Noida: नोएडा प्राधिकरण की 221वीं बोर्ड बैठक कल, 19 अहम प्रस्तावों पर होगी चर्चा, बिल्डरों को मिल सकती है बड़ी राहत

Noida: नोएडा प्राधिकरण की 221वीं बोर्ड बैठक कल, 19 अहम प्रस्तावों पर होगी चर्चा, बिल्डरों को मिल सकती है बड़ी राहत
नोएडा। नोएडा प्राधिकरण की 221वीं बोर्ड बैठक बुधवार को आयोजित की जाएगी। बैठक की अध्यक्षता औद्योगिक विकास आयुक्त (आईडीसी) एवं प्राधिकरण के चेयरमैन दीपक कुमार करेंगे। इस महत्वपूर्ण बैठक में शहर के विकास, नियोजन, आवास, सीवरेज और बिल्डर से जुड़े कुल 19 प्रस्ताव रखे जाएंगे, जिन पर विस्तार से चर्चा के बाद निर्णय लिए जाएंगे। बैठक को लेकर प्राधिकरण के अधिकारियों और स्टेकहोल्डर्स में खासा उत्साह है, क्योंकि इसमें कई ऐसे प्रस्ताव शामिल हैं जिनका सीधा असर आम जनता, किसानों और रियल एस्टेट सेक्टर पर पड़ेगा।
बैठक में ग्रुप हाउसिंग से जुड़े पांच प्रस्ताव, संस्थागत श्रेणी के दो, कामर्शियल के तीन, जन खंड का एक, आवासीय के दो और नियोजन से संबंधित चार प्रस्ताव शामिल किए गए हैं। इसके अलावा यूनिफाइड पॉलिसी 2025 और ग्रुप हाउसिंग बिल्डरों के बकाये से संबंधित अमिताभ कांत समिति की सिफारिशों पर भी मंथन किया जाएगा। माना जा रहा है कि इन प्रस्तावों के जरिए बिल्डरों को कुछ शर्तों के साथ राहत मिल सकती है, वहीं प्राधिकरण के राजस्व और लंबित परियोजनाओं को गति देने की दिशा में भी कदम उठाए जाएंगे।
बैठक का एक अहम मुद्दा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट यानी एसटीपी को लेकर रहेगा। नीरी संस्था द्वारा किए गए सर्वे के अनुसार नोएडा के 24 नालों में से केवल 8 नालों का पानी ही एसटीपी से होकर गुजर रहा है, जबकि बाकी नालों के लिए अभी तक प्रभावी व्यवस्था नहीं हो पाई है। इस समस्या के समाधान के लिए बोर्ड के सामने एक नया प्लान प्रस्तुत किया जाएगा, जिसमें नालों के पास ही एसटीपी लगाने की संभावना पर विचार किया जाएगा। इसके लिए निजी कंपनियों को आमंत्रित कर उनकी तकनीक का प्रेजेंटेशन लिया जाएगा, ताकि सबसे उपयुक्त और कारगर समाधान चुना जा सके।
इसके अलावा किसान कोटे की आवासीय भूखंड योजना 2011 से जुड़े मामलों, आवासीय समितियों के पक्ष में त्रिपक्षीय लीज डीड में आ रही दिक्कतों के समाधान के लिए समिति गठन, और यूनिफाइड पॉलिसी 2025 के तहत कामर्शियल, संस्थागत और औद्योगिक श्रेणियों में आवंटन से संबंधित संशोधनों को लागू करने पर भी चर्चा होगी। सेक्टर-150 स्थित स्पोर्ट्स सिटी एससी-02 के मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुपालन को लेकर भी बोर्ड में प्रस्ताव रखा जाएगा।
बैठक में अमिताभ कांत समिति की सिफारिशों पर भी विशेष चर्चा होने की संभावना है। ग्रुप हाउसिंग बिल्डरों पर बकाया राशि को लेकर लाई गई इन सिफारिशों को पूरी तरह खत्म करने की बजाय उन्हें लागू रखते हुए यह विचार किया जाएगा कि किस तरह बिल्डरों से बकाया राशि जमा कराई जा सकती है और इसके लिए और कौन-कौन से विकल्प अपनाए जा सकते हैं। वहीं वेव मेगा सिटी प्राइवेट लिमिटेड द्वारा सरेंडर डीड के बाद शेष करीब 1.17 लाख वर्गमीटर भूमि के एकीकृत मानचित्र को सैद्धांतिक मंजूरी देने का प्रस्ताव भी बोर्ड के एजेंडे में शामिल है।
कुल मिलाकर नोएडा प्राधिकरण की 221वीं बोर्ड बैठक को शहर के भविष्य के विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार और रियल एस्टेट सेक्टर के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। बैठक में लिए जाने वाले फैसलों का असर आने वाले समय में नोएडा के नियोजन और विकास की दिशा तय करेगा।





