Noida Murder Case: गैर इरादतन हत्या केस में चार आरोपियों की जमानत खारिज, अदालत ने कहा—अपराध गंभीर

Noida Murder Case: गैर इरादतन हत्या केस में चार आरोपियों की जमानत खारिज, अदालत ने कहा—अपराध गंभीर
नोएडा। थाना दनकौर क्षेत्र में दर्ज गैर इरादतन हत्या के मामले में अदालत ने चार आरोपियों—मोहित, सोनू, मनोज उर्फ मुन्नू और मनीष—की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि अपराध की गंभीरता, उपलब्ध साक्ष्यों और केस डायरी के अवलोकन के आधार पर आरोपियों को जमानत देने का पर्याप्त आधार नहीं बनता।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, वादी वीरेन्द्र की ओर से दर्ज प्राथमिकी में आरोप लगाया गया कि 11 सितंबर 2025 की रात करीब आठ बजे केशव अपने चचेरे भाइयों गौरव और अनुज के साथ मनीष प्रजापति के घर गया था। उस समय पड़ोसियों के बीच विवाद चल रहा था। आरोप है कि बीच-बचाव करने पर नामजद आरोपियों ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया।
हमले में गौरव, अनुज और केशव गंभीर रूप से घायल हो गए। गौरव के सिर और दाहिने हाथ में फ्रैक्चर आया था। उसे उपचार के लिए दिल्ली स्थित Safdarjung Hospital में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इसके बाद मामले में धारा परिवर्तित कर गैर इरादतन हत्या से संबंधित गंभीर धाराएं जोड़ी गईं।
जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने दलील दी कि आरोपियों को रंजिशन फंसाया गया है और कथित बरामदगी फर्जी है। वहीं अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया कि मामला मानव वध से जुड़ा गंभीर अपराध है और आरोपियों की संलिप्तता प्रथम दृष्टया स्पष्ट है।
अदालत ने केस डायरी, उपलब्ध साक्ष्यों और पत्रावली का अवलोकन करने के बाद पाया कि आरोपियों के नाम प्रथम सूचना रिपोर्ट में दर्ज हैं। साथ ही स्वतंत्र साक्षियों के बयान और सीसीटीवी फुटेज के अवलोकन में भी उनकी संलिप्तता सामने आई है। अदालत ने यह भी उल्लेख किया कि सहआरोपियों की जमानत पूर्व में निरस्त की जा चुकी है, ऐसे में समान परिस्थितियों में अन्य आरोपियों को राहत देना उचित नहीं होगा।
इन तथ्यों को ध्यान में रखते हुए अदालत ने चारों आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज कर दी। मामले में आगे की सुनवाई नियमानुसार जारी रहेगी।
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