Home Blog Page 4

Uttarakhand : सरकारी नीतियों में शामिल किए जाएंगे छात्र-छात्राओं के सुझाव- सीएम पुष्कर सिंह धामी

Dehradun : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन, में आयोजित मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने “मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन” पोर्टल का भी शुभारंभ किया। इसी के साथ विद्यालयी छात्र छात्राओं के बीच होने वाली “मेरे सपनों का उत्तराखण्ड: एक विकसित राज्य हेतु मेरा दृष्टिकोण” विषय की निबंध प्रतियोगिता का शुभारंभ हो गया है।

आयोजन के दौरान विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस निबंध प्रतियोगिता में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले प्रदेश के 140 बच्चों को सम्मानित किया जाएगा। साथ ही इन चयनित छात्र- छात्राओं का NEET, JEE, CLAT, SAT जैसी प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग सहित एवं अन्य आवश्यक शुल्कों का वहन भी राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा।

इस कार्यक्रम में प्रदेश भर के 2828 सरकारी / गैर सरकारी स्कूलों के 11 एवं 12 वीं के 3 लाख से अधिक छात्र- छात्राओं ने वर्चुअल तरीके से प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री से संवाद के दौरान छात्र-छात्राओं ने खेलों को बढ़ावा देने, सप्ताह में चार दिन खेल पीरियड आयोजित करने, विद्यालयों में मिल रहे विभिन्न अवसरों को और बढ़ाने, उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उत्तराखंड को अग्रणी बनाने, राज्य में पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहित करने तथा विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देने सहित विभिन्न सुझाव दिए। मुख्यमंत्री ने छात्रों के सुझावों को गंभीरता से लेते हुए स्वयं नोट किया और अधिकारियों को इनके अनुरूप कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्र-छात्राओं द्वारा दिए गए सुझावों को सरकार की नीतियों में भी शामिल किया जाएगा।

संवाद के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि छात्र-छात्राएं देश का वर्तमान और भविष्य हैं। उन्होंने कहा विद्यार्थियों को अपने सपनों को साकार करने की ओर आगे बढ़ना चाहिए। परीक्षा में नंबरों से ज्यादा विषयों की समझ होना जरूरी है। जीवन में संस्कार और अनुशासन अपनाने से सफलता अवश्य मिलती है। मुख्यमंत्री ने कहा छात्र छात्राओं को पढ़ने के तरीके को बदलने की आवश्यकता है। पढ़ाई को बोझ नहीं बल्कि भविष्य संवारने के रास्ते के तौर पर देखना होगा।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि छात्र – छात्राओं को अपने जीवन में लीडर बनकर आगे बढ़ना है। लीडर वो होता है जो अपने क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ काम करता है। उन्होंने कहा अपने काम, समाज के प्रति संवेदना, और कार्य के प्रति लगन किसी के नाम को भी अमर बना सकती है। उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता स्वयं आगे बढ़ने में नहीं, बल्कि दूसरों को आगे बढ़ाने में है। उन्होंने कहा कि हम सभी को अपनी प्रतिभा और ऊर्जा का सकारात्मक दिशा में उपयोग करते हुए समाज और प्रदेश के विकास में योगदान देना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने युवाओं से अपने लक्ष्य के प्रति निरंतर प्रयास करने और चुनौतियों से सीख लेकर आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा हमें अपने जीवन में संकल्प लेना चाहिए और उस संकल्प में कोई विकल्प नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा जब हम बिना विकल्प के संकल्प लेते हैं तो हमें और तेजी से सफलता मिलती है। मुख्यमंत्री ने कहा आज के विद्यार्थी ही भविष्य के उत्तराखंड और देश का नेतृत्व करेंगे।

मुख्यमंत्री ने छात्रों से कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग तभी करें, जब उसकी वास्तव में आवश्यकता हो। उन्होंने कहा कि AI हमारे लिए उपयोगी और ज्ञानवर्धक है, लेकिन इसके अत्यधिक उपयोग के कुछ दुष्परिणाम भी हो सकते हैं। उन्होंने छात्रों से कहा कि किसी भी विषय पर सबसे पहले अपने विवेक, बुद्धि और सोचने की क्षमता का उपयोग करें तथा गुरुजनों के मार्गदर्शन और अनुभव से सीखें, इसके बाद आवश्यकता पड़ने पर AI की सहायता लें। उन्होंने कहा कि तकनीक हमारी सहयोगी होनी चाहिए, हमारी सोचने और सीखने की क्षमता का विकल्प नहीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्रों के लिए संवाद का रास्ता हमेशा खुला है। विद्यार्थी अपनी समस्याओं, सुझावों और विचारों को खुलकर साझा कर सकते हैं। सरकार युवाओं की बात सुनने और उनके सुझावों पर विचार करने के लिए हमेशा तत्पर है। उन्होंने कहा कि निरंतर संवाद से ही बेहतर समझ और बेहतर भविष्य का निर्माण संभव है।

