ICMR Former Director: खुले नाले में गिरे ICMR के पूर्व वैज्ञानिक, स्थानीय लोगों की सतर्कता से टला बड़ा हादसा
ICMR Former Director: खुले नाले में गिरे ICMR के पूर्व वैज्ञानिक, स्थानीय लोगों की सतर्कता से टला बड़ा हादसा
नोएडा। सेक्टर-122 में गुरुवार को एक गंभीर हादसा होते-होते टल गया, जब भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के पूर्व निदेशक डॉ. आर.एस. शर्मा एक खुले नाले में गिर गए। घटना उस समय हुई जब वे अपनी पत्नी और बेटी के साथ बैंक ऑफ महाराष्ट्र के एटीएम में पैसे निकालने जा रहे थे। स्थानीय लोगों की तत्परता के कारण उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और बड़ा हादसा टल गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बैंक परिसर के प्रवेश द्वार के सामने स्थित खुला नाला लंबे समय से बिना ढके पड़ा हुआ है। इसी दौरान डॉ. शर्मा का संतुलन बिगड़ गया और वे लगभग चार फीट गहरे नाले में जा गिरे। घटना के समय उनके साथ मौजूद पत्नी और बेटी घबरा गईं तथा उन्होंने शोर मचाकर आसपास के लोगों से मदद मांगी। आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और काफी प्रयास के बाद डॉ. शर्मा को नाले से बाहर निकाला। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में उन्हें केवल मामूली चोटें आईं। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय पर मदद नहीं मिलती तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। घटना के बाद क्षेत्रवासियों में नोएडा प्राधिकरण के प्रति नाराजगी देखने को मिली। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि बैंक के सामने स्थित यह नाला करीब एक वर्ष से खुला पड़ा हुआ है और इसके संबंध में कई बार शिकायतें भी की जा चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया। क्षेत्र के पूर्व आरडब्ल्यूए अध्यक्ष डॉ. उमेश शर्मा ने बताया कि खुले नाले की समस्या को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया गया है। इसके बावजूद नाले को ढकने या सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने कहा कि यह केवल लापरवाही नहीं बल्कि लोगों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला है। स्थानीय लोगों के अनुसार प्राधिकरण ने नाले को ढकने का आश्वासन दिया है। अधिकारियों का कहना है कि इसके लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी की जाएगी और उसके बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। हालांकि निवासियों का कहना है कि आश्वासनों से समस्या का समाधान नहीं होगा और जब तक काम शुरू नहीं होता, तब तक यहां हादसों का खतरा बना रहेगा। नोएडा में खुले नालों और गड्ढों के कारण दुर्घटनाओं की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। हाल के वर्षों में कई लोग ऐसे हादसों का शिकार हुए हैं, जिनमें कुछ मामलों में जान भी गई है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि लगातार घटनाओं के बावजूद सुरक्षा संबंधी उपाय पर्याप्त नहीं किए जा रहे हैं। डॉ. आर.एस. शर्मा के साथ हुई यह घटना एक बार फिर शहर में खुले नालों और अधूरी सुरक्षा व्यवस्थाओं की समस्या को उजागर करती है। क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि खुले नालों और गड्ढों को तत्काल ढका जाए, संवेदनशील स्थानों पर चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं और बैरिकेडिंग की व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे को रोका जा सके। लोगों का मानना है कि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए तो ऐसे हादसे आगे भी दोहराए जा सकते हैं। फिलहाल इस घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और प्राधिकरण की कार्यप्रणाली पर कई सवाल उठ रहे हैं।
