Health Alert India: आपकी थाली बना रही है सेहत या बढ़ा रही है बीमारी का खतरा, विशेषज्ञों ने दी चेतावनी

Health Alert India: आपकी थाली बना रही है सेहत या बढ़ा रही है बीमारी का खतरा, विशेषज्ञों ने दी चेतावनी
नई दिल्ली में विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों की खानपान की आदतों को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है। विशेषज्ञों का कहना है कि आज की असंतुलित भोजन शैली तेजी से गैर-संचारी रोगों (NCD) जैसे हृदय रोग, डायबिटीज और कैंसर का प्रमुख कारण बनती जा रही है। ऐसे में हर व्यक्ति को अपनी रोजमर्रा की थाली पर गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के आंकड़ों के अनुसार, दुनिया भर में हर साल लगभग 4.10 करोड़ लोगों की मौत गैर-संचारी रोगों के कारण होती है, जिनमें खराब खानपान एक बड़ा जोखिम कारक माना जाता है। भारत में स्थिति और भी चिंताजनक है, जहां भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) की रिपोर्ट के अनुसार कुल मौतों में लगभग 63 प्रतिशत हिस्सा इन्हीं बीमारियों का है, जिसका मुख्य कारण असंतुलित आहार, अधिक नमक, चीनी और तेल का सेवन है।
एम्स दिल्ली के ट्रॉमा सेंटर की आहार विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. वसुंधरा मिसरा ने बताया कि एक स्वस्थ व्यक्ति को प्रतिदिन 5 ग्राम से कम नमक का सेवन करना चाहिए, जबकि भारत में औसत खपत 9 से 10 ग्राम प्रतिदिन तक पहुंच चुकी है, जो स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है। उन्होंने यह भी बताया कि कुल दैनिक कैलोरी का 10 प्रतिशत से कम हिस्सा ही ‘फ्री शुगर’ से आना चाहिए, यानी चाय, मिठाई और कोल्ड ड्रिंक जैसी चीजों का सीमित सेवन जरूरी है, ताकि मोटापा, डायबिटीज और हृदय रोग का खतरा कम किया जा सके।
विशेषज्ञों के अनुसार ट्रांस फैट का सेवन भी 1 प्रतिशत से कम होना चाहिए, क्योंकि यह दिल की बीमारियों का बड़ा कारण बनता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि वे अपनी दिनचर्या में छोटे-छोटे लेकिन महत्वपूर्ण बदलाव करें। भोजन में फल, सब्जियां, साबुत अनाज और प्रोटीन को शामिल करें और जंक फूड, अधिक नमक, चीनी और तले-भुने भोजन से दूरी बनाएं।
विशेषज्ञों का कहना है कि संतुलित आहार अपनाकर हृदय रोग, मोटापा और डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। अंत में उन्होंने संदेश दिया कि हर व्यक्ति की सेहत उसकी थाली से ही तय होती है, इसलिए सोच-समझकर भोजन का चुनाव करना बेहद जरूरी है।





