राज्यदिल्ली

Intersex Children Treatment: एम्स ने इंटरसेक्स बच्चों के लिए मुफ्त इलाज और काउंसलिंग की सुविधा दी

Intersex Children Treatment: एम्स ने इंटरसेक्स बच्चों के लिए मुफ्त इलाज और काउंसलिंग की सुविधा दी

नई दिल्ली। बच्चों में इंटरसेक्स कंडीशन या डिफरेंस ऑफ सेक्स डेवलपमेंट (DSD) जैसी जटिलताओं के लिए एम्स दिल्ली ने निशुल्क इलाज और काउंसलिंग की सुविधा शुरू की है। इससे न केवल बच्चों को स्पष्ट लैंगिक पहचान मिल रही है, बल्कि चिंता, अवसाद और सामाजिक अलगाव जैसी मानसिक समस्याओं से भी राहत मिल रही है।

देश में हर साल लाखों बच्चे ऐसे पैदा होते हैं जिनमें जन्म के समय लैंगिक पहचान स्पष्ट नहीं होती। इसे लेकर समाज में कई भ्रांतियां पाई जाती हैं। एम्स दिल्ली ने इस विषय पर विशेषज्ञ संवाद का आयोजन किया, जिसमें एम्स निदेशक और चाइल्ड सर्जन डॉ. एम. श्रीनिवास, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. वंदना जैन, एंडोक्राइनोलॉजिस्ट डॉ. रजनी शर्मा और मनोचिकित्सक डॉ. राजेश सागर उपस्थित थे।

विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि इंटरसेक्स कंडीशन कोई बीमारी नहीं, बल्कि एक जैविक स्थिति है जिसमें बच्चे का सेक्स डेवलपमेंट सामान्य परिभाषाओं से अलग होता है। इसे ट्रांसजेंडर पहचान से अलग समझना जरूरी है। हाल के वर्षों में जेनेटिक और हार्मोनल रिसर्च से इसके कारणों को समझने में बड़ी सफलता मिली है। डॉ. वंदना जैन ने बताया कि हार्मोनल बदलाव या जेनेटिक कारणों से बच्चे के कुछ अंग पूरी तरह विकसित नहीं हो पाते, लेकिन समय पर जांच और इलाज से बच्चे का भविष्य सुरक्षित किया जा सकता है।

पूर्व में ऐसे मामलों में जन्म के तुरंत बाद या बचपन में सर्जरी पर जोर दिया जाता था, लेकिन अब चिकित्सा दृष्टिकोण बदल चुका है। इलाज का फैसला बच्चे के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास को ध्यान में रखकर किया जाता है। डॉ. रजनी शर्मा ने बताया कि मल्टी-डिसिप्लिनरी टीम, जिसमें बाल रोग विशेषज्ञ, एंडोक्राइनोलॉजिस्ट, सर्जन और मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ शामिल हैं, मिलकर इलाज की योजना बनाती है और परिवार की काउंसलिंग भी करती है।

मनोचिकित्सक डॉ. राजेश सागर ने कहा कि यदि जन्म के समय नवजात का लैंगिक पहचान स्पष्ट नहीं हो तो परिवार तुरंत डॉक्टर से संपर्क करे। एम्स ने अब तक असंख्य DSD पीड़ित बच्चों का इलाज किया है, जो आज सामान्य जीवन जी रहे हैं और माता-पिता भी बन चुके हैं। विशेषज्ञों ने बताया कि कभी-कभी यह स्थिति जेनेटिक होती है और एक से अधिक बच्चों में भी पाई जा सकती है। हालांकि, पहले बच्चे के इलाज के बाद अगली गर्भावस्था के दौरान जांच कर स्थिति समय रहते संभाली जा सकती है।

Related Articles

Back to top button
top online casinos in Canada best online casino Canada 2026 top rated online casinos Canada online casinos ranked Canada 2026 top 10 casino sites Canadian players