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Noida Crime: पांच लाख की मांग पूरी नहीं होने पर युवक और दोस्त को बंधक बनाकर बेरहमी से पीटा

Noida Crime: पांच लाख की मांग पूरी नहीं होने पर युवक और दोस्त को बंधक बनाकर बेरहमी से पीटा

नोएडा। कासना कोतवाली क्षेत्र में पांच लाख रुपये की मांग पूरी न होने पर युवक और उसके दोस्त को बंधक बनाकर मारपीट करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने तीन नामजद आरोपियों समेत अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

गाजियाबाद निवासी मनीष शर्मा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उन्होंने 16 दिसंबर 2025 को यूट्यूब पर ‘हनी दूर एंड ट्रेवल’ नामक कंपनी का सेल्फ ड्राइव कार से जुड़ा विज्ञापन देखा था। विज्ञापन में प्रतिदिन 3000 रुपये के किराए पर बलेनो कार उपलब्ध कराने का दावा किया गया था। संपर्क करने पर हेमंत शर्मा नामक व्यक्ति ने उन्हें कार उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया।

पीड़ित के अनुसार 20 दिसंबर को वह तय समय पर अल्फा-1 कमर्शियल बेल्ट स्थित कार्यालय पहुंचे, जहां उनसे आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस की प्रति और करीब 22 हजार रुपये जमा कराए गए। इसके बाद उन्हें कार दे दी गई।

उसी दिन शाम करीब पांच बजे मनीष अपने मित्र विकास सिंह के साथ कार लौटाने के लिए अल्फा-1 मेट्रो स्टेशन पहुंचे। वहां हेमंत शर्मा का भाई तरुण शर्मा मिला। उसने ड्राइवर न होने का बहाना बनाकर मनीष को अपने साथ चलने को कहा। आरोप है कि तरुण उन्हें आमिक्रोन-1 के मथुरापुर स्थित एक मकान में ले गया, जहां पहले से विकास सिंह को कुछ लोग पकड़कर बैठे हुए थे।

मनीष का आरोप है कि वहां हेमंत शर्मा, अनुज बैसला समेत 10-12 लोगों ने दोनों को बंधक बनाकर रॉड और डंडों से बेरहमी से पीटा। इतना ही नहीं, पांच लाख रुपये की मांग की गई। विरोध करने पर मनीष के हाथ के नाखून प्लास से उखाड़ने का प्रयास किया गया। आरोपियों ने उनके मोबाइल फोन से परिजनों को कॉल कर फिरौती की मांग भी की।

घटना की सूचना मिलते ही परिजनों ने डायल-112 पर कॉल कर पुलिस को जानकारी दी। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से दोनों युवकों को आरोपियों के चंगुल से छुड़ाया गया। गंभीर रूप से घायल मनीष को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है।

कोतवाली प्रभारी धर्मेंद्र शुक्ल ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले की गहन जांच की जा रही है और आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इसी तरह अन्य लोगों को भी फर्जी सेल्फ ड्राइव कार के नाम पर फंसाया गया है।

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