इस अवसर पर मीडिया सलाहकार समिति के अध्यक्ष प्रो. गोविंद सिंह, सचिव शिक्षा ज्योति यादव, अपर सचिव नमामि बंसल, महानिदेशक शिक्षा आकांक्षा कोंडे, गोविंद राम जायसवाल, राहुल अग्रवाल, रिया अग्रवाल एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

Uttarakhand : मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों के साथ की वर्चुअल बैठक

Dehradun (Uttarakhand) : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास से प्रदेश के समस्त जिलाधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक कर मानसून की स्थिति, चारधाम यात्रा, कांवड़ यात्रा, आपदा प्रबन्धन, जन-जन के द्वार कार्यक्रम, सत्यापन अभियान, गड्ढा मुक्त सड़के जैसे विभिन्न विषयों पर दिशा निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून के दृष्टिगत सतर्कता बढ़ाते हुए आपदा प्रबंधन तंत्र को पूरी तरह अलर्ट मोड पर रखा जाए। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी अपने फोन चालू रखें और किसी भी परिस्थिति में संपर्क से बाहर न रहें। किसी भी तरह की अनहोनी से निपटने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं एवं तैयारियां सुनिश्चित की जाएं, ताकि मानसून के दौरान आमजन को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मानसून के दौरान आपदा अथवा अत्यधिक वर्षा के कारण जहां-जहां सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं, मार्ग अवरुद्ध या टूटे हैं तथा ड्रेनेज सिस्टम में किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न हुई है, उनका जिलाधिकारी स्तर पर विस्तृत विवरण तैयार किया जाए। उन्होंने कहा ऐसे स्थानों का चिन्हीकरण कर मानसून समाप्त होते ही क्षतिग्रस्त सड़कों, मार्गों एवं ड्रेनेज व्यवस्था के पुनर्निर्माण और मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शुरू किया जाए।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मानसून समाप्त होते ही प्रदेशभर की सड़कों को गड्ढामुक्त करने का अभियान शुरू किया जाए। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि अपने-अपने जिलों में सड़कों को गड्ढामुक्त करने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करते हुए समिति गठित करें और कार्यों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मानसून समाप्त होने के बाद 15 अक्टूबर तक किसी भी स्थिति में प्रदेश की सभी सड़कों को गड्ढामुक्त किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम में मानसून के बाद और तेजी लाई जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों एवं ग्रामों में अभी तक इन शिविरों का आयोजन नहीं हुआ है, वहां प्राथमिकता के आधार पर कैंप आयोजित कर अधिक से अधिक लोगों को सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ पहुंचाया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये शिविर महज औपचारिकता नहीं, बल्कि आमजन की सुविधा और उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान का माध्यम हैं।

मुख्यमंत्री ने 1905 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने राज्यभर में चल रहे सत्यापन अभियान में भी तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं में अपात्र लोगों का चिन्हीकरण कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंच सके। उन्होंने राज्य में स्टेट सेक्टर फिजिकल वेरिफिकेशन में भी तेजी लाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत राज्यभर में 5 वर्ष की अवधि पूर्ण कर चुकी एवं खराब स्थिति वाली सड़कों को चिन्हित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि ऐसी सड़कों की स्थिति का आकलन कर उनके डामरीकरण एवं सुधार के लिए कार्ययोजना तैयार की जाए। साथ ही, आवश्यकता के अनुसार इन सड़कों को लोक निर्माण विभाग को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जाए। जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर एवं सुगम सड़क सुविधा सुनिश्चित हो सके।

मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री घोषणाओं के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों में तेजी लाते हुए उन्हें प्राथमिकता के आधार पर धरातल पर उतारने के निर्देश दिए। उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि घोषणाओं से संबंधित कार्यों की नियमित समीक्षा एवं मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए, ताकि विकास कार्य समयबद्ध रूप से पूर्ण हो सकें और उनका लाभ आमजन तक पहुंच सके।

मुख्यमंत्री ने कांवड़ यात्रा के बाद स्वच्छता अभियान में और तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने नशे के खिलाफ अभियान को प्रभावी बनाते हुए अवैध नशीले पदार्थों की बिक्री एवं तस्करी पर कड़ी कार्रवाई करने तथा ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के भी निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को कृषि, बागवानी एवं पशुपालन से जुड़ी योजनाओं पर विशेष ध्यान देते हुए अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों को इनसे जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का लाभ समयबद्ध एवं प्रभावी तरीके से किसानों, पशुपालकों और ग्रामीणों तक पहुंचाया जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के अवसर बढ़ने के साथ-साथ उत्तराखंड की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को और मजबूती मिल सके।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर.के सुधांशु, वर्चुअल माध्यम से आयुक्त कुमाऊं दीपक रावत, गढ़वाल आनंद स्वरूप, आईजी कुमाऊं निवेदिता कुकरेती, गढ़वाल राजीव स्वरूप एवं सभी जिलों के जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं पुलिस अधीक्षक मौजद रहे।

