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Haryana Politics: भगवंत मान को सपने में भी दिखाई देता है हरियाणा का मुख्यमंत्री- नायब सिंह सैनी

Haryana Politics: भगवंत मान को सपने में भी दिखाई देता है हरियाणा का मुख्यमंत्री- नायब सिंह सैनी

पंजाब की जनता से किए वादे पूरे करने के बजाय हरियाणा की चिंता कर रहे हैं मान – मुख्यमंत्री

रिपोर्ट: कोमल रमोला

चंडीगढ़ , 10 अगस्त – हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर तंज़ कसते हुए कहा कि पंजाब की जनता से किए वादे पूरे करने में नाकाम रहे पंजाब के मुख्यमंत्री अब हरियाणा की चिंता कर रहे हैं। अब तो भगवंत मान को सपने में भी हरियाणा का मुख्यमंत्री दिखाई देता है। पंजाब के मुख्यमंत्री को पहले पंजाब की जनता से किए गए वादों का हिसाब देना चाहिए और बताना चाहिए कि उनमें से कितने वादे पूरे किए गए हैं।

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी सोमवार को हरियाणा निवास चंडीगढ़ में पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने पंजाब में सत्ता में आने से पहले जनता से बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन आज पंजाब के लोग खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब चुनाव नजदीक आने पर जनता को फिर से गुमराह करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में कुछ ही महीने शेष हैं और पंजाब के मुख्यमंत्री द्वारा बड़े बड़े मंचों से अब पेंशन के एक-दो महीने के पैसे डालने की बातें की जा रही हैं। यदि महिलाओं को लाभ देना ही था तो पहले साल से ही क्यों नहीं दिया गया?

उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ने महिलाओं से किया अपना वादा पूरा करते हुए पहले ही बजट में महिलाओं को 2100 रुपये देने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि पंजाब में महिलाओं के साथ जो अन्याय हुआ है, उसकी भरपाई केवल चुनाव के समय कुछ घोषणाएं करके नहीं की जा सकती।

मुख्यमंत्री ने आम आदमी पार्टी के ‘कट्टर ईमानदार’ होने के दावे पर भी निशाना साधते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी खुद को कट्टर ईमानदार कहती थी, लेकिन आज पंजाब की हालत देखकर समझ नहीं आता कि आखिर यह कैसी ईमानदारी है। पहले कांग्रेस ने पंजाब की जनता का शोषण किया और अब आम आदमी पार्टी ने उससे भी आगे बढ़कर शोषण किया है।

पेपर लीक का दावा है तो पंजाब सरकार अपनी पुलिस से कार्रवाई क्यों नहीं करवाती?

पंजाब के मुख्यमंत्री द्वारा हरियाणा में कथित पेपर लीक गैंग को लेकर दिए गए बयान पर श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि यदि उन्हें लगता है कि भिवानी में कोई पेपर लीक गैंग चल रहा है, तो पंजाब सरकार अपनी पुलिस से कार्रवाई क्यों नहीं करवाती। उन्होंने कहा कि बिना तथ्यों के आरोप लगाना और राजनीतिक बयानबाजी करना उचित नहीं है।

उन्होंने कहा कि भिवानी छोटी काशी के रूप में प्रसिद्ध है। इसी भिवानी से हरियाणा के खिलाड़ियों ने पांच स्वर्ण पदक जीतकर देश और प्रदेश का नाम रोशन किया है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत और प्रदेश सरकार की खेल नीति का परिणाम है। उन्होंने कहा कि भिवानी अरविंद केजरीवाल का भी जिला है, इसलिए इस तथ्य पर भी विचार किया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आम आदमी पार्टी और उसके नेताओं को झूठ बोलने की आदत हो गई है, लेकिन हरियाणा की जनता तथ्यों को अच्छी तरह समझती है।

भाजपा का गठबंधन पंजाब के लोगों से- नायब सिंह सैनी

पंजाब में शिरोमणि अकाली दल के साथ गठबंधन से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने स्पष्ट किया कि भारतीय जनता पार्टी का गठबंधन पंजाब के लोगों के साथ है। उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता अब समझ चुकी है कि प्रदेश का विकास और लोगों का कल्याण डबल इंजन की सरकार के माध्यम से ही संभव है।

शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल की हाल ही में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से हुई मुलाकात के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी 140 करोड़ देशवासियों के दिल की आवाज हैं। उन्होंने कहा कि यदि कोई प्रधानमंत्री से मिलना चाहता है तो वह उनसे मिल सकता है। प्रधानमंत्री से किसी की मुलाकात को राजनीतिक चश्मे से देखने की आवश्यकता नहीं है।

उन्होंने कहा कि पंजाब के लोगों का भाजपा के प्रति विश्वास लगातार बढ़ रहा है और लोगों ने मन बना लिया है कि प्रदेश में ऐसी सरकार होनी चाहिए जो विकास, रोजगार, सुरक्षा और जनकल्याण के लिए ठोस काम करे। उन्होंने कहा कि पंजाब में भाजपा के पक्ष में माहौल बन रहा है और आने वाले समय में प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने जा रही है।

