Noida Rally: संजय निषाद का विपक्ष पर हमला, बोले बीजेपी गठबंधन मजबूत और पवित्र, नोएडा में होगी बड़ी महारैली

Noida Rally: संजय निषाद का विपक्ष पर हमला, बोले बीजेपी गठबंधन मजबूत और पवित्र, नोएडा में होगी बड़ी महारैली
उत्तर प्रदेश के उत्तर प्रदेश के नोएडा में निषाद पार्टी की प्रस्तावित महारैली से पहले राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद ने कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि इन दलों ने मछुआ, कश्यप और निषाद समाज को सिर्फ वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया है, लेकिन उनके अधिकारों और विकास पर कोई ध्यान नहीं दिया।
नोएडा मीडिया क्लब में पत्रकार वार्ता के दौरान डॉ. संजय निषाद ने कहा कि उनकी पार्टी अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश में संगठन को मजबूत करने के लिए पूरी तरह तैयार है। इसी कड़ी में 5 अप्रैल को नोएडा इंडोर स्टेडियम में होने वाली महारैली को ऐतिहासिक बनाने की तैयारी चल रही है। यह रैली महर्षि कश्यप जयंती के अवसर पर आयोजित की जा रही है, जिसे पार्टी पश्चिमी यूपी में अपनी ताकत के प्रदर्शन के रूप में देख रही है।
उन्होंने दावा किया कि संजय निषाद और भारतीय जनता पार्टी का गठबंधन बेहद मजबूत और “पवित्र” है, जो समाज के विकास और सम्मान के लिए काम कर रहा है। उन्होंने विपक्षी दलों पर आरोप लगाते हुए कहा कि वर्षों से निषाद समाज को केवल राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया गया है, जबकि जमीनी स्तर पर उनके हितों की अनदेखी की गई।
डॉ. निषाद ने यह भी बताया कि पार्टी पहले ही गोरखपुर और प्रयागराज में सफल रैलियां कर चुकी है, जहां बड़ी संख्या में मछुआ समाज के लोगों ने भाग लिया और अपने अधिकारों की आवाज उठाई। उन्होंने कहा कि नोएडा की यह रैली पार्टी के विस्तार और जनाधार को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगी।
उन्होंने आगे कहा कि पहले यह रैली मेरठ में प्रस्तावित थी, लेकिन अब इसे गौतमबुद्ध नगर स्थानांतरित किया गया है। इसका कारण उन्होंने दनकौर क्षेत्र को ऐतिहासिक रूप से वीर एकलव्य से जुड़ा बताया और इसे सामाजिक संदेश से जोड़ते हुए रैली स्थल परिवर्तन का निर्णय बताया।
पार्टी नेताओं के अनुसार इस कार्यक्रम में निषाद, केवट, मल्लाह, बिंद, कहार, धीवर, कश्यप और अन्य पिछड़े वर्गों के लोग बड़ी संख्या में शामिल होंगे। साथ ही गुर्जर समाज के कई प्रतिनिधियों के भी समर्थन की बात कही गई है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह रैली पश्चिमी उत्तर प्रदेश की जातीय राजनीति में नया समीकरण बना सकती है, खासकर ऐसे समय में जब सभी दल आगामी चुनावों की रणनीति को मजबूत करने में जुटे हैं।




