Flat Possession Case: कब्जा नहीं देने पर बिल्डर को रकम लौटाने का आदेश, ब्याज भी देना होगा

Flat Possession Case: कब्जा नहीं देने पर बिल्डर को रकम लौटाने का आदेश, ब्याज भी देना होगा
Noida में फ्लैट खरीदारों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। जिला उपभोक्ता आयोग ने एक अहम फैसले में बिल्डर को निर्देश दिया है कि वह तय समय पर फ्लैट का कब्जा न देने पर खरीदार की जमा रकम ब्याज सहित लौटाए।
यह फैसला आयोग के अध्यक्ष Anil Kumar Pundir और सदस्य Anju Sharma की पीठ ने सुनाया। आयोग ने बिल्डर को 30 दिनों के भीतर पूरी राशि 6 प्रतिशत ब्याज के साथ लौटाने का आदेश दिया है।
मामला Greater Noida के तिलपता गांव निवासी खरीदार छोले लाल प्रसाद से जुड़ा है, जिन्होंने 30 जुलाई 2022 को सामिया इंटरनेशनल बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ फ्लैट खरीदने का अनुबंध किया था। यह फ्लैट उत्तराखंड के Rudrapur स्थित एनआरआई लेकसिटी परियोजना में दूसरी मंजिल पर दिया जाना था। फ्लैट की कुल कीमत 9.75 लाख रुपये तय हुई थी।
अनुबंध के अनुसार बिल्डर को पांच साल के भीतर फ्लैट का कब्जा देना था, अन्यथा जमा राशि ब्याज सहित लौटानी थी। खरीदार ने कुल 7,02,460 रुपये का भुगतान भी कर दिया, लेकिन निर्धारित समय तक न तो फ्लैट का निर्माण शुरू हुआ और न ही कब्जा दिया गया।
जब खरीदार ने 28 फरवरी 2023 को साइट पर जाकर जांच की, तो पाया कि वहां कोई निर्माण कार्य शुरू ही नहीं हुआ था। इसके बाद उन्होंने बिल्डर को नोटिस भेजा, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। मजबूर होकर उन्होंने जिला उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया।
सुनवाई के दौरान बिल्डर ने दलील दी कि खरीदार ने शेष रकम का भुगतान नहीं किया, इसलिए वह डिफॉल्टर है। साथ ही कोविड-19 और अन्य कारणों से परियोजना में देरी का हवाला दिया गया।
हालांकि, आयोग ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पाया कि बिल्डर तय समय सीमा में फ्लैट का कब्जा देने में विफल रहा, जो सेवा में स्पष्ट कमी है।
आयोग ने आदेश दिया कि बिल्डर खरीदार को 7,02,460 रुपये की राशि 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ 30 दिन के भीतर लौटाए। इसके अलावा 5,000 रुपये मानसिक पीड़ा और 5,000 रुपये वाद व्यय के रूप में भी भुगतान करने होंगे।
यह फैसला उन हजारों खरीदारों के लिए महत्वपूर्ण है, जो लंबे समय से फ्लैट के कब्जे का इंतजार कर रहे हैं और बिल्डर की लापरवाही से परेशान हैं।





