को देखते हुए इस वर्ष सुपर 100 की सीटें 400 से बढ़ाकर 500 कर दी गई है। इसके अलावा बुनियाद कार्यक्रम का भी विस्तार किया है, ताकि ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन प्राप्त हो सके।

Himachal Pradesh Health: हिमाचल में स्वास्थ्य सुविधाओं को मिलेगा विस्तार, आईजीएमसी शिमला को स्पैक्ट, सेल सेपरेटर और 256-स्लाइस सीटी स्कैन मशीन

Himachal Pradesh Health: हिमाचल में स्वास्थ्य सुविधाओं को मिलेगा विस्तार, आईजीएमसी शिमला को स्पैक्ट, सेल सेपरेटर और 256-स्लाइस सीटी स्कैन मशीन

शिमला, 9 अगस्त: हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य क्षेत्र की अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने 83.85 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की है। इसके तहत आईजीएमसी शिमला समेत प्रदेश के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में अत्याधुनिक स्वास्थ्य उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे और नई सुविधाओं के लिए भवनों का निर्माण कराया जाएगा। सरकार का उद्देश्य प्रदेश के लोगों को राज्य में ही बेहतर और आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

आईजीएमसी शिमला में बोन मैरो ट्रांसप्लांटेशन से जुड़ी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए स्पैक्ट मशीन और सेल सेपरेटर मशीन की खरीद के लिए 8 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। स्पैक्ट यानी सिंगल फोटॉन एमिशन कंप्यूटिड टोमोग्राफी एक आधुनिक नैदानिक तकनीक है, जिसके माध्यम से अंगों और ऊतकों की कार्यप्रणाली का आकलन करने के लिए थ्री-डी तस्वीरें तैयार की जाती हैं। इससे हृदय, मस्तिष्क, हड्डियों, फेफड़ों और गुर्दों से संबंधित बीमारियों की पहचान और मूल्यांकन में चिकित्सकों को मदद मिलेगी।

सेल सेपरेटर मशीन की मदद से डोनर या मरीज से पेरिफेरल ब्लड स्टेम सेल एकत्र किए जा सकेंगे। इसके बाद इन स्टेम सेल को प्रोसेस, काउंट और ट्रांसप्लांटेशन के लिए तैयार करने के साथ सुरक्षित रूप से स्टोर किया जा सकेगा। इससे बोन मैरो ट्रांसप्लांट से जुड़ी चिकित्सा सुविधाओं को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

आईजीएमसी में छह अल्ट्रासाउंड और 256-स्लाइस सीटी स्कैन मशीन

आईजीएमसी शिमला में छह अत्याधुनिक अल्ट्रासाउंड मशीनों की खरीद और सीटीएल कंडाघाट के उन्नयन के लिए 14 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इसके अलावा एनालॉग और डिजिटल सिस्टम से लैस दो एक्स-रे मशीनों की खरीद के लिए 3.50 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। संस्थान में 256-स्लाइस सीटी स्कैन मशीन की खरीद के लिए भी 12 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इन सुविधाओं से मरीजों की जांच क्षमता बढ़ेगी और चिकित्सा जांच की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।

टांडा में छह हाई-एंड अल्ट्रासाउंड मशीनें

डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय टांडा, कांगड़ा में छह हाई-एंड अल्ट्रासाउंड मशीनों की खरीद के लिए 6 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। वहीं, लाल बहादुर शास्त्री राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय नेरचौक, मंडी में पैट स्कैन भवन के निर्माण के लिए 2 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इन सुविधाओं के शुरू होने से प्रदेश में उन्नत जांच और उपचार सेवाओं की उपलब्धता बढ़ेगी।

ज्वालामुखी और जोगिंदर नगर के अस्पतालों के लिए भी धनराशि

स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी अन्य परियोजनाओं के लिए भी सरकार ने धनराशि जारी की है। कांगड़ा जिले के सिविल अस्पताल ज्वालामुखी के लिए 17.95 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं, जिसमें जल और विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था भी शामिल है। सिविल अस्पताल जोगिंदर नगर में डॉक्टरों और स्टाफ नर्सों के आवास निर्माण के लिए 4.90 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

