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Noida Cyber Crime: मैट्रिमोनियल साइट पर प्रेम जाल बिछाकर करोड़ों की ठगी, सरगना गिरफ्तार

Noida Cyber Crime: मैट्रिमोनियल साइट पर प्रेम जाल बिछाकर करोड़ों की ठगी, सरगना गिरफ्तार

नोएडा साइबर क्राइम पुलिस ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए उसके सरगना को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान सैमुअल उर्फ स्टेपनी डेरिक के रूप में हुई है, जिसे फरीदाबाद से पकड़ा गया। पुलिस ने उसके कब्जे से 1800 नायरा, अलग-अलग नामों वाले पासपोर्ट दस्तावेज और पांच मोबाइल फोन बरामद किए हैं।

डीसीपी साइबर शैव्या गोयल के अनुसार आरोपी मैट्रिमोनियल साइट्स और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए जीवनसाथी की तलाश कर रहे लोगों को निशाना बनाता था। वह फर्जी पहचान बनाकर महिलाओं को अपने प्रेम जाल में फंसाता और भावनात्मक रूप से जोड़ने के बाद उन्हें ठगी का शिकार बनाता था।

आरोपी का तरीका बेहद शातिर था। वह पीड़ित महिलाओं को विश्वास दिलाता कि उसने उनके लिए विदेश से महंगा पार्सल भेजा है, जिसे एयरपोर्ट पर रोक लिया गया है। इसके बाद वह कस्टम और सिक्योरिटी के नाम पर अलग-अलग बहाने बनाकर उनसे पैसे ट्रांसफर कराता था। इसी तरह की ठगी में उसने एक पीड़िता से 56 लाख 46 हजार रुपये और दूसरी से 1 करोड़ 26 लाख रुपये की धोखाधड़ी की।

पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी फर्जी लोन दिलाने के नाम पर भी लोगों को ठगता था। इसके अलावा, उसके पास से अलग-अलग नागरिकता और नाम के पासपोर्ट दस्तावेज बरामद हुए हैं, जिससे यह साफ होता है कि वह अपनी पहचान बदलकर कई देशों में सक्रिय रहा है। एक पासपोर्ट अमान्य होने के बाद वह दूसरे देश जाकर नई पहचान बनाता और फिर भारत लौटकर ठगी को अंजाम देता था।

जांच में पता चला कि आरोपी मैट्रिमोनियल वेबसाइट्स से महिलाओं का डाटा निकालता था और आकर्षक प्रोफाइल फोटो का इस्तेमाल कर खुद को बिजनेसमैन बताता था। वह खुद को अलग-अलग देशों का निवासी बताकर भरोसा जीतता और फिर शादी का झांसा देकर अपने जाल में फंसा लेता था।

आरोपी महिलाओं को भारत आकर बसने का झूठा सपना दिखाता और फिर फर्जी फ्लाइट टिकट भेजकर खुद को कस्टम जांच में फंसा हुआ बताता था। इसके बाद वह अलग-अलग बैंक खातों में पैसे जमा कराने के लिए दबाव बनाता था।

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने करीब 15 से 16 महिलाओं को अपने जाल में फंसाने की कोशिश की थी। उसके पास से बरामद लैपटॉप, टैबलेट और अन्य डिजिटल डिवाइसों में कई अहम सबूत मिले हैं, जो इस तरह की ठगी के बड़े नेटवर्क की ओर इशारा करते हैं।

अब तक की जांच में नोएडा साइबर क्राइम थाने में दर्ज मामलों के अलावा आंध्र प्रदेश में दर्ज एनसीआरपी शिकायतों में भी आरोपी की संलिप्तता सामने आई है। पुलिस अब इस अंतरराष्ट्रीय गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है और पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने की कोशिश कर रही है।

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