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Noida Safety Drive: नोएडा में 163 पब-बार की बड़े स्तर पर जांच शुरू, गोवा हादसे के बाद प्रशासन सतर्क — बिजली, फायर और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम सक्रिय

Noida Safety Drive: नोएडा में 163 पब-बार की बड़े स्तर पर जांच शुरू, गोवा हादसे के बाद प्रशासन सतर्क — बिजली, फायर और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम सक्रिय

गोवा के नाइट क्लब में हाल ही में हुए भीषण अग्निकांड के बाद पूरे देश में नाइटलाइफ स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे हैं। इसी के बाद गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा के पब, बार और रेस्तरां पर कड़ा रुख अपनाया है। शहर में कुल 163 पब-बार और रेस्तरां की सुरक्षा मानकों की जांच के लिए बड़ा अभियान शुरू किया गया है। इसके लिए पुलिस कमिश्नर ने बिजली विभाग, फायर विभाग और आबकारी विभाग की एक संयुक्त टीम गठित की है, जो लगातार औचक निरीक्षण कर रही है।

अधिकारियों के अनुसार, जहां भी कमियां पाई जाएंगी, संचालकों को तुरंत सुधार का अल्टीमेटम दिया जाएगा। आदेश है कि प्रत्येक स्थान पर capcity management यानी निर्धारित क्षमता जितने ही लोगों को प्रवेश दिया जाएगा। भीड़ बढ़ाने और अवैध रूप से संचालन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

फायर सेफ्टी सिस्टम, इमरजेंसी एग्जिट और इलेक्ट्रिक वायरिंग की जांच

जांच टीम फायर फाइटिंग इक्विपमेंट, इमरजेंसी एग्जिट, प्रवेश-निकास मार्ग, आपातकालीन लाइटिंग, और बिजली वायरिंग सहित सभी तकनीकी और सुरक्षा बिंदुओं की जांच कर रही है। CFO प्रदीप चौबे ने स्पष्ट किया कि किसी भी बार को टेंट संरचना में संचालन की अनुमति नहीं है, और नियमों का उल्लंघन मिलने पर संचालकों को नोटिस जारी किया जाएगा।

लाइसेंस रद्द करने की चेतावनी

प्राधिकरण ने चेतावनी दी है कि हीलाहवाली करने वाले संचालकों के बार लाइसेंस रद्द किए जा सकते हैं।
25 दिसंबर (क्रिसमस) और 1 जनवरी (नए साल के जश्न) से पहले यह अभियान इसलिए तेज किया गया है, ताकि भीड़भाड़ वाले आयोजनों में कोई खतरा न हो।

अधिकारियों ने विशेष रूप से निर्देश दिया है कि बार और पब में इलेक्ट्रिक फायर क्रैकर्स, स्पार्कलर मशीनें, फ्लेम शॉट्स या किसी भी प्रकार के आतिशबाज़ी इफ़ेक्ट का प्रयोग न किया जाए, क्योंकि यह आग और विस्फोट की बड़ी वजह बन सकते हैं।

अभियान फिलहाल लगातार जारी रहेगा और हर पब-बार में सुरक्षा मानकों के पालन को अनिवार्य बनाया जाएगा, ताकि गोवा जैसी त्रासदी की पुनरावृत्ति नोएडा में न हो।

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