Noida Airport Update: उद्घाटन के बाद फंसा पेंच, उड़ानों के लिए करना होगा और इंतजार

Noida Airport Update: उद्घाटन के बाद फंसा पेंच, उड़ानों के लिए करना होगा और इंतजार
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से हवाई यात्रा शुरू होने का इंतजार कर रहे लोगों के लिए एक अहम अपडेट सामने आया है। एयरपोर्ट का उद्घाटन होने के बावजूद यहां से उड़ान सेवाएं शुरू होने में अभी और समय लग सकता है। इसकी वजह एयरपोर्ट सुरक्षा प्रोग्राम को अभी तक मंजूरी न मिलना है, जो विमान संचालन शुरू करने के लिए अनिवार्य प्रक्रिया मानी जाती है।
जानकारी के अनुसार, नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो (BCAS) ने अभी तक एयरपोर्ट के सुरक्षा प्रोग्राम को स्वीकृति नहीं दी है। इसके पीछे एक तकनीकी और नियम आधारित कारण सामने आया है। एयरपोर्ट का संचालन करने वाली कंपनी यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (YIAPL) के सीईओ विदेशी नागरिक हैं, जो इस प्रक्रिया में बाधा बन रहे हैं। नियमों के अनुसार, एयरपोर्ट सुरक्षा प्रोग्राम को मंजूरी देने के लिए संचालक कंपनी का सीईओ भारतीय नागरिक होना जरूरी होता है।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को 6 मार्च को नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) से एयरोड्रम लाइसेंस मिल चुका है, जिसके बाद उम्मीद जताई जा रही थी कि जल्द ही यहां से उड़ानें शुरू हो जाएंगी। 28 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा एयरपोर्ट का लोकार्पण भी किया जा चुका है, जिससे लोगों की उम्मीदें और बढ़ गई थीं। हालांकि, सुरक्षा प्रोग्राम की मंजूरी में देरी के कारण फिलहाल संचालन शुरू नहीं हो सका है।
एयरपोर्ट का विकास और संचालन यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है, जो ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी की भारतीय स्पेशल परपज व्हीकल (SPV) है। यह परियोजना पूरी तरह से विदेशी निवेश (FDI) पर आधारित है। कंपनी के सीईओ क्रिस्टोफ श्नेलमैन स्विट्जरलैंड के नागरिक हैं, और यही कारण अब सुरक्षा मंजूरी में तकनीकी अड़चन बन गया है।
बताया जा रहा है कि एयरपोर्ट सुरक्षा प्रोग्राम के लिए कंपनी ने 8 मार्च को आवेदन कर दिया था, लेकिन नियमों के कारण अब तक इसकी मंजूरी नहीं मिल सकी है। अधिकारियों के अनुसार, इस समस्या के समाधान के लिए प्रयास जारी हैं और जल्द ही कोई रास्ता निकाला जा सकता है।
महत्वपूर्ण बात यह है कि एयरपोर्ट सुरक्षा प्रोग्राम को मंजूरी मिलने के बाद भी उड़ान सेवाएं तुरंत शुरू नहीं होंगी। इसके बाद कम से कम एक से डेढ़ महीने का समय और लगेगा, क्योंकि इस दौरान एयरलाइंस और एयरपोर्ट से जुड़ी सभी एजेंसियों को अपने कर्मचारियों के लिए एंट्री पास जारी कराने होंगे। इसके लिए उन्हें BCAS में आवेदन करना होगा, जिसके बाद ही उन्हें एयरपोर्ट परिसर में काम करने की अनुमति मिलेगी।
इस देरी के चलते यात्रियों को अभी और इंतजार करना पड़ सकता है, लेकिन अधिकारियों का दावा है कि प्रक्रिया को जल्द पूरा करने की दिशा में काम किया जा रहा है। जैसे ही सभी जरूरी मंजूरियां मिल जाएंगी, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान सेवाएं शुरू कर दी जाएंगी, जिससे दिल्ली-एनसीआर के लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।