किसी बहन का कोई लाभ नहीं कटेगा, सितंबर में भर सकेंगी फार्म

महिलाओं से जुड़ी दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना को लेकर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जिन महिलाओं के परिवारों की वार्षिक आय 1 लाख 80 हजार रुपये है, उन महिलाएं को भी अब सितंबर माह में फार्म भरने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि किसी भी बहन को पहले से मिल रहा कोई लाभ नहीं कटेगा। उन्होंने कहा कि कुछ लोग महिलाओं को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन प्रदेश सरकार महिलाओं के हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि पंजाब के लोगों ने उन्हें बताया है कि पंजाब में ‘मावां धियां’ योजना शुरू होने के बाद जिन बुजुर्गों को पहले 1500 रुपये पेंशन मिल रही थी, उसे बंद करके अब ‘मावां धियां’ योजना के तहत 1000 रुपये दिए जा रहे हैं। इसके विपरीत, हरियाणा सरकार ने निर्धारित मापदंडों के आधार पर महिलाओं को योजनाओं का लाभ दिया है। उन्होंने दोहराया कि हरियाणा में किसी भी बहन का कोई लाभ नहीं रोका जाएगा। सुशासन और जनकल्याण हमारी सरकार की अटूट प्रतिबद्धता है।

विपक्ष झूठ फैलाता है, नई पीढ़ी को कांग्रेस के शासन की हकीकत बताना जरूरी

मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष बिना तथ्यों के बातें करता है

और लगातार झूठ फैलाने का काम करता है। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को कांग्रेस के शासनकाल की वास्तविक स्थिति के बारे में बताना जरूरी है, क्योंकि उस दौर की परेशानियां हमारे बुजुर्गों ने झेली हैं।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस के समय लोगों को गैस सिलेंडर लेने के लिए कड़ाके की ठंड में कई-कई दिनों तक लाइन में खड़ा रहना पड़ता था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने व्यवस्था की ऐसी स्थिति पैदा कर दी थी, जिसे आज की पीढ़ी ने देखा नहीं है। इसके विपरीत प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थियों के खातों तक पहुंचाने का काम किया है।

14 अगस्त को विभाजन विभीषिका को याद करेगा हरियाणा

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के रूप में मनाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि आज हम जिस आजादी का उत्सव मनाते हैं, उसके लिए लाखों लोगों ने अपने प्राणों की आहुति दी और विभाजन की त्रासदी में असहनीय पीड़ा झेली।

उन्होंने कहा कि 14 अगस्त की वह काली रात थी, जब लाखों महिलाओं, बुजुर्गों, बच्चों और बेटियों को भयंकर पीड़ा का सामना करना पड़ा। अनेक लोगों ने अपना घर, कारोबार और परिवार तक खो दिया। उन्होंने कहा कि यह दिन उन सभी लोगों को याद करने का दिन है, जिन्होंने विभाजन के दौरान अपना सब कुछ खो दिया।

उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य से हरियाणा में अलग-अलग स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि आने वाली पीढ़ियों को विभाजन की त्रासदी और उस दौर में लोगों द्वारा झेली गई पीड़ा के बारे में जानकारी मिल सके।

हर घर तिरंगा’ अभियान बन रहा जन-आंदोलन

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत तिरंगा यात्रा निकालने तथा प्रत्येक नागरिक से अपने घर और प्रतिष्ठान पर तिरंगा फहराने का आह्वान किया है। प्रधानमंत्री के आह्वान के बाद यह अभियान अब जन-आंदोलन का रूप ले रहा है।

उन्होंने कहा कि 9 अगस्त से नारनौल में तिरंगा यात्रा की शुरुआत हुई है और पूरे प्रदेश में लाखों युवा ‘वंदे मातरम्’ और ‘भारत माता की जय’ के जयघोष के साथ विभिन्न कार्यक्रमों में भाग ले रहे हैं।

उन्होंने कहा कि यह किसी एक राजनीतिक दल का मुद्दा नहीं, बल्कि पूरे देश का अभियान है। हम सभी को मिलकर इसे आगे बढ़ाना चाहिए। देश के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले क्रांतिकारियों और स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करते हुए यह तिरंगा यात्रा पूरे प्रदेश में निकाली जाएगी।

हरियाणा की खेल नीति का परिणाम, देश-दुनिया में नाम रोशन कर रहे खिलाड़ी

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की खेल नीति और हरियाणा सरकार की खेल नीति के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। आज हरियाणा के खिलाड़ी देश और विदेश में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं और प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि यह हमारे खिलाड़ियों की मेहनत, उनके परिवारों के सहयोग और सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का परिणाम है। प्रदेश में करीब 2 हजार खेल नर्सरियां हैं और खेलों के बुनियादी ढांचे को लगातार मजबूत किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में खेलों को लेकर केवल घोषणाएं की जाती थीं, जबकि भाजपा सरकार ने खेल सुविधाओं, प्रशिक्षण और खिलाड़ियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए धरातल पर काम किया है।

बिजली कर्मचारियों से बातचीत जारी

बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के संबंध में पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की बिजली कर्मचारियों के साथ बातचीत चल रही है। सरकार उनकी समस्याओं को लेकर गंभीर है और बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है।

