Faridabad Crime: वारदात की फिराक में घूम रहे तीन बदमाश गिरफ्तार, 2 पिस्टल, कट्टा, 4 मैगजीन और 30 कारतूस बरामद
रिपोर्ट: संदीप चौहान
फरीदाबाद पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन ट्रेकडाउन के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन युवकों को अवैध हथियारों के साथ गिरफ्तार किया है। क्राइम ब्रांच सेक्टर-30 की टीम ने आरोपियों को मथुरा रोड स्थित अजरौंदा चौक के पास ब्रेजा कार में पकड़ा। पुलिस के मुताबिक, तीनों किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में घूम रहे थे। आरोपियों के कब्जे से दो देसी पिस्टल, एक देसी कट्टा, चार मैगजीन, 30 जिंदा कारतूस और वारदात में इस्तेमाल की जा रही ब्रेजा कार बरामद की गई है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बसंत (34) निवासी गांव बाघपुर, जिला पलवल, हाल संजय कॉलोनी फरीदाबाद, आकाश उर्फ मोनू (30) निवासी गांव बहादुरपुर, जिला सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश, हाल संजय कॉलोनी फरीदाबाद और योगेश उर्फ योगी (30) निवासी गांव कोटला खुर्द, जिला ऊना, हिमाचल प्रदेश, हाल पर्वतीय कॉलोनी फरीदाबाद के रूप में हुई है। पुलिस ने तीनों को अदालत में पेश कर चार दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है।
सहायक पुलिस आयुक्त अपराध अमन यादव ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि 8 अगस्त को क्राइम ब्रांच सेक्टर-30 की टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि थाना सेंट्रल क्षेत्र के अजरौंदा चौक के पास कुछ लोग अवैध हथियारों के साथ किसी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की तैयारी में हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। वहां एक ब्रेजा कार में तीन युवक बैठे मिले।
तलाशी के दौरान आकाश उर्फ मोनू के कब्जे से एक देसी कट्टा और छह जिंदा कारतूस बरामद हुए। योगेश उर्फ योगी के पास से एक देसी पिस्टल और दो मैगजीन मिलीं। दोनों मैगजीन में छह-छह जिंदा कारतूस थे। वहीं बसंत के कब्जे से एक देसी पिस्टल और दो मैगजीन बरामद की गईं, जिनमें भी छह-छह जिंदा कारतूस मिले। इस तरह पुलिस ने कुल दो देसी पिस्टल, एक देसी कट्टा, चार मैगजीन और 30 जिंदा कारतूस बरामद किए।
पुलिस जांच में तीनों आरोपियों के बीच पुरानी रंजिश का मामला सामने आया है। जांच के मुताबिक, वर्ष 2020 में बसंत के भाई के पैर में गोली मारी गई थी। इस घटना के संबंध में मुजेसर थाना क्षेत्र में देवेंद्र और योगी के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था। पुलिस का कहना है कि इसी पुरानी घटना का बदला लेने के लिए तीनों हथियार लेकर किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे।
जांच में यह भी सामने आया है कि बसंत प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करता है, योगेश उर्फ योगी वेल्डिंग का काम करता है, जबकि आकाश उर्फ मोनू एक वर्कशॉप में काम करता है। तीनों आपस में दोस्त बताए जा रहे हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इनके खिलाफ पहले से कोई अन्य आपराधिक मामला दर्ज है या नहीं और इनके संपर्क में कौन-कौन लोग हैं।
पूछताछ के दौरान पुलिस को हथियारों के स्रोत और उन्हें उपलब्ध कराने वाले लोगों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। पुलिस के मुताबिक, हथियार बाहर के राज्यों से लाए गए थे और उनके स्रोत का पता लगा लिया गया है। हथियार सप्लाई करने वाले आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
फरीदाबाद पुलिस का कहना है कि ऑपरेशन ट्रेकडाउन के तहत अवैध हथियार रखने वाले और आपराधिक वारदातों की तैयारी करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। तीनों आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस को इस मामले में और भी अहम खुलासे होने की उम्मीद है।