Uttarakhand : मुख्यमंत्री धामी ने मातृशक्ति से किया सीधा संवाद, महिला सशक्तिकरण को बताया विकास का आधार

Dehradun : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज देहरादून के भाऊवाला में तीज उत्सव के अवसर पर आयोजित महिला संवाद कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिलाओं को सम्मानित किया तथा बड़ी संख्या में उपस्थित मातृशक्ति से आत्मीय संवाद स्थापित करते हुए उनके विचार, सुझाव और अपेक्षाएं सुनीं।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं से खुलकर संवाद करने का आग्रह करते हुए कहा कि सरकार की नीतियां तभी अधिक प्रभावी बनती हैं जब उनमें जनता की आवाज और अनुभव शामिल होते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उत्तराखंड की मातृशक्ति आने वाले समय में भी राज्य के विकास और समृद्धि की सबसे बड़ी शक्ति बनेगी तथा ‘सशक्त नारी–समृद्ध उत्तराखंड’ का संकल्प साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

मुख्यमंत्री ने सभी महिलाओं को तीज पर्व और स्वतंत्रता दिवस की अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए उनके स्नेह, विश्वास और आशीर्वाद के प्रति आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की वास्तविक शक्ति उसकी मातृशक्ति है, जिसने कठिन परिस्थितियों में परिवार, समाज और राज्य को नई दिशा देने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य निर्माण के संघर्ष से लेकर आज के विकास यात्रा तक महिलाओं की भूमिका सदैव प्रेरणादायी रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रदेश की महिलाएं केवल घरेलू दायित्वों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि स्वयं सहायता समूहों, स्वरोजगार, स्थानीय उत्पादों, कृषि, बागवानी, होमस्टे, उद्यमिता और तकनीक आधारित गतिविधियों के माध्यम से आत्मनिर्भरता की नई मिसाल प्रस्तुत कर रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य महिलाओं को केवल योजनाओं का लाभ देना नहीं, बल्कि उन्हें अवसर, सम्मान, नेतृत्व और निर्णय लेने की क्षमता प्रदान करना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भी महिलाओं की शिक्षा, स्वरोजगार, कौशल विकास, आजीविका, स्वास्थ्य और सुरक्षा के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत तथा सहकारी समितियों में 33 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण प्रदान किया गया है। एकल महिला स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री महिला सतत आजीविका योजना, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना और लखपति दीदी योजना के माध्यम से हजारों महिलाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ा गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 2.65 लाख से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं और लाखों महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने के लिए ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ जैसे मंच विकसित किए जा रहे हैं, जबकि ‘ड्रोन दीदी’, ‘सोलर सखी’ और ‘महिला सारथी’ जैसी योजनाओं के माध्यम से उन्हें आधुनिक तकनीक और नए आर्थिक अवसरों से जोड़ा जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मातृशक्ति के स्वास्थ्य और सम्मान को सरकार सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। ईजा-बोई शगुन, महालक्ष्मी किट, पोषण योजनाएं, आंगनबाड़ी एवं आशा कार्यकत्रियों के मानदेय में वृद्धि, नंदा गौरा योजना, वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन तथा वरिष्ठ नागरिकों के लिए निःशुल्क धार्मिक यात्रा जैसी पहलें इसी प्रतिबद्धता का प्रमाण हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य महिलाओं को आत्मनिर्भर, सम्मानित और सशक्त नागरिक के रूप में स्थापित करना है।

इस अवसर पर विधायक सहदेव सिंह पुंडीर सहित अनेक जनप्रतिनिधि, महिला स्वयं सहायता समूहों की सदस्याएं, विभिन्न क्षेत्रों की उत्कृष्ट महिलाएं, सामाजिक कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

Uttar Pradesh : घबराइए मत, कराएंगे हर समस्या का समाधान- सीएम योगी

Gorakhpur/Lucknow : रविवार शाम गोरखपुर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर में रात्रि प्रवास करने के बाद सोमवार सुबह जनता दर्शन में लोगों से मुलाकात की। उन्होंने समस्या लेकर आए सभी लोगों की ध्यान से बात सुनी। उनके प्रार्थना पत्र लिए और आत्मीयता से बोले, ‘घबराइए मत, आपकी समस्या का समाधान जरूर कराया जाएगा।’ जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने पास में मौजूद अधिकारियों को निर्देशित किया कि हर पीड़ित व्यक्ति की समस्या पर संवेदनशीलता से ध्यान दें और उसका त्वरित, गुणवत्तापूर्ण व पारदर्शी निराकरण कराएं।