चिकित्सा महाविद्यालय जोलसप्पड़, हमीरपुर में पार्किंग सुविधा के लिए 12 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इसके अलावा यहां पुलिस स्टेशन के निर्माण के लिए 3.50 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। इस भवन में एसडीएएमओ कार्यालय की सुविधा भी होगी। बिलासपुर जिले के घुमारवीं में अस्पताल सुविधाओं के प्रावधान के लिए भी मंजूरी प्रदान की गई है।

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के लोगों को अपने राज्य में ही गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। सरकार का लक्ष्य मरीजों को बेहतर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें इलाज के लिए दूसरे राज्यों का रुख न करना पड़े। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को उनके घरों के नजदीक आधुनिक, किफायती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य अधोसंरचना को लगातार मजबूत किया जा रहा है।

AIIMS Delhi: सेना के हेलीकॉप्टर से पहुंचीं दो किडनियां, 56 वर्षीय महिला को मिली नई जिंदगी

AIIMS Delhi: सेना के हेलीकॉप्टर से पहुंचीं दो किडनियां, 56 वर्षीय महिला को मिली नई जिंदगी

नई दिल्ली, 9 अगस्त। सेना के हेलीकॉप्टर से समय पर दिल्ली पहुंचाई गईं 70 वर्षीय ब्रेन डेड महिला की दोनों किडनियों का एम्स में 56 वर्षीय महिला के शरीर में सफल प्रत्यारोपण किया गया। गंभीर किडनी रोग से जूझ रही महिला के लिए यह ट्रांसप्लांट बेहद महत्वपूर्ण रहा। खास बात यह रही कि दोनों किडनियों ने प्रत्यारोपण के तुरंत बाद काम करना शुरू कर दिया और करीब 10 दिन बाद मरीज को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

70 वर्षीय महिला डोनर चंडीगढ़ कमांड अस्पताल में ब्रेन डेड घोषित की गई थीं। उनकी दोनों किडनियों को सेना के हेलीकॉप्टर की मदद से समय पर एम्स दिल्ली पहुंचाया गया। इसके बाद एम्स के डॉक्टरों ने 56 वर्षीय महिला में दोनों किडनियों का प्रत्यारोपण किया।

डॉक्टरों के अनुसार, दोनों किडनियों को करीब 12 घंटे के कोल्ड इस्कीमिया टाइम के बाद मरीज में प्रत्यारोपित किया गया। इतने लंबे समय तक अंगों को सुरक्षित रखने के बावजूद ट्रांसप्लांट के तुरंत बाद दोनों किडनियों ने काम करना शुरू कर दिया। मरीज की हालत स्थिर रही और दोनों किडनियां सामान्य रूप से काम करती रहीं।

दोनों किडनियों को मरीज के शरीर के दाहिने हिस्से में प्रत्यारोपित किया गया। इस जटिल ट्रांसप्लांट प्रक्रिया को एम्स के सर्जरी, नेफ्रोलॉजी, एनेस्थीसिया, ट्रांसप्लांट इम्यूनोलॉजी और ओआरबीओ की टीमों ने मिलकर पूरा किया। आर्मी रिसर्च एंड रेफरल अस्पताल ने भी इस प्रक्रिया में सहयोग किया।

सर्जिकल टीम का नेतृत्व प्रो. असुरि कृष्णा ने किया। नेफ्रोलॉजी टीम में प्रो. दीपांकर भौमिक, प्रो. संदीप महाजन और डॉ. सचिन शामिल रहे। एनेस्थीसिया टीम का नेतृत्व प्रो. विमी रेवाड़ी ने किया।

