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Noida International Airport NOC: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को मिली सुरक्षा मंजूरी, अब DGCA निरीक्षण के बाद उड़ानें होंगी शुरू

Noida International Airport NOC: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को मिली सुरक्षा मंजूरी, अब DGCA निरीक्षण के बाद उड़ानें होंगी शुरू

नोएडा के जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को बड़ी प्रशासनिक सफलता मिली है। एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था को मानकों के अनुरूप पाए जाने के बाद नगर विमानन सुरक्षा ब्यूरो (BCAS) ने एयरपोर्ट को नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) जारी कर दिया है। इस मंजूरी के साथ ही एयरपोर्ट को एयरोड्रम लाइसेंस मिलने का रास्ता लगभग साफ हो गया है, जिसके बाद यहां से हवाई सेवाएं शुरू की जा सकेंगी।

एयरपोर्ट से जुड़े अधिकारियों के अनुसार अब अगला चरण नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के निरीक्षण का होगा। DGCA की टीम जल्द ही एयरपोर्ट का दौरा करेगी और सभी तकनीकी व परिचालन व्यवस्थाओं का निरीक्षण करेगी। यदि निरीक्षण के दौरान सभी मानक सही पाए गए तो एयरपोर्ट को एयरोड्रम लाइसेंस जारी कर दिया जाएगा। इसके बाद यहां से नियमित विमान सेवाओं का संचालन शुरू हो सकेगा।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड के नोडल अधिकारी शैलेंद्र भाटिया ने बताया कि नगर विमानन सुरक्षा ब्यूरो ने पहले ही एयरपोर्ट के एंटी हाइजैक कंटीजेंसी प्लान को मंजूरी दे दी थी। इसके बाद सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक मूल्यांकन के लिए विस्तृत जांच की गई। जांच पूरी होने के बाद गुरुवार देर शाम BCAS ने एयरपोर्ट को सशर्त समग्र सुरक्षा व्यवस्था के आधार पर एनओसी जारी कर दी।

किसी भी अंतरराष्ट्रीय या घरेलू एयरपोर्ट के लिए एंटी हाइजैक कंटीजेंसी प्लान बेहद महत्वपूर्ण सुरक्षा मानक माना जाता है। यह एक विशेष आपातकालीन सुरक्षा योजना होती है, जो विमान के अपहरण, बम की धमकी या अन्य सुरक्षा खतरे की स्थिति में लागू की जाती है। इस योजना के तहत एयरपोर्ट प्रबंधन, विमानन कंपनियां, सुरक्षा एजेंसियां और सरकारी संस्थान मिलकर समन्वित तरीके से कार्रवाई करते हैं ताकि यात्रियों और विमान की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

अधिकारियों के मुताबिक यह मंजूरी तभी दी जाती है जब एयरपोर्ट पर सभी आवश्यक सुरक्षा उपकरण और व्यवस्थाएं पूरी तरह स्थापित हो जाती हैं और उनकी कार्यक्षमता की जांच भी सफलतापूर्वक पूरी हो जाती है। पिछले काफी समय से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर आधुनिक सुरक्षा उपकरणों की स्थापना और उनकी परीक्षण प्रक्रिया चल रही थी। इसमें निगरानी प्रणाली, सुरक्षा स्कैनर, आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली और अन्य सुरक्षा संसाधनों की क्षमता का आकलन किया गया।

जांच के दौरान सभी सुरक्षा व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप पाई गईं, जिसके बाद BCAS ने एयरपोर्ट को एनओसी जारी कर दी। अधिकारियों का कहना है कि यह मंजूरी एयरपोर्ट संचालन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के लिए एक बड़े बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट के रूप में देखा जा रहा है। इसके शुरू होने के बाद दिल्ली-एनसीआर में हवाई यातायात का दबाव कम होने की उम्मीद है और साथ ही नोएडा, ग्रेटर नोएडा और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों को भी बड़ा लाभ मिलेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि एयरपोर्ट शुरू होने के बाद क्षेत्र में निवेश, रोजगार और व्यापारिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। फिलहाल सभी की नजरें DGCA के निरीक्षण पर टिकी हैं, जिसके बाद यह तय होगा कि जेवर स्थित यह एयरपोर्ट कब से आम यात्रियों के लिए उड़ान सेवाएं शुरू करेगा।

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