Uttar Pradesh : श्री कृष्ण जन्मभूमि मंदिर मुक्ति के लिए कार सेवा का ऐलान करने वाले स्वामी सच्चिदानंद हाउस अरेस्ट, गोवर्धन पुलिस ने आश्रम पर डाला डेरा

Mathura : श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति के लिए श्री राम जन्मभूमि अयोध्या की तर्ज पर कार सेवा का ऐलान करने वाले चित्रगुप्त पीठाधीश्वर स्वामी सच्चिदानंद महाराज पर प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के उद्देश्य से गोवर्धन पुलिस ने उन्हें कानूनी नोटिस थमाकर आश्रम पर डेरा डाल दिया है। बिना अनुमति के स्वामी सच्चिदानंद अब आश्रम से बाहर नहीं जा सकेंगे।

राधाकुंड क्षेत्र स्थित जुलहेंदी गांव के चित्रगुप्त पीठ के पीठाधीश्वर स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने 4 जुलाई को श्री कृष्ण जन्मभूमि मंदिर मुक्ति के लिए अयोध्या की तर्ज पर कार सेवा कर विवादित गुंबद तोड़ने का ऐलान किया था। इसके बाद 12 जुलाई को उन्होंने हरिद्वार स्थित वात्सल्य गंगा आश्रम में साध्वी ऋतंभरा से मुलाकात कर समर्थन मांगा था। इसके उपरांत अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रविंद्र पुरी महाराज और निर्मोही अखाड़े के राष्ट्रीय प्रवक्ता संत सीताराम दास ने भी कार सेवा के समर्थन की घोषणा कर दी थी।
देशभर के संतों और धर्मगुरुओं से समर्थन मिलने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया। चूंकि मंदिर और शाही ईदगाह का मामला हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में लंबित है, ऐसे में आपसी सौहार्द प्रभावित न हो, इसे देखते हुए पुलिस प्रशासन ने 15 जुलाई को आश्रम पहुंचकर स्वामी सच्चिदानंद महाराज को कानूनी नोटिस दिया। 16 जुलाई को स्वामी सच्चिदानंद को अयोध्या जाना था, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने आश्रम में हाउस अरेस्ट कर उनके बाहर निकलने पर रोक लगा दी।
स्वामी सच्चिदानंद के हाउस अरेस्ट की खबर लगते ही अनुयायी भक्त चिंतित हो गए और दूर-दराज से चित्रगुप्त आश्रम पहुंचकर उनसे आगे की रणनीति पर चर्चा करने लगे।
स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने कहा कि हाथरस में सीएम योगी द्वारा श्री कृष्ण जन्मभूमि मंदिर को लेकर दिए गए बयान के बाद उन्होंने 9 अगस्त को कार सेवा का आह्वान किया था। पूरे देश के साधु-संत और धर्मगुरुओं ने समर्थन किया है, लेकिन प्रशासन अपनी हठधर्मिता पर उतर आया है। पहले नोटिस दिया और फिर आधी रात को बड़ी संख्या में पुलिस भेजकर हाउस अरेस्ट कर दिया गया।





