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International Forest Day UP: सीएम योगी ने दिया प्रकृति संरक्षण का संदेश, 9 वर्षों में 242 करोड़ पौधरोपण

International Forest Day UP: सीएम योगी ने दिया प्रकृति संरक्षण का संदेश, 9 वर्षों में 242 करोड़ पौधरोपण

Yogi Adityanath ने Lucknow स्थित Indira Gandhi Pratishthan में अंतरराष्ट्रीय वन दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय वानिकी संवाद के उद्घाटन समारोह में भाग लिया और प्रकृति को “मां” मानकर उसके संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण असंतुलन के इस दौर में वनों का महत्व पहले से कहीं अधिक बढ़ गया है और हर व्यक्ति का कर्तव्य है कि वह प्रकृति की रक्षा करे।

मुख्यमंत्री ने भारतीय वैदिक परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारे ऋषियों ने हजारों वर्ष पहले ही प्रकृति को सर्वोच्च स्थान दिया और धरती को “माता” बताया। उन्होंने कहा कि जब कोई अभियान जन आंदोलन बनता है, तभी उसे वास्तविक सफलता मिलती है। उत्तर प्रदेश में वन संरक्षण और पौधरोपण को जन आंदोलन बनाने का ही परिणाम है कि पिछले 9 वर्षों में 242 करोड़ पौधे लगाए गए हैं और वनाच्छादन में लगातार वृद्धि हुई है।

इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय वन दिवस की थीम ‘फॉरेस्ट एंड इकोनॉमिक्स’ रखी गई है, जो पर्यावरण संरक्षण के साथ आर्थिक विकास के संतुलन पर जोर देती है। मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2017 में प्रदेश में केवल एक रामसर साइट थी, जो अब बढ़कर 11 हो गई है। सरकार का लक्ष्य इसे बढ़ाकर 100 तक ले जाने का है, जिससे वेटलैंड संरक्षण, पर्यटन और जैव विविधता को बढ़ावा मिलेगा।

उन्होंने बताया कि वन महोत्सव के दौरान पहले जहां 5.5 करोड़ पौधे लगाए जाते थे, वहीं अब एक ही दिन में 37 करोड़ पौधरोपण का रिकॉर्ड बनाया गया है। इस वर्ष 35 करोड़ से अधिक पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसे बढ़ाकर 40-45 करोड़ तक ले जाने की तैयारी है। गंगा, यमुना और सरयू नदियों के किनारे, एक्सप्रेस-वे और राजमार्गों के आसपास बड़े पैमाने पर पौधरोपण किया जा रहा है।

 

Dudhwa National Park में इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के साथ कनेक्टिविटी को बेहतर किया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 2,467 ग्रीन इकोनॉमी आधारित उद्योग स्थापित किए गए हैं और कार्बन फाइनेंस प्रोजेक्ट के तहत किसानों को लाभ भी दिया जा रहा है।

उन्होंने यह भी बताया कि देश में इस समय 6,327 डॉल्फिन हैं, जिनमें से 2,397 अकेले उत्तर प्रदेश में पाई जाती हैं। यह ‘नमामि गंगे’ जैसी योजनाओं की सफलता को दर्शाता है। साथ ही गोरखपुर में जटायु संरक्षण केंद्र की स्थापना भी की गई है।

ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है। PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana के तहत अब तक 4 लाख से अधिक रूफटॉप सोलर प्लांट लगाए जा चुके हैं, जिनकी कुल क्षमता 1,400 मेगावाट से अधिक है। इसके अलावा अगले पांच वर्षों में 22,000 मेगावाट रिन्यूएबल एनर्जी विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी, सोलर सिटी मिशन और ग्रीन हाइड्रोजन नीति के जरिए पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने सभी से अपील की कि प्रकृति संरक्षण को जन आंदोलन बनाकर आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करें।

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