Punjab : अब निजी स्कूल नए शैक्षणिक सत्र में 5 प्रतिशत से अधिक फीस नहीं बढ़ा सकेंगे- भगवंत सिंह मान

Chandigarh : राज्य में निजी स्कूलों द्वारा मनमानी फीस वृद्धि पर रोक लगाते हुए पंजाब विधान सभा ने आज ‘पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अन-एडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस (संशोधन) बिल, 2026’ को मौखिक मतों से सर्वसम्मति से पारित कर दिया। इस बिल के पारित होने से अत्यधिक और अस्पष्ट रूप से फीस वसूली के खिलाफ विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए मजबूत सुरक्षा का मार्ग प्रशस्त हो गया है।

नए पारित अधिनियम के तहत नए शैक्षणिक सत्र में निजी स्कूलों को 5 प्रतिशत से अधिक फीस बढ़ाने की अनुमति नहीं होगी, जबकि किसी भी मद (हेड) के तहत अभिभावकों से वसूली गई हर राशि को फीस ही माना जाएगा और इसे रेगुलेशन के अधीन लाया जाएगा। पंजाब सरकार अतिरिक्त वसूलियों की पहचान करने और यह सुनिश्चित करने के लिए निजी स्कूलों का फोरेंसिक ऑडिट भी करवाएगी कि अतिरिक्त राशि अभिभावकों को वापस की जाए। कानून का उल्लंघन करने पर पहली बार 50 हजार रुपये जुर्माना, दूसरी बार एक लाख रुपये का जुर्माना और तीसरी बार मान्यता रद्द कर दी जाएगी।

पिछली कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि कोविड के दौरान जब स्कूल बंद थे और स्कूल के वाहन नहीं चल रहे थे, तब भी अभिभावकों को ट्रांसपोर्ट फीस देने के लिए मजबूर किया गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजाब में अब ऐसी लूट की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार न तो शिक्षा को व्यापार बनने देगी और न ही राज्य में शिक्षा माफिया को सिर उठाने देगी।

बिल पर बहस का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “विजय माल्या जैसे लोगों द्वारा पैसे तो हड़पे जा सकते हैं, लेकिन शिक्षा किसी से छीनी नहीं जा सकती। पहले सरकारी और निजी स्कूलों की किताबों, पाठ्यक्रम और शिक्षकों में बड़ा अंतर होता था। राज्य में सरकारी स्कूल सिर्फ मिड-डे-मील केंद्रों तक ही सीमित रह गए थे, लेकिन अब राज्य सरकार द्वारा इन स्कूलों का कायाकल्प कर दिया गया है।”

बिल को राज्य और इसके विद्यार्थियों के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “इस बिल का उद्देश्य विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को बड़ी राहत देना है। अफसोस की बात है कि पिछली सरकारों के समय निजी संस्थानों ने विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को भारी फीस देने के लिए मजबूर किया, जिससे पूरी शिक्षा प्रणाली खतरे में पड़ गई थी। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार शैक्षणिक संस्थान विभिन्न खातों में फीस वसूल कर शिक्षा के नाम पर अंधी कमाई नहीं कर सकते। इन संस्थानों द्वारा किसी भी माध्यम से एकत्रित की गई फीस का पता लगाने के लिए फोरेंसिक ऑडिट करवाया जाएगा।”

उन्होंने कहा, “यह बिल वार्षिक फीस वृद्धि की सीमा 5 प्रतिशत निर्धारित करता है और इससे अधिक किसी भी वृद्धि के लिए रेगुलेटरी संस्था की पूर्व अनुमति की आवश्यकता होगी। इसके अलावा जिन निजी स्कूलों ने पिछले तीन वर्षों में कुल मिलाकर 15 प्रतिशत से अधिक फीस बढ़ाई है, उन्हें अभिभावकों से वसूली गई अतिरिक्त राशि वापस करनी होगी। इस कदम से निजी स्कूलों की फीस का रेगुलेशन होगा, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी और 32 लाख से अधिक विद्यार्थियों और उनके परिवारों को अनुचित वित्तीय बोझ से बचाया जा सकेगा।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह शिक्षा क्षेत्र में मुनाफाखोरी पर रोक लगाने और यह सुनिश्चित करने के लिए पंजाब सरकार का निर्णायक कदम है कि निजी स्कूल व्यावसायिक लाभ के बजाय विद्यार्थियों और अभिभावकों के हित में काम करें। शिक्षा एक नेक और पवित्र प्रयास है और यह जन कल्याण का साधन है, न कि मुनाफा कमाने वाला व्यावसायिक संस्थान। राज्य के हर विद्यार्थी के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच सुनिश्चित करना पंजाब सरकार की प्रमुख प्राथमिकता है।”

मुख्यमंत्री ने बताया, “पंजाब भर के लगभग 7,800 निजी स्कूलों में 32 लाख से अधिक विद्यार्थी पढ़ रहे हैं और इस बिल का उद्देश्य उनके हितों की रक्षा करना है। विद्यार्थियों और उनके परिवारों को मनमानी फीस वृद्धि से मजबूत सुरक्षा मिलेगी, साथ ही इन संस्थानों के संचालन में पूरी पारदर्शिता आएगी। राज्य सरकार के सामूहिक प्रयासों के कारण पंजाब शिक्षा के क्षेत्र में केरल से भी आगे निकल गया है।”