सोमवार सुबह गोरखनाथ मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सामने आयोजित जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री ने करीब 200 लोगों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को उनका समाधान करने के निर्देश दिए। कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों तक मुख्यमंत्री खुद पहुंचे। अपनत्व के भाव से ‘कहां से आए हैं, क्या बात है’, कहते हुए एक-एक कर सबकी समस्याएं सुनीं। भरोसा दिया कि वह सभी की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित कराएंगे। किसी को भी परेशान होने या घबराने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने प्रार्थना पत्रों को अधिकारियों को हस्तगत करते हुए निर्देश दिया कि हर समस्या का निस्तारण समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और संतुष्टिप्रद होना चाहिए। कुछ लोगों द्वारा जमीन कब्जाने की शिकायत पर उन्होंने कठोर कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए।

गंभीर बीमारियों में इलाज के लिए देंगे पर्याप्त आर्थिक सहायता
जनता दर्शन में कई लोग गंभीर बीमारियों के इलाज में आर्थिक सहायता का अनुरोध लेकर पहुंचे थे। मुख्यमंत्री ने उन्हें भरोसा देते हुए कहा कि इलाज में धन की कमी बाधक नहीं होगी, सरकार पर्याप्त आर्थिक सहायता देगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अस्पताल के एस्टीमेट की प्रक्रिया को जल्द पूर्ण कराकर शासन में भेजें। मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से इलाज के लिए धनराशि दी जाएगी।

मंदिर की गोशाला में सीएम योगी ने की गोसेवा
गोरखनाथ मंदिर प्रवास के दौरान सोमवार सुबह मुख्यमंत्री की दिनचर्या परंपरागत रही। शिवावतार गुरु गोरखनाथ का दर्शन पूजन करने तथा अपने गुरुदेव ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की प्रतिमा समक्ष शीश झुकाने के बाद वह मंदिर परिसर के भ्रमण पर निकले। उन्होंने मंदिर की गोशाला में पहुंचकर गोसेवा की। गोशाला में सीएम योगी ने गोवंश को खूब दुलारा और अपने हाथों से उन्हें गुड़ खिलाया।

Uttar Pradesh : सीएम की अगुवाई में उमड़ा जन-समुद्र, गूंजा राष्ट्र प्रथम का उद्घोष

Gorakhpur/Lucknow : अनगिनत गुब्बारों, झंडों के बीच तिरंगे में रंगा-सजा ढाई किलोमीटर का रास्ता। असंख्य हाथों में लहराता राष्ट्रध्वज तिरंगा, वंदे मातरम और भारत माता की जय के बारंबार तरंगित होते उच्च स्वर। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच पुष्पवर्षा की निर्बाधित श्रृंखला। राष्ट्र प्रथम की भावना से ओतप्रोत, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में सोमवार को निकाली गई तिरंगा यात्रा के जरिये गोरखपुर महानगर भव्य और नयनाभिराम दृश्य का साक्षी बना। नगर निगम परिसर से रेलवे स्टेशन चौक तक निकाली गई इस तिरंगा यात्रा में देशभक्ति की बयार बही तो राष्ट्र प्रथम का उद्घोष गुंजायमान होता रहा। हाथ में तिरंगा लेकर करीब ढाई किलोमीटर तक पदयात्रा करने वाले सीएम योगी पर पुष्पवर्षा करने के लिए गुरु गोरखनाथ की नगरी का हर नागरिक उत्साहित दिखाई दिया।

तिरंगा यात्रा का शुभारंभ करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नगर निगम परिसर के पार्क में स्थापित वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमा पर माल्यार्पण और पुष्पार्चन कर प्रथम स्वातंत्र्य समर में उनके योगदान को याद किया। तत्पश्चात मंच पर पहुंचकर उन्होंने भारत माता के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। अपने संबोधन के जरिये तिरंगा को केंद्र में रखकर उन्होंने लोगों में राष्ट्र प्रथम और देशभक्ति की भावना का संचार किया। इसके बाद वह टाउन हाल पहुंचे और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर तिरंगा यात्रा की अगुवाई करते आगे बढ़े। तिरंगा यात्रा में सीएम के साथ सांसद रविकिशन शुक्ल, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव और अन्य जनप्रतिनिधि साथ-साथ कदम बढ़ा रहे थे। और, इनके समानांतर चल रहे थे उत्साह से सराबोर स्कूली बच्चे। सबके हाथ में लहरा रहा था राष्ट्रध्वज और राष्ट्रभक्ति के नारों से पूरा क्षेत्र गूंज रहा था।