प्रो. असुरि कृष्णा के अनुसार, अधिक उम्र वाले डोनर से मिले अंगों के इस्तेमाल में कुछ चुनौतियां होती हैं। ऐसे मामलों में दोनों किडनियों को एक ही मरीज में प्रत्यारोपित करने से दोनों अंगों की संयुक्त क्षमता का बेहतर इस्तेमाल किया जा सकता है। इस मामले की सफलता से उम्रदराज डोनर के अंगों के उपयोग की संभावनाएं बढ़ सकती हैं और गंभीर किडनी रोगियों के लिए ट्रांसप्लांट के नए अवसर खुल सकते हैं।

उन्होंने बताया कि एम्स में उम्रदराज डोनर से मिली दोनों किडनियों को एक ही मरीज में प्रत्यारोपित करने का यह दूसरा मामला है।

मार्जिनल डोनर और कोल्ड इस्कीमिया टाइम क्या है

ऐसे अंगदाता जिनकी उम्र अधिक हो या जिनकी किडनी सामान्य डोनर की तुलना में कुछ कमजोर मानी जाती हो, उन्हें मार्जिनल डोनर कहा जाता है। वहीं, डोनर के शरीर से किडनी निकालने के बाद उसे ठंडे तापमान में सुरक्षित रखने से लेकर मरीज के शरीर में प्रत्यारोपित किए जाने तक की अवधि को कोल्ड इस्कीमिया टाइम कहा जाता है।

 

 

Navy Exercise: भारत-अमेरिका नौसेना का ईओडी अभ्यास 10 अगस्त से कोच्चि में, पांच दिन चलेगा प्रशिक्षण

Navy Exercise: भारत-अमेरिका नौसेना का ईओडी अभ्यास 10 अगस्त से कोच्चि में, पांच दिन चलेगा प्रशिक्षण

नई दिल्ली, 9 अगस्त। भारतीय नौसेना और अमेरिकी नौसेना के विशेषज्ञों का ‘विस्फोटक सामग्री निपटान अभ्यास-2026’ का आठवां संस्करण 10 से 14 अगस्त तक कोच्चि स्थित दक्षिणी नौसेना कमान में आयोजित किया जाएगा। पांच दिवसीय इस द्विपक्षीय अभ्यास का उद्देश्य दोनों देशों की विशेषज्ञ डाइविंग और विस्फोटक सामग्री निपटान यानी ईओडी टीमों के बीच परिचालन तालमेल, पेशेवर सहयोग और संयुक्त क्षमता को मजबूत करना है।

अभ्यास के दौरान दोनों देशों के विशेषज्ञों के बीच विषय-विशेषज्ञ आदान-प्रदान, क्रॉस-ट्रेनिंग, उपकरणों का प्रदर्शन और अलग-अलग परिस्थितियों पर आधारित व्यावहारिक अभ्यास आयोजित किए जाएंगे। इसके माध्यम से आधुनिक ईओडी तकनीकों, उभरती क्षमताओं और बेहतर कार्य प्रणालियों से जुड़ी जानकारी साझा की जाएगी।

भारतीय और अमेरिकी नौसेना के जवान एक-दूसरे की तकनीकी क्षमताओं, परिचालन प्रक्रियाओं और जटिल परिस्थितियों में कार्रवाई करने के तरीकों को समझेंगे। अभ्यास के दौरान प्राप्त अनुभव से बदलती ईओडी चुनौतियों से निपटने के लिए प्रतिक्रिया तंत्र और संयुक्त परिचालन क्षमता को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

भारत और अमेरिका वर्ष 2005 से संयुक्त बचाव और ईओडी अभ्यास आयोजित करते आ रहे हैं। इस श्रृंखला का आठवां संस्करण दोनों नौसेनाओं के बीच विशेषज्ञ समुद्री अभियानों में अनुभव, तकनीक और कार्यप्रणाली साझा करने की प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाएगा।

अभ्यास के दौरान दोनों देशों की विशेषज्ञ टीमें विस्फोटक सामग्री से जुड़ी विभिन्न चुनौतियों से निपटने के लिए अपनी तकनीकी और परिचालन क्षमताओं का प्रदर्शन करेंगी। इससे दोनों नौसेनाओं के बीच आपसी समझ और समन्वय को और मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।