उन्होंने कहा, “इस ऐतिहासिक फैसले के साथ यदि कोई भी निजी स्कूल इस अधिनियम का उल्लंघन करता है तो उन्हें पहले उल्लंघन पर 50 हजार रुपये और दूसरे उल्लंघन पर एक लाख रुपये का जुर्माना भरना होगा। तीसरे उल्लंघन पर विद्यार्थियों के हितों की रक्षा के लिए स्कूल की मान्यता रद्द करने के साथ-साथ अन्य सख्त कार्रवाई की जाएगी। अभिभावकों द्वारा दिए जाने वाले एक-एक पैसे को फीस ही माना जाएगा और तीन वर्षों में वसूली गई कोई भी अतिरिक्त फीस लोगों को वापस की जाएगी।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हमारी सरकार ने राज्य में हर गैर-कानूनी गठजोड़ की कमर तोड़ दी है और वे राज्य में शिक्षा माफिया को पनपने नहीं देंगे। विद्यार्थियों से वसूली जाने वाले सभी खर्च, जिसमें ट्रांसपोर्टेशन, बिल्डिंग फंड और अन्य फुटकर फीस शामिल हैं, को रेगुलेशन के उद्देश्य से ट्यूशन फीस का हिस्सा ही माना जाएगा। राज्य सरकार शिक्षा को व्यापार नहीं बनने देगी और डिप्टी कमिश्नर की अगुवाई वाली ‘जिला रेगुलेटरी समिति’ फीस वृद्धि के सभी प्रस्तावों की जांच और विनियमन करेगी।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “कोविड काल के दौरान जब कांग्रेस सत्ता में थी, तो स्कूल न खुलने और कोई भी वाहन न चलने के बावजूद अभिभावकों को ट्रांसपोर्ट फीस देने के लिए मजबूर किया गया था। यह बिल विद्यार्थियों की भलाई और उनके अभिभावकों के हितों की रक्षा के लिए बहुत आवश्यक है, जिन्हें पैसा कमाने का साधन नहीं समझा जाना चाहिए। राज्य सरकार के प्रयासों को तब सफलता मिली जब 2026 की नीट परीक्षा में 882 विद्यार्थियों ने परीक्षा पास की, जबकि 2021 में केवल 80 विद्यार्थी ही ऐसा कर सके थे।”

Faridabad Crime: वारदात की फिराक में घूम रहे तीन बदमाश गिरफ्तार, 2 पिस्टल, कट्टा, 4 मैगजीन और 30 कारतूस बरामद

Faridabad Crime: वारदात की फिराक में घूम रहे तीन बदमाश गिरफ्तार, 2 पिस्टल, कट्टा, 4 मैगजीन और 30 कारतूस बरामद

रिपोर्ट: संदीप चौहान

फरीदाबाद पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन ट्रेकडाउन के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन युवकों को अवैध हथियारों के साथ गिरफ्तार किया है। क्राइम ब्रांच सेक्टर-30 की टीम ने आरोपियों को मथुरा रोड स्थित अजरौंदा चौक के पास ब्रेजा कार में पकड़ा। पुलिस के मुताबिक, तीनों किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में घूम रहे थे। आरोपियों के कब्जे से दो देसी पिस्टल, एक देसी कट्टा, चार मैगजीन, 30 जिंदा कारतूस और वारदात में इस्तेमाल की जा रही ब्रेजा कार बरामद की गई है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बसंत (34) निवासी गांव बाघपुर, जिला पलवल, हाल संजय कॉलोनी फरीदाबाद, आकाश उर्फ मोनू (30) निवासी गांव बहादुरपुर, जिला सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश, हाल संजय कॉलोनी फरीदाबाद और योगेश उर्फ योगी (30) निवासी गांव कोटला खुर्द, जिला ऊना, हिमाचल प्रदेश, हाल पर्वतीय कॉलोनी फरीदाबाद के रूप में हुई है। पुलिस ने तीनों को अदालत में पेश कर चार दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है।

सहायक पुलिस आयुक्त अपराध अमन यादव ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि 8 अगस्त को क्राइम ब्रांच सेक्टर-30 की टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि थाना सेंट्रल क्षेत्र के अजरौंदा चौक के पास कुछ लोग अवैध हथियारों के साथ किसी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की तैयारी में हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। वहां एक ब्रेजा कार में तीन युवक बैठे मिले।

तलाशी के दौरान आकाश उर्फ मोनू के कब्जे से एक देसी कट्टा और छह जिंदा कारतूस बरामद हुए। योगेश उर्फ योगी के पास से एक देसी पिस्टल और दो मैगजीन मिलीं। दोनों मैगजीन में छह-छह जिंदा कारतूस थे। वहीं बसंत के कब्जे से एक देसी पिस्टल और दो मैगजीन बरामद की गईं, जिनमें भी छह-छह जिंदा कारतूस मिले। इस तरह पुलिस ने कुल दो देसी पिस्टल, एक देसी कट्टा, चार मैगजीन और 30 जिंदा कारतूस बरामद किए।

पुलिस जांच में तीनों आरोपियों के बीच पुरानी रंजिश का मामला सामने आया है। जांच के मुताबिक, वर्ष 2020 में बसंत के भाई के पैर में गोली मारी गई थी। इस घटना के संबंध में मुजेसर थाना क्षेत्र में देवेंद्र और योगी के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था। पुलिस का कहना है कि इसी पुरानी घटना का बदला लेने के लिए तीनों हथियार लेकर किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे।

जांच में यह भी सामने आया है कि बसंत प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करता है, योगेश उर्फ योगी वेल्डिंग का काम करता है, जबकि आकाश उर्फ मोनू एक वर्कशॉप में काम करता है। तीनों आपस में दोस्त बताए जा रहे हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इनके खिलाफ पहले से कोई अन्य आपराधिक मामला दर्ज है या नहीं और इनके संपर्क में कौन-कौन लोग हैं।

पूछताछ के दौरान पुलिस को हथियारों के स्रोत और उन्हें उपलब्ध कराने वाले लोगों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। पुलिस के मुताबिक, हथियार बाहर के राज्यों से लाए गए थे और उनके स्रोत का पता लगा लिया गया है। हथियार सप्लाई करने वाले आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।

फरीदाबाद पुलिस का कहना है कि ऑपरेशन ट्रेकडाउन के तहत अवैध हथियार रखने वाले और आपराधिक वारदातों की तैयारी करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। तीनों आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस को इस मामले में और भी अहम खुलासे होने की उम्मीद है।

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Noida Rain: दोपहर बाद झमाझम बारिश से मौसम सुहाना, कई इलाकों में जलभराव

नोएडा। नोएडा में सोमवार दोपहर बाद अचानक मौसम बदल गया। काले बादल छाने के बाद करीब तीन बजे झमाझम बारिश शुरू हो गई। तेज बारिश के कारण लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली, लेकिन शहर के कई हिस्सों में जलभराव की समस्या भी सामने आई। सड़कों पर पानी भरने से वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

सर्फाबाद, बरौला, हरौला और भंगेल समेत कई इलाकों में बारिश का पानी जमा हो गया। इसके अलावा एमपी-1, एमपी-2 और एमपी-3 क्षेत्र, सेक्टर-94 अंडरपास और सफीपुर अंडरपास में भी जलभराव की सूचना मिली। कई जगहों पर पानी जमा होने के कारण यातायात प्रभावित हुआ।

मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को नोएडा में अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दोपहर बाद हुई बारिश के बाद तापमान में गिरावट आई और मौसम सुहावना हो गया। सोमवार को अब तक करीब 15 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।

जून से सोमवार तक नोएडा में करीब 185 मिलीमीटर बारिश हुई है, जबकि इस अवधि में सामान्य तौर पर करीब 266 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी। इस हिसाब से शहर में अब तक सामान्य से करीब 30 प्रतिशत कम बारिश दर्ज हुई है।

चार दिन रुक-रुककर बारिश का अनुमान

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने सोमवार दोपहर बाद नोएडा और आसपास के क्षेत्रों के लिए यलो अलर्ट जारी किया था। इसके बाद मौसम में बदलाव हुआ और तेज बारिश शुरू हो गई।

मौसम विभाग के अनुसार अगले चार दिनों तक नोएडा में रुक-रुककर बारिश होने की संभावना है। इस दौरान कुछ समय के लिए तेज बारिश भी हो सकती है। बारिश के कारण तापमान में भी गिरावट रहने की संभावना है।

Noida Hospital: जिला अस्पताल में तीन दिन में दूसरी बार गिरी फॉल्स सीलिंग, ऑपरेशन थियेटर हुआ शिफ्ट

Noida Hospital: जिला अस्पताल में तीन दिन में दूसरी बार गिरी फॉल्स सीलिंग, ऑपरेशन थियेटर हुआ शिफ्ट

नोएडा। सेक्टर-39 स्थित जिला अस्पताल में फॉल्स सीलिंग गिरने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। रविवार रात अस्पताल के तीसरे तल पर कई जगह फॉल्स सीलिंग गिर गई। राहत की बात रही कि जिस समय यह घटना हुई, उस दौरान वहां कोई मौजूद नहीं था। स्त्री रोग विभाग के गलियारे में बड़ी मात्रा में फॉल्स सीलिंग गिरने के बाद अस्पताल प्रशासन ने ऑपरेशन थियेटर को चौथी मंजिल पर स्थानांतरित कर दिया।

तीन दिनों के भीतर फॉल्स सीलिंग गिरने की यह दूसरी घटना बताई जा रही है। अस्पताल के तीसरे तल पर छत से पानी आने के कारण काफी सीलन हो गई थी। इसी वजह से फॉल्स सीलिंग कमजोर होकर गिरने की आशंका जताई जा रही है। दो दिन पहले भी इसी तल पर फॉल्स सीलिंग गिरने की घटना हुई थी।

अस्पताल प्रशासन ने प्रभावित गलियारे में फॉल्स सीलिंग की मरम्मत का काम शुरू करा दिया है। मरम्मत पूरी होने के बाद ही तीसरे तल पर सिजेरियन प्रसव की सुविधा दोबारा शुरू की जाएगी। फिलहाल महिला रोग विभाग की ओपीडी तीसरे तल पर संचालित होगी, जबकि सिजेरियन ऑपरेशन चौथी मंजिल पर किए जाएंगे। चौथी मंजिल पर अस्पताल के विभिन्न विभागों के ऑपरेशन थियेटर मौजूद हैं।

