नई दिल्ली, 18 सितम्बर : गैर संचारी रोग (एनसीडी) की रोकथाम और नियंत्रण के लिए भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) को प्रतिष्ठित यूएन इंटर-एजेंसी टास्क फोर्स पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। यह जानकारी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने बुधवार को दी।
उन्होंने एक्स पर लिखा, आईसीएमआर को एनसीडी, मानसिक स्वास्थ्य और व्यापक एनसीडी-संबंधित सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) की रोकथाम और नियंत्रण के क्षेत्र में उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए यूएन इंटर-एजेंसी टास्क फोर्स अवार्ड के लिए चुना गया है। यह मान्यता सहायक प्रौद्योगिकी में आईसीएमआर के अभिनव कार्य को उजागर करती है, जो सुलभ, किफायती और टिकाऊ समाधान बनाती है और पूरे भारत में एनसीडी व मानसिक स्वास्थ्य चुनौतियों वाले व्यक्तियों के लिए जीवन की गुणवत्ता को बढ़ाती है। स्वास्थ्य मंत्री के मुताबिक सहायक स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी के लिए राष्ट्रीय केंद्र स्थापित करने से लेकर स्थायी सहायक उत्पादों को बढ़ावा देने और दुनिया का सबसे बड़ा एटी सर्वेक्षण आयोजित करने तक आईसीएमआर की पहल एक स्थायी प्रभाव डाल रही है। हम इस महत्वपूर्ण कार्य को जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
क्या है एसडीजी
सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) में से एक लक्ष्य ‘अच्छा स्वास्थ्य और कल्याण’ है। इस लक्ष्य के तहत, सभी देशों को सभी उम्र के लोगों के लिए स्वस्थ जीवन सुनिश्चित करना और कल्याण को बढ़ावा देना है।