यात्रा शुरू होने से पहले ही नगर निगम परिसर में बड़ी संख्या में लोग जुट चुके थे। देशभक्ति के गीतों के बीच स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थी, एनसीसी कैडेट्स और समाज के विभिन्न वर्गों के लोग तिरंगा लेकर पहुंचे थे। बड़ी संख्या में लोग ‘हर घर तिरंगा’ अभियान की टी-शर्ट व कैप पहने हुए थे। यात्रा जैसे-जैसे आगे बढ़ी, लोगों का उत्साह भी बढ़ता गया। सीएम योगी की अगुवाई वाली तिरंगा यात्रा में अपार जनसमूह शामिल हुआ। सभी लोग हाथों में तिरंगा झंडा लहराते हुए चल रहे थे। ऐसा लग रहा था मानो सड़कों पर तिरंगे के साथ जनसमुद्र उमड़ पड़ा हो। जैसे जैसे यात्रा आगे बढ़ती रही, पूरा मार्ग राष्ट्रीय ध्वज के रंगों से प्रतिबिंबित होता रहा। तिरंगा यात्रा में वंदे मातरम और भारत माता की जय के नारे देशभक्ति के ज्वार का माहौल बना रहे थे। नगर निगम से लेकर रेलवे स्टेशन चौक स्थित महाराणा प्रताप की प्रतिमा तक सड़क के किनारे पहले से मौजूद हर उम्र वर्ग के लोगों, विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक, व्यापारिक संगठनों के लोगों ने जयघोष के बीच पुष्पवर्षा कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्वागत किया। सीएम ने मुस्कुराते हुए सभी का अभिवादन स्वीकार किया। पदयात्रा करते हुए मुख्यमंत्री रेलवे स्टेशन के सामने स्थित महाराणा प्रताप की प्रतिमा तक पहुंचे। यहां उन्होंने प्रतिमा पर पुष्पार्चन कर यात्रा को विराम दिया। महाराणा प्रताप की प्रतिमा के पास मुख्यमंत्री ने तिरंगे गुब्बारे छोड़े और इसके बाद सेल्फी लेकर उन्होंने इस पल को कैमरे में कैद किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कुछ बच्चों को चॉकलेट भी दी।

16 स्थानों पर हुआ तिरंगा यात्रा का भव्य स्वागत
तिरंगा यात्रा के मार्ग पर 16 स्थानों पर विभिन्न संगठनों की तरफ से ढोल-नगाड़ों की गूंज के साथ पुष्पवर्षा कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली तिरंगा यात्रा का भव्य स्वागत किया गया। होटल शिवाय के सामने दवा विक्रेता समिति, पतंजलि स्टोर के सामने मारवाड़ी युवा मंच, कचहरी चौक पर अधिवक्ता परिषद, कृपाल वस्त्रालय के सामने सिंधी समाज, जलकल के सामने गोलघर व्यापार मंडल, गांधी आश्रम के सामने मोबाइल एवं इलेक्ट्रॉनिक सेवा समिति, बलदेव प्लाजा के सामने बलदेव प्लाजा व्यापार एसोसिएशन, गणेश चौक पर सिख समाज, नेशनल मेडिकल स्टोर के समीप अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल, काली मंदिर के पास पार्षद मनु जायसवाल, साइबर थाना के सामने पूर्वांचल उद्योग व्यापार मंडल, पुलिस लाइन तिराहा पर सराफा मंडल, सीओ कार्यालय के सामने अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल, यातायात तिराहा पर राप्ती कॉम्प्लेक्स व्यापार एसोसिएशन, मालकिन होटल के पास चिकित्सा प्रकोष्ठ और वरदान होटल के सामने शिक्षक प्रकोष्ठ की तरफ से यात्रा का भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।

8 स्थानों पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से तिरंगा यात्रा का अभिनंदन
तिरंगा यात्रा को यादगार बनाने के लिए संस्कृतिकर्मियों और लोक कलाकारों ने भी कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी। यात्रा का 8 स्थानों पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अभिनंदन किया गया। होटल शिवाय के पास बंटी बाबा ग्रुप, कचहरी चौक पर सोनिका सिंह ग्रुप, जलकल पर सुगम सिंह ग्रुप, गोलघर सेंट्रल के सामने रुचि कोरी ग्रुप, काली मंदिर के पास हीना कोमल शर्मा ग्रुप, पुलिस लाइन तिराहा पर प्रेम पराया ग्रुप, यातायात तिराहा पर गजेंद्र ग्रुप और वरदान होटल के पास विंध्याचल आजाद ग्रुप ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।

तिरंगा यात्रा को मोबाइल कैमरों में कैद करने की होड़
तिरंगा यात्रा का दृश्य ऐसा अपूर्व था कि सड़क के किनारे खड़े लोगों में इसे अपने मोबाइल कैमरों में कैद करने और रील बनाने की होड़ मची रही। रोड के डिवाइडर पर, दुकानों के बाहर, घर की छतों पर हर व्यक्ति तिरंगा यात्रा की याद को तस्वीरों के जरिये अहर्निश जीवंत बनाने को आतुर दिखाई दिया।

Uttar Pradesh : गो संरक्षण से गांवों में खुलेगा कमाई का नया रास्ता, 10 रुपये लीटर खरीदा जाएगा गोमूत्र

Lucknow News : सीएम योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप गो संरक्षण को ग्रामीण अर्थव्यवस्था, महिला सशक्तीकरण और जैविक खेती से जोड़ने की दिशा में नई पहल शुरू हुई है। बुलंदशहर में किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) के माध्यम से पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर गोमूत्र की खरीद शुरू की गई है। किसानों और पशुपालकों से 10 रुपये प्रति लीटर की दर से गोमूत्र खरीदा जा रहा है। पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद इस मॉडल को प्रदेश के अन्य हिस्सों तक पहुंचाने की तैयारी है। इससे गोवंश पालने वाले परिवारों को दूध के साथ गोमूत्र से भी अतिरिक्त आमदनी का रास्ता मिल सकेगा।