इससे पहले करीब दो सप्ताह पहले सेक्टर-30 स्थित बाल चिकित्सालय के आपातकालीन विभाग में भी दो बार फॉल्स सीलिंग गिर चुकी है। उस दौरान एक स्वास्थ्यकर्मी को चोट भी लगी थी। जिला अस्पताल और बाल चिकित्सालय दोनों भवनों का निर्माण नोएडा प्राधिकरण की ओर से कराया गया था।

जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अशोक कुमार झा ने बताया कि फॉल्स सीलिंग गिरने के बाद उसे ठीक कराने का काम कराया जा रहा है। फॉल्स सीलिंग दोबारा लगाए जाने तक वैकल्पिक व्यवस्था की गई है, ताकि मरीजों को किसी तरह की परेशानी न हो।

 

Noida Suicide: नवविवाहिता ने 16वीं मंजिल से कूदकर दी जान, मायके वालों ने पति पर लगाया दहेज हत्या का आरोप

Noida Suicide: नवविवाहिता ने 16वीं मंजिल से कूदकर दी जान, मायके वालों ने पति पर लगाया दहेज हत्या का आरोप

नोएडा। सेक्टर-108 स्थित डिवाइन मीडोज सोसाइटी में रविवार शाम एक नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। 24 वर्षीय महिला ने सोसाइटी की 16वीं मंजिल से छलांग लगा दी। गंभीर हालत में परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। महिला की शादी महज एक महीने पहले 11 जुलाई को हुई थी। घटना के बाद मायके वालों ने उसके पति पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने और दहेज हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार मृतका की पहचान एटा निवासी 24 वर्षीय कामिनी कुमारी के रूप में हुई है। कामिनी अपने पति मंथन धीमान के साथ डिवाइन मीडोज सोसाइटी के लिली टावर स्थित फ्लैट नंबर-1602 में किराये पर रह रही थीं। मंथन मूलरूप से देहरादून के रहने वाले हैं और एक निजी कंपनी में वीडियो एडिटर के रूप में काम करते हैं। कामिनी पहले बीपीओ में नौकरी करती थीं, लेकिन कुछ समय पहले उन्होंने नौकरी छोड़ दी थी।

रविवार शाम करीब साढ़े पांच बजे कामिनी के 16वीं मंजिल से गिरने की सूचना मिली। घटना के बाद सोसाइटी में अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोग और परिवार के सदस्य मौके पर पहुंचे और उन्हें तत्काल नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।

पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। ऐसे में घटना के कारणों को लेकर कई पहलुओं से जांच की जा रही है। पुलिस ने परिवार के सदस्यों और पति से पूछताछ कर घटना से पहले की परिस्थितियों के बारे में जानकारी जुटानी शुरू कर दी है।

पति ने पूछताछ में बताया कि कामिनी पिछले कुछ समय से अवसाद से परेशान थीं और उनका इलाज चल रहा था। हालांकि, पुलिस ने जब इलाज से संबंधित दस्तावेज मांगे तो पति तत्काल कोई कागजात उपलब्ध नहीं करा सका। पुलिस अब इस दावे की भी जांच कर रही है। इसके साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि घटना से पहले पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर विवाद या कहासुनी हुई थी या नहीं।

घटना की जानकारी मिलने के बाद कामिनी के मायके वाले भी नोएडा पहुंचे। परिजनों ने पति मंथन पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि कामिनी की मौत सामान्य घटना नहीं है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए। परिजनों ने पुलिस से आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि परिजनों की शिकायत के आधार पर आवश्यक धाराओं में केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच, उपलब्ध साक्ष्यों और परिजनों के आरोपों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मृतका का अंतिम संस्कार अभी नहीं हुआ है।

Kanwar Yatra: ग्रेटर नोएडा में कांवड़ियों पर पुष्प वर्षा, शिवभक्तों ने पुलिस को मेडल पहनाकर जताया आभार

Kanwar Yatra: ग्रेटर नोएडा में कांवड़ियों पर पुष्प वर्षा, शिवभक्तों ने पुलिस को मेडल पहनाकर जताया आभार

नोएडा। ग्रेटर नोएडा में हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे कांवड़ियों का पुलिस ने दनकौर क्षेत्र में पुष्प वर्षा और माला पहनाकर स्वागत किया। पुलिस के इस सम्मान से कांवड़ियों में उत्साह देखने को मिला। वहीं, शिवभक्तों ने भी पुलिस के सुरक्षा इंतजामों की सराहना करते हुए पुलिसकर्मियों को मेडल पहनाकर सम्मानित किया और उनका आभार जताया।

दनकौर में आयोजित स्वागत कार्यक्रम के दौरान पुलिसकर्मियों ने कांवड़ियों पर पुष्प वर्षा की और उन्हें प्रसाद भी ग्रहण कराया। इस मौके पर ग्रेटर नोएडा के एडिशनल डीसीपी, एसीपी, दनकौर इंस्पेक्टर समेत कई पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने कांवड़ियों से उनकी यात्रा के दौरान किसी तरह की परेशानी होने के बारे में जानकारी ली और व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया।

कांवड़ियों ने पुलिस की व्यवस्थाओं की जमकर तारीफ की। शिवभक्तों ने कहा कि यात्रा के दौरान पुलिस का सहयोग लगातार मिलता रहा। सुरक्षा और सम्मान मिलने से उनका उत्साह और बढ़ा है। कांवड़ियों ने पुलिसकर्मियों को मेडल पहनाकर कहा कि उनकी सुरक्षित यात्रा में पुलिस की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे श्यामवीर भाटी ने बताया कि उन्होंने करीब 250 किलोमीटर की यात्रा पूरी की है। वह एक तारीख को हरिद्वार से गंगाजल लेने गए थे और सोमवार शाम तक अपने गांव पहुंचने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि शिवरात्रि के अवसर पर वह अपने गांव के मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे।

श्यामवीर भाटी ने कांवड़ यात्रा के दौरान प्रशासन की ओर से की गई व्यवस्थाओं की भी सराहना की। उन्होंने सुरक्षा, खाने-पीने और कांवड़ियों के स्वागत के लिए किए गए इंतजामों पर पुलिस और प्रशासन का आभार जताया।

एडिशनल डीसीपी संतोष कुमार ने बताया कि कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए पुलिस लगातार तैनात है। कांवड़ियों के लिए बनाए गए शिविरों में भी पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके अलावा विभिन्न स्थानों पर शिवभक्तों का स्वागत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दनकौर थाना क्षेत्र में भी कांवड़ियों के स्वागत का कार्यक्रम आयोजित किया गया। पुलिस पूरी तरह अलर्ट है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कांवड़ियों को यात्रा के दौरान किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

Kanwar Yatra: कांवड़ यात्रा को लेकर पुलिस-प्रशासन अलर्ट, भंडारों में भोजन की गुणवत्ता जांची

Kanwar Yatra: कांवड़ यात्रा को लेकर पुलिस-प्रशासन अलर्ट, भंडारों में भोजन की गुणवत्ता जांची

नोएडा। ग्रेटर नोएडा में कांवड़ यात्रा को लेकर पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। सोमवार को पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह और जिलाधिकारी मेधा रूपम ने अधिकारियों के साथ कांवड़ मार्ग और श्रद्धालुओं के लिए लगाए जा रहे भंडारों का निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई, सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का जायजा लिया।

अधिकारियों ने भंडारा संचालकों को भोजन तैयार करने और परोसने के दौरान साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य के साथ किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संबंधित अधिकारियों को खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता की नियमित जांच करने के निर्देश भी दिए गए।

डीएम और पुलिस कमिश्नर ने रबूपुरा थाना क्षेत्र समेत कांवड़ मार्ग के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण किया। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के निर्देश दिए गए।

निरीक्षण के दौरान डीसीपी रवि शंकर निम, डीसीपी साद मियां खान समेत पुलिस और प्रशासन के कई अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता दी जा रही है।

Jewar Airport: गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा जेवर एयरपोर्ट, 74.5 किमी लिंक एक्सप्रेसवे को मंजूरी

Jewar Airport: गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा जेवर एयरपोर्ट, 74.5 किमी लिंक एक्सप्रेसवे को मंजूरी

नोएडा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाले 74.5 किलोमीटर लंबे छह लेन के ग्रीनफील्ड लिंक एक्सप्रेसवे को मंजूरी मिल गई है। करीब 8,586 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली इस परियोजना के लिए हाल ही में पेश किए गए अनुपूरक बजट में 250 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है। इससे जेवर एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।

लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण से पश्चिमी और मध्य उत्तर प्रदेश के बड़े हिस्से से जेवर एयरपोर्ट तक पहुंच आसान होगी। इसके अलावा दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, राजस्थान और उत्तराखंड से आने वाले यात्रियों को भी एयरपोर्ट तक बेहतर सड़क संपर्क मिलेगा। बेहतर कनेक्टिविटी से एयरपोर्ट का कैचमेंट एरिया बढ़ने और यात्री तथा एयर कार्गो की संख्या में वृद्धि होने की संभावना है।

परियोजना से जेवर और आसपास के क्षेत्रों में लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग, होटल, पर्यटन और औद्योगिक निवेश को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। बेहतर सड़क संपर्क के चलते क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों और रोजगार के नए अवसर बढ़ सकते हैं।

जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह ने लिंक एक्सप्रेसवे को मंजूरी मिलने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह एक्सप्रेसवे पश्चिमी उत्तर प्रदेश को देश और दुनिया से जोड़ने वाले महत्वपूर्ण आर्थिक कॉरिडोर के रूप में विकसित होगा।

विधायक ने विकास परियोजनाओं के लिए भूमि उपलब्ध कराने वाले किसानों के योगदान की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से जेवर क्षेत्र में निवेश, रोजगार और औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है।

Uttarakhand : सरकारी नीतियों में शामिल किए जाएंगे छात्र-छात्राओं के सुझाव- सीएम पुष्कर सिंह धामी

Dehradun : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन, में आयोजित मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने “मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन” पोर्टल का भी शुभारंभ किया। इसी के साथ विद्यालयी छात्र छात्राओं के बीच होने वाली “मेरे सपनों का उत्तराखण्ड: एक विकसित राज्य हेतु मेरा दृष्टिकोण” विषय की निबंध प्रतियोगिता का शुभारंभ हो गया है।

आयोजन के दौरान विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस निबंध प्रतियोगिता में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले प्रदेश के 140 बच्चों को सम्मानित किया जाएगा। साथ ही इन चयनित छात्र- छात्राओं का NEET, JEE, CLAT, SAT जैसी प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग सहित एवं अन्य आवश्यक शुल्कों का वहन भी राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा।

इस कार्यक्रम में प्रदेश भर के 2828 सरकारी / गैर सरकारी स्कूलों के 11 एवं 12 वीं के 3 लाख से अधिक छात्र- छात्राओं ने वर्चुअल तरीके से प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री से संवाद के दौरान छात्र-छात्राओं ने खेलों को बढ़ावा देने, सप्ताह में चार दिन खेल पीरियड आयोजित करने, विद्यालयों में मिल रहे विभिन्न अवसरों को और बढ़ाने, उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उत्तराखंड को अग्रणी बनाने, राज्य में पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहित करने तथा विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देने सहित विभिन्न सुझाव दिए। मुख्यमंत्री ने छात्रों के सुझावों को गंभीरता से लेते हुए स्वयं नोट किया और अधिकारियों को इनके अनुरूप कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्र-छात्राओं द्वारा दिए गए सुझावों को सरकार की नीतियों में भी शामिल किया जाएगा।

संवाद के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि छात्र-छात्राएं देश का वर्तमान और भविष्य हैं। उन्होंने कहा विद्यार्थियों को अपने सपनों को साकार करने की ओर आगे बढ़ना चाहिए। परीक्षा में नंबरों से ज्यादा विषयों की समझ होना जरूरी है। जीवन में संस्कार और अनुशासन अपनाने से सफलता अवश्य मिलती है। मुख्यमंत्री ने कहा छात्र छात्राओं को पढ़ने के तरीके को बदलने की आवश्यकता है। पढ़ाई को बोझ नहीं बल्कि भविष्य संवारने के रास्ते के तौर पर देखना होगा।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि छात्र – छात्राओं को अपने जीवन में लीडर बनकर आगे बढ़ना है। लीडर वो होता है जो अपने क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ काम करता है। उन्होंने कहा अपने काम, समाज के प्रति संवेदना, और कार्य के प्रति लगन किसी के नाम को भी अमर बना सकती है। उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता स्वयं आगे बढ़ने में नहीं, बल्कि दूसरों को आगे बढ़ाने में है। उन्होंने कहा कि हम सभी को अपनी प्रतिभा और ऊर्जा का सकारात्मक दिशा में उपयोग करते हुए समाज और प्रदेश के विकास में योगदान देना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने युवाओं से अपने लक्ष्य के प्रति निरंतर प्रयास करने और चुनौतियों से सीख लेकर आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा हमें अपने जीवन में संकल्प लेना चाहिए और उस संकल्प में कोई विकल्प नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा जब हम बिना विकल्प के संकल्प लेते हैं तो हमें और तेजी से सफलता मिलती है। मुख्यमंत्री ने कहा आज के विद्यार्थी ही भविष्य के उत्तराखंड और देश का नेतृत्व करेंगे।

मुख्यमंत्री ने छात्रों से कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग तभी करें, जब उसकी वास्तव में आवश्यकता हो। उन्होंने कहा कि AI हमारे लिए उपयोगी और ज्ञानवर्धक है, लेकिन इसके अत्यधिक उपयोग के कुछ दुष्परिणाम भी हो सकते हैं। उन्होंने छात्रों से कहा कि किसी भी विषय पर सबसे पहले अपने विवेक, बुद्धि और सोचने की क्षमता का उपयोग करें तथा गुरुजनों के मार्गदर्शन और अनुभव से सीखें, इसके बाद आवश्यकता पड़ने पर AI की सहायता लें। उन्होंने कहा कि तकनीक हमारी सहयोगी होनी चाहिए, हमारी सोचने और सीखने की क्षमता का विकल्प नहीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्रों के लिए संवाद का रास्ता हमेशा खुला है। विद्यार्थी अपनी समस्याओं, सुझावों और विचारों को खुलकर साझा कर सकते हैं। सरकार युवाओं की बात सुनने और उनके सुझावों पर विचार करने के लिए हमेशा तत्पर है। उन्होंने कहा कि निरंतर संवाद से ही बेहतर समझ और बेहतर भविष्य का निर्माण संभव है।

इस अवसर पर मीडिया सलाहकार समिति के अध्यक्ष प्रो. गोविंद सिंह, सचिव शिक्षा ज्योति यादव, अपर सचिव नमामि बंसल, महानिदेशक शिक्षा आकांक्षा कोंडे, गोविंद राम जायसवाल, राहुल अग्रवाल, रिया अग्रवाल एवं अन्य लोग मौजूद रहे।