बुलंदशहर की स्याना तहसील के नरसैना गांव में डॉ. प्रवीण के नेतृत्व में एफपीओ के जरिए शुरू हुए इस प्रयोग से आसपास के 15 गांवों को जोड़ा गया है। इन गांवों में गोमूत्र एकत्र करने के लिए स्थानीय स्तर पर केंद्र बनाए गए हैं। वर्तमान में इन केंद्रों के माध्यम से प्रतिदिन करीब 500 लीटर गोमूत्र एकत्र किया जा रहा है। आगे खरीद की दर बढ़ाकर इसे 20 रुपये प्रति लीटर करने की भी योजना है।

गांवों में लगाए गए 200 लीटर क्षमता के टैंक

गोमूत्र के संग्रहण के लिए गांवों में 200 लीटर क्षमता के टैंक लगाए गए हैं। इससे पशुपालकों को गोमूत्र बेचने के लिए दूर नहीं जाना पड़ता। गांव में ही इसकी खरीद और संग्रह की व्यवस्था की गई है। स्थानीय स्तर पर संग्रहण की व्यवस्था होने से पशुपालकों, विशेषकर महिलाओं को इससे जोड़ना आसान हुआ है।

इस पूरी व्यवस्था में ग्रामीण महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। गांवों में गोमूत्र एकत्र करने में सहयोग करने वाली महिलाओं को प्रति लीटर दो रुपये कमीशन दिया जा रहा है। इससे महिलाओं के लिए भी गांव में रहते हुए अतिरिक्त आमदनी का एक नया जरिया तैयार हुआ है।

300 महिलाएं बनीं शेयरहोल्डर

डॉ. प्रवीण ने बताया कि इस पहल को केवल गोमूत्र की खरीद-बिक्री तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि इसे महिला सशक्तीकरण से भी जोड़ा गया है। करीब 300 महिलाओं के सहयोग से यह काम शुरू किया गया है और इन सभी महिलाओं को शेयरहोल्डर बनाया गया है। इससे महिलाएं केवल संग्रहण व्यवस्था का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि इस पूरे आर्थिक मॉडल से सीधे जुड़ी हुई हैं।

गोमूत्र संग्रह के एवज में मिलने वाला कमीशन महिलाओं के लिए छोटी आय का नियमित साधन बन रहा है। इसका दायरा बढ़ने पर अधिक संख्या में ग्रामीण महिलाओं को इससे जोड़ने की संभावना है। खासतौर पर गोपालन करने वाले परिवारों की महिलाओं के लिए यह घर और गांव में रहते हुए आमदनी बढ़ाने का जरिया बन सकता है।

जड़ी-बूटियों और गोमूत्र से तैयार हो रहीं दवाएं

एकत्र किए गए गोमूत्र का उपयोग खेती के लिए उपयोगी उत्पाद तैयार करने में किया जा रहा है। गोमूत्र में विभिन्न जड़ी-बूटियों को मिलाकर खेतों में इस्तेमाल होने वाली दवाएं तैयार की जाती हैं। इन्हें बाद में समितियों के माध्यम से किसानों तक पहुंचाया जाता है।

इस मॉडल का उद्देश्य खेती में रासायनिक उत्पादों के विकल्प के रूप में गोमूत्र आधारित उत्पादों को बढ़ावा देना भी है। इससे एक तरफ गोवंश से मिलने वाले उत्पादों का उपयोग बढ़ेगा तो दूसरी तरफ प्राकृतिक और जैविक खेती को भी प्रोत्साहन मिल सकेगा। तैयार उत्पादों की बिक्री समितियों को किए जाने से इसके लिए स्थानीय स्तर पर बाजार की व्यवस्था भी विकसित की जा रही है।

दूध के साथ गोमूत्र से भी होगी कमाई

अभी तक ग्रामीण क्षेत्रों में गोपालन से होने वाली आय मुख्य रूप से दूध और दुग्ध उत्पादों पर निर्भर रहती है। इस प्रयोग के जरिए गोमूत्र को भी आर्थिक संसाधन के रूप में विकसित करने की कोशिश की जा रही है। 10 रुपये प्रति लीटर की दर से खरीद होने पर पशुपालकों को गोवंश से अतिरिक्त आमदनी हो सकती है। आगे इसे 20 रुपये प्रति लीटर तक ले जाने की योजना सफल होती है तो पशुपालकों की आय में और वृद्धि हो सकती है।
गोवंश से दूध के अतिरिक्त दूसरे उत्पादों के जरिए भी आय होने पर उनके संरक्षण को आर्थिक आधार मिल सकता है। गोमूत्र की नियमित खरीद की व्यवस्था विकसित होने से गोपालकों को पशुओं की देखभाल के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन मिलेगा।

जैविक खेती और गो संरक्षण को एक साथ बढ़ावा

गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि बुलंदशहर में शुरू हुए इस मॉडल को गो संरक्षण, ग्रामीण रोजगार, महिला सशक्तीकरण और जैविक/प्राकृतिक खेती को एक साथ जोड़ने वाले प्रयोग के रूप में देखा जा रहा है। इसमें गांव से गोमूत्र का संग्रह होता है, महिलाओं को इससे आय मिलती है और एकत्र गोमूत्र से खेती के लिए उत्पाद तैयार कर उन्हें समितियों के माध्यम से बाजार तक पहुंचाया जाता है। यह पूरी तरह से केमिकल मुक्त है और फसलों की वृद्धि में सहायक होता है।

पायलट प्रोजेक्ट के अनुभवों के आधार पर इसे प्रदेश के दूसरे क्षेत्रों में विस्तार देने की योजना है। इससे गांवों में गोमूत्र संग्रह केंद्रों का नेटवर्क विकसित होगा, जिससे पशुपालकों के लिए आय का अतिरिक्त स्रोत तैयार होने के साथ गो संरक्षण को भी आर्थिक रूप से टिकाऊ बनाने में मदद मिल सकती है।

Noida Crime: बंद मकानों की रेकी कर करते थे चोरी, दो आरोपी गिरफ्तार

Noida Crime: बंद मकानों की रेकी कर करते थे चोरी, दो आरोपी गिरफ्तार

नोएडा। बीटा-2 कोतवाली पुलिस ने बंद मकानों और निर्माणाधीन इमारतों को निशाना बनाकर चोरी करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी किए गए 37 लोहे के पाइप, वारदात में इस्तेमाल सीएनजी ऑटो रिक्शा और दो अवैध चाकू बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हमीरपुर निवासी हरिशंकर और दिल्ली निवासी शेरू के रूप में हुई है।

पुलिस के अनुसार दोनों आरोपियों को रविवार को सेक्टर सिग्मा-1 के सर्विस रोड के पास से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में सामने आया कि हरिशंकर ऑटो चलाने की आड़ में दिन और रात के समय अलग-अलग सेक्टरों में घूमता था। इस दौरान वह ऐसे मकानों और निर्माणाधीन इमारतों की रेकी करता था, जहां लोग मौजूद नहीं होते थे।

रेकी करने के बाद दोनों आरोपी बंद मकानों और निर्माणाधीन भवनों से लोहा, स्टील, पीतल और अन्य कीमती सामान चोरी कर ऑटो में भरकर ले जाते थे। इसके बाद चोरी किए गए सामान को बेचकर अवैध रूप से रुपये कमाते थे।

पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने 30 जुलाई को सेक्टर-36 स्थित ई-87 की निर्माणाधीन इमारत से लोहे के पाइप सहित अन्य सामान चोरी किया था। घटना के संबंध में पीड़ित ने 31 जुलाई को बीटा-2 कोतवाली में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

जांच के दौरान पुलिस ने दोनों आरोपियों की पहचान की और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उनके कब्जे से चोरी के 37 लोहे के पाइप, वारदात में इस्तेमाल सीएनजी ऑटो और दो अवैध चाकू बरामद किए हैं। दोनों आरोपियों के खिलाफ चोरी और आयुध अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।

 


 

Noida Society: बालकनी की छत का प्लास्टर गिरा, बाल-बाल बचे लोग

Noida Society: बालकनी की छत का प्लास्टर गिरा, बाल-बाल बचे लोग

नोएडा। सेक्टर-82 स्थित मधुबन अपार्टमेंट की एमआईजी सोसाइटी में रविवार को एक फ्लैट की बालकनी की छत का प्लास्टर अचानक गिर गया। गनीमत रही कि जिस समय प्लास्टर गिरा, उस समय बालकनी के नीचे कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था। घटना के बाद सोसाइटी के लोगों में डर का माहौल है।

स्थानीय निवासियों के मुताबिक, करीब 23 साल पुरानी इस सोसाइटी में इमारतों से प्लास्टर गिरने की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। कई स्थानों पर बालकनी और छत के प्लास्टर में दरारें दिखाई दे रही हैं। लोगों को आशंका है कि समय रहते इमारतों की मरम्मत और सुरक्षा जांच नहीं कराई गई तो भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है।

रविवार को बालकनी की छत से प्लास्टर का हिस्सा गिरने के बाद सोसाइटी के लोगों ने संबंधित अधिकारियों से मामले का संज्ञान लेने की मांग की। निवासियों का कहना है कि पुरानी इमारतों की नियमित जांच कर उनकी मरम्मत कराना जरूरी है, ताकि कमजोर हिस्सों के गिरने से किसी व्यक्ति की जान को खतरा न हो।

आरडब्ल्यूए अध्यक्ष रमेश यादव ने बताया कि प्राधिकरण से समय-समय पर सोसाइटी की मरम्मत कराने की मांग की जाती रही है। उन्होंने कहा कि पहले भी इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद प्राधिकरण के अधिकारियों की ओर से पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने सोसाइटी की इमारतों की सुरक्षा जांच कराने और जरूरी मरम्मत जल्द कराने की मांग की है।

Hospital Negligence: इलाज के बाद शरीर में पाइप का हिस्सा रह जाने का आरोप, परिजनों ने अस्पताल में किया हंगामा

Hospital Negligence: इलाज के बाद शरीर में पाइप का हिस्सा रह जाने का आरोप, परिजनों ने अस्पताल में किया हंगामा

नोएडा। साइट-4 स्थित एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मरीज के शरीर के अंदर पाइप का हिस्सा रह जाने का आरोप लगाते हुए परिजनों ने रविवार को जमकर हंगामा किया। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर उपचार में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। सूचना मिलने पर बीटा-2 कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और मामले को शांत कराया। हालांकि, इस मामले में परिजनों की ओर से पुलिस को अभी कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई है।

अलीगढ़ के बसौली गांव निवासी जितेंद्र सिंह सड़क हादसे में घायल होने के बाद निजी अस्पताल में उपचार करा रहे हैं। परिजनों के मुताबिक, उनकी सर्जरी के दौरान यूरिन के लिए यूरेथ्रा में पाइप डाली गई थी। आरोप है कि उपचार के बाद पाइप की आधी नली मरीज के शरीर के अंदर ही रह गई।

परिजनों का कहना है कि बाद में जब उन्हें इस बात की जानकारी हुई तो उन्होंने अस्पताल के यूरोलॉजी विभाग के डॉक्टर से पाइप का हिस्सा निकालने के लिए ऑपरेशन करने का अनुरोध किया। आरोप है कि डॉक्टर ने ऑपरेशन करने से इनकार कर दिया। इसके बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया।

परिजनों के अनुसार, उन्होंने मामले में पुलिस से भी मदद मांगी। उनका आरोप है कि पुलिस की ओर से उन्हें मरीज को अस्पताल से लेकर जाने के लिए कहा गया। वहीं, एच्छर चौकी प्रभारी उमेश सैनी ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मामला इलाज के बाद भुगतान को लेकर हुए विवाद से जुड़ा है। मरीज को डिस्चार्ज नहीं किया जा रहा था। उन्होंने बताया कि परिजनों की ओर से अभी कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई है। सोमवार को अस्पताल प्रबंधन और मरीज के परिजनों के बीच बातचीत होनी है। शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

 


 

New Delhi : भारत सरकार ने 11 नए अंतरराष्ट्रीय पोर्ट जोड़े, ई-वीजा धारकों के लिए प्रवेश हुआ आसान

New Delhi : ई-वीजा धारक विदेशी नागरिकों के भारत में प्रवेश को और सुगम बनाने के लिए भारत सरकार ने 11 नए अंतरराष्ट्रीय पोर्ट्स को अधिसूचित किया है। इसके साथ ही अब ई-वीजा के जरिए भारत में प्रवेश करने वाले पोर्ट्स की कुल संख्या बढ़कर 88 हो गई है।

नए जोड़े गए 11 पोर्ट्स में 9 लैंड पोर्ट्स और 2 हवाई अड्डे शामिल हैं। इनमें अगरतला, दर्रांगा, गेडे, घोजाडांगा, हरिदासपुर, जयगांव, डावकी, मोरेह, अटारी रोड, भोपाल और तिरुपति शामिल हैं।

सरकार के अनुसार अब ई-वीजा और भी आकर्षक और उपयोगी हो गया है। भारत लगभग 95 प्रतिशत ई-वीजा आवेदन 72 घंटे से भी कम समय में प्रोसेस कर देता है। वर्तमान में भारत कुल वीजाओं का करीब 78 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक रूप में जारी कर रहा है।

अधिकारियों ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में वैध विदेशी यात्रियों की सुविधा के लिए वीजा व्यवस्था को उदार, सुव्यवस्थित और सरल बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण पहल की गई हैं। इसके साथ ही आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए तकनीकी बुनियादी ढांचे को भी बेहतर किया गया है।

11 नए पोर्ट्स जुड़ने के बाद अब ई-वीजाधारक विदेशी नागरिक 37 हवाई अड्डों, 38 बंदरगाहों और 13 लैंड पोर्ट्स सहित कुल 88 अंतरराष्ट्रीय पोर्ट्स के माध्यम से भारत में प्रवेश कर सकते हैं।

ई-वीजा सुविधा की शुरुआत 2014 में 43 देशों के नागरिकों के लिए हुई थी। वर्तमान में यह सुविधा 172 देशों के नागरिकों को 17 उप-श्रेणियों में उपलब्ध है। इनमें पर्यटक, बिजनेस, मेडिकल, स्टूडेंट, सम्मेलन, ट्रांजिट और ग्रुप विजिटर वीजा जैसी श्रेणियां शामिल